शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ
मूल अवधारणा (Core Concept)
गणित में किसी बहुपद (Polynomial) P(x) के शून्यक (Zeroes) वे संख्याएँ होती हैं जिनके लिए बहुपद का मान 0 हो जाता है। अर्थात्, यदि P(x) = 0 है, तो वह ‘x’ शून्यक कहलाता है।
🔍 ज्यामितीय अर्थ (Geometrical Meaning)
ग्राफ के संदर्भ में, शून्यक उन बिंदुओं का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ बहुपद का ग्राफ x-अक्ष को काटता या स्पर्श करता है।
- एक शून्यक = ग्राफ x-अक्ष को 1 बिंदु पर काटता है।
- अनेक शून्यक = ग्राफ x-अक्ष को कई स्थानों पर काटता है।
- दोहराया गया शून्यक = ग्राफ x-अक्ष को केवल स्पर्श (touch) करता है।
इंटरैक्टिव ग्राफ़ एक्सप्लोरर
विभिन्न प्रकार के बहुपदों का चयन करें और देखें कि बीजगणितीय हल ज्यामितीय ग्राफ से कैसे मेल खाता है।
रैखिक बहुपद
P(x) = x – 3
शून्यक ज्ञात करना:
P(x) = 0 रखें
x – 3 = 0 → x = 3
ज्यामितीय व्याख्या:
इसका ग्राफ एक सीधी रेखा है जो x-अक्ष को केवल एक बिंदु (3, 0) पर काटता है। ग्राफ में हरा बिंदु देखें।
द्विघात बहुपद
P(x) = x² – 5x + 6
x² – 2x – 3x + 6 = 0
x(x – 2) – 3(x – 2) = 0
(x – 2)(x – 3) = 0
या x – 3 = 0 → x = 3
अतः शून्यक 2 और 3 हैं।
ग्राफ एक परवलय (Parabola) है जो x-अक्ष को (2,0) और (3,0) पर काटता है।
घनात्मक (त्रिघात) बहुपद
P(x) = x³ – 4x² + x + 6
x = -1 रखने पर:
P(-1) = (-1)³ – 4(-1)² + (-1) + 6 = -1 – 4 – 1 + 6 = 0
अतः x = -1 पहला शून्यक है, और (x + 1) एक गुणनखंड है।
P(x) को (x + 1) से भाग देने पर भागफल (x² – 5x + 6) मिलता है।
x² – 5x + 6 = 0 (द्विघात के समान)
(x – 2)(x – 3) = 0
शून्यक: x = 2, x = 3
अंतिम शून्यक: -1, 2, और 3 (ग्राफ x-अक्ष को 3 जगह काटता है)
प्रश्नावली 2.1 सिम्युलेटर
नियम: ग्राफ x-अक्ष को जितनी बार प्रतिच्छेद (intersect) या स्पर्श (touch) करता है, शून्यकों की संख्या उतनी ही होती है।
स्थिति चुनें: