MP Board Class 12 Chemistry: Rate of Chemical Reaction रासायनिक अभिक्रिया का वेग – संपूर्ण अध्ययन और गणितीय विश्लेषण

MP Board Class 12 Chemistry: Rate of Chemical Reaction : कक्षा 12 रसायन विज्ञान (Chemistry) के अध्याय ‘रासायनिक बलगतिकी’ (Chemical Kinetics) के अंतर्गत ‘रासायनिक अभिक्रिया का वेग’ (Rate of Reaction) का विस्तृत अध्ययन। MP Board Class 12 Chemistry: Rate of Chemical Reaction में औसत वेग, तात्क्षणिक वेग, वेग को प्रभावित करने वाले कारक, ग्राफीय निरूपण और बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हल सहित संख्यात्मक प्रश्न (Numericals) शामिल हैं।

MP Board Class 12 Chemistry: Rate of Chemical Reaction

1. प्रस्तावना: रासायनिक बलगतिकी (Introduction to Chemical Kinetics)

रसायन विज्ञान में किसी भी रासायनिक अभिक्रिया का अध्ययन मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर किया जाता है:

  1. ऊष्मागतिकी (Thermodynamics): यह बताती है कि कोई अभिक्रिया संभव (Feasible) है या नहीं। (अर्थात् \Delta G का मान ऋणात्मक है या नहीं)।
  2. रासायनिक साम्य (Chemical Equilibrium): यह बताता है कि कोई अभिक्रिया किस सीमा (Extent) तक संपन्न होगी।
  3. रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics): ऊष्मागतिकी और साम्य यह नहीं बता सकते कि अभिक्रिया को पूरा होने में कितना समय लगेगा। रसायन विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत रासायनिक अभिक्रियाओं के वेग (Speed या Rate) और उनकी क्रियाविधि (Mechanism) का अध्ययन किया जाता है, उसे रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics) कहते हैं।

वेग के आधार पर रासायनिक अभिक्रियाएं तीन प्रकार की होती हैं:

  • अत्यंत तीव्र अभिक्रियाएं (Very Fast Reactions): जैसे आयनिक अभिक्रियाएं (AgNO_3 और NaCl का मिलना), जो 10^{-12} से 10^{-16} सेकंड में पूरी हो जाती हैं। इनका वेग मापना बहुत कठिन है।
  • अत्यंत मंद अभिक्रियाएं (Very Slow Reactions): जैसे लोहे पर जंग लगना, जिसमें महीनों या वर्षों का समय लगता है।
  • मध्यम वेग वाली अभिक्रियाएं (Moderate Reactions): जैसे सुक्रोज का प्रतिपन (Inversion of cane sugar) या एस्टर का जल अपघटन। हम रासायनिक बलगतिकी में मुख्य रूप से इन्हीं मध्यम वेग वाली अभिक्रियाओं के वेग का अध्ययन करते हैं।

2. रासायनिक अभिक्रिया का वेग (Rate of Chemical Reaction)

जैसे किसी वाहन की चाल (Speed) उसकी दूरी में समय के साथ परिवर्तन को दर्शाती है, उसी प्रकार किसी रासायनिक अभिक्रिया का वेग (Rate of Reaction) यह बताता है कि समय के साथ अभिकारकों (Reactants) या उत्पादों (Products) की मात्रा में कितना परिवर्तन हो रहा है।

परिभाषा (Definition):

एकांक समय अंतराल (Unit time interval) में किसी अभिकारक या उत्पाद की सांद्रता (Concentration) में होने वाले परिवर्तन को रासायनिक अभिक्रिया का वेग कहते हैं।

चूँकि अभिक्रिया के दौरान अभिकारकों (Reactants, R) की सांद्रता लगातार घटती है और उत्पादों (Products, P) की सांद्रता लगातार बढ़ती है, इसलिए वेग को दोनों के पदों में व्यक्त किया जा सकता है।

    \[\text{अभिक्रिया का वेग (Rate)} = \frac{\text{सांद्रता में परिवर्तन}}{\text{परिवर्तन में लगा समय}}\]

यदि समय t_1 पर अभिकारक की सांद्रता [R_1] और उत्पाद की सांद्रता [P_1] है, तथा समय t_2 पर सांद्रता क्रमशः [R_2] और [P_2] हो जाए, तो:

  • समय अंतराल: \Delta t = t_2 - t_1
  • अभिकारक की सांद्रता में परिवर्तन: \Delta [R] = [R_2] - [R_1]
  • उत्पाद की सांद्रता में परिवर्तन: \Delta [P] = [P_2] - [P_1]

अभिक्रिया का औसत वेग (Average Rate, r_{av}):

    \[r_{av} = -\frac{\Delta [R]}{\Delta t} = +\frac{\Delta [P]}{\Delta t} \quad \dots (1)\]

ऋणात्मक चिह्न (-) का महत्व:

समीकरण में अभिकारक की सांद्रता के आगे ऋणात्मक चिह्न लगाया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि समय के साथ अभिकारक की सांद्रता घटती है, अतः \Delta [R] का मान ऋणात्मक (Negative) आता है। चूँकि अभिक्रिया का वेग कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता, इसलिए इसे धनात्मक (Positive) बनाने के लिए सूत्र में पहले से ही एक ऋण चिह्न (-) लगा दिया जाता है। उत्पादों के लिए यह धनात्मक (+) ही रहता है क्योंकि उनकी सांद्रता समय के साथ बढ़ती है।

वेग की इकाइयाँ (Units of Rate of Reaction):

  • सांद्रता की इकाई = \text{mol L}^{-1}
  • समय की इकाई = \text{s} (सेकंड) या \text{min} (मिनट)अतः, अभिक्रिया वेग की इकाई \text{mol L}^{-1} \text{s}^{-1} (मोल प्रति लीटर प्रति सेकंड) होती है।गैसीय अभिक्रियाओं के लिए, सांद्रता को आंशिक दाब (Partial pressure) के रूप में मापा जाता है, तब वेग की इकाई \text{atm s}^{-1} होती है।

3. अभिक्रिया वेग के प्रकार (Types of Rate of Reaction)

रासायनिक अभिक्रिया का वेग समय के साथ स्थिर नहीं रहता है। जैसे-जैसे अभिकारक खर्च होते हैं, अभिक्रिया धीमी होती जाती है। इसलिए हम वेग को दो रूपों में मापते हैं:

3.1 औसत वेग (Average Rate)

किसी निश्चित समय अंतराल (\Delta t) में अभिकारक या उत्पाद की सांद्रता में हुए कुल परिवर्तन को औसत वेग कहते हैं। (ऊपर दिया गया समीकरण 1 औसत वेग को ही दर्शाता है)। यह एक बड़े समय अंतराल के लिए मापा जाता है।

3.2 तात्क्षणिक वेग (Instantaneous Rate)

किसी विशेष क्षण (Particular instant of time) पर अभिक्रिया के वास्तविक वेग को तात्क्षणिक वेग कहते हैं।

औसत वेग तात्क्षणिक वेग के बराबर तब होता है जब समय अंतराल (\Delta t) अनंतसूक्ष्म (Infinitesimally small) होकर शून्य की ओर अग्रसर हो (\Delta t \rightarrow 0)।

गणितीय रूप में (Calculus की भाषा में), तात्क्षणिक वेग को अवकलन (Derivatives) के रूप में दर्शाते हैं:

    \[r_{inst} = \lim_{\Delta t \to 0} \left( -\frac{\Delta [R]}{\Delta t} \right) = -\frac{d[R]}{dt}\]

    \[r_{inst} = \lim_{\Delta t \to 0} \left( +\frac{\Delta [P]}{\Delta t} \right) = +\frac{d[P]}{dt} \quad \dots (2)\]

4. रससमीकरणमितीय गुणांक और अभिक्रिया वेग (Stoichiometry and Rate of Reaction)

कई अभिक्रियाओं में अभिकारकों और उत्पादों के मोलो की संख्या समान नहीं होती है।

उदाहरण के लिए:

    \[\text{H}_2(g) + \text{I}_2(g) \rightarrow 2\text{HI}(g)\]

इस अभिक्रिया में, 1 मोल H_2 और 1 मोल I_2 के गायब होने पर 2 मोल HI बनते हैं। इसका अर्थ है कि HI के बनने की दर, H_2 या I_2 के गायब होने की दर से दोगुनी है।

सभी अभिकारकों और उत्पादों के संदर्भ में समान अभिक्रिया वेग प्राप्त करने के लिए, उनके सांद्रता परिवर्तन की दर को संतुलित रासायनिक समीकरण के रससमीकरणमितीय गुणांकों (Stoichiometric Coefficients) से भाग दे दिया जाता है।

सामान्य समीकरण:

    \[aA + bB \rightarrow cC + dD\]

इस अभिक्रिया के लिए वेग का गणितीय निरूपण इस प्रकार होगा:

    \[\text{Rate} = -\frac{1}{a}\frac{d[A]}{dt} = -\frac{1}{b}\frac{d[B]}{dt} = +\frac{1}{c}\frac{d[C]}{dt} = +\frac{1}{d}\frac{d[D]}{dt} \quad \dots (3)\]

उदाहरण: अमोनिया के निर्माण की हैबर विधि (Haber’s Process)

    \[\text{N}_2(g) + 3\text{H}_2(g) \rightarrow 2\text{NH}_3(g)\]

इसके लिए अभिक्रिया वेग होगा:

    \[\text{Rate} = -\frac{d[\text{N}_2]}{dt} = -\frac{1}{3}\frac{d[\text{H}_2]}{dt} = +\frac{1}{2}\frac{d[\text{NH}_3]}{dt}\]

5. अभिक्रिया वेग का ग्राफीय निरूपण (Graphical Representation of Rate)

ग्राफ की मदद से औसत और तात्क्षणिक वेग को बहुत आसानी से समझा जा सकता है।

  1. अभिकारक का ग्राफ (Reactants Graph): यदि हम समय (Time, x-अक्ष) और अभिकारक की सांद्रता (Concentration, y-अक्ष) के बीच ग्राफ खींचते हैं, तो हमें नीचे की ओर गिरता हुआ एक वक्र (Decreasing curve) प्राप्त होता है।
  2. उत्पाद का ग्राफ (Products Graph): समय और उत्पाद की सांद्रता के बीच ग्राफ खींचने पर ऊपर की ओर उठता हुआ वक्र (Increasing curve) प्राप्त होता है, क्योंकि समय के साथ उत्पाद बढ़ता है।

तात्क्षणिक वेग ज्ञात करना:

ग्राफ में किसी विशेष समय t पर तात्क्षणिक वेग (Instantaneous rate) ज्ञात करने के लिए, वक्र पर उस समय t के संगत बिंदु पर एक स्पर्श रेखा (Tangent) खींची जाती है।

इस स्पर्श रेखा का ढाल (Slope / Gradient) ही तात्क्षणिक वेग के बराबर होता है।

    \[\text{तात्क्षणिक वेग} = \text{स्पर्श रेखा का ढाल (Slope)} = \tan \theta\]

  • अभिकारक के लिए ढाल ऋणात्मक होगा: \text{Rate} = -\text{Slope}
  • उत्पाद के लिए ढाल धनात्मक होगा: \text{Rate} = +\text{Slope}

6. रासायनिक अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting the Rate of Reaction)

रासायनिक अभिक्रिया का वेग स्थिर नहीं होता; यह कई बाह्य कारकों पर निर्भर करता है। संघट्ट सिद्धांत (Collision Theory) के अनुसार, अभिक्रिया तभी होती है जब अभिकारकों के अणु आपस में प्रभावी रूप से टकराते हैं। जो कारक इन प्रभावी संघट्टों की संख्या (Effective collisions) बढ़ाते हैं, वे अभिक्रिया का वेग भी बढ़ाते हैं।

1. अभिकारकों की सांद्रता (Concentration of Reactants):

सामान्यतः अभिकारकों की सांद्रता बढ़ाने पर अभिक्रिया का वेग बढ़ जाता है। सांद्रता अधिक होने पर प्रति एकांक आयतन (per unit volume) में अणुओं की संख्या बढ़ जाती है। इससे अणुओं के बीच आपस में टकराने (Collisions) की संभावना बढ़ जाती है, जिससे वेग बढ़ जाता है। (यह द्रव्यपाती क्रिया के नियम या वेग नियम पर आधारित है)।

2. तापमान (Temperature):

तापमान का अभिक्रिया के वेग पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। तापमान बढ़ाने पर अभिकारकों के अणुओं की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है। इससे उन अणुओं का अंश (fraction of molecules) बढ़ जाता है जिनकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) से अधिक होती है।

नियम: सामान्यतः, किसी रासायनिक अभिक्रिया का तापमान प्रत्येक 10^\circ C बढ़ाने पर उसका वेग लगभग दोगुना या तिगुना हो जाता है। (इसे आरेनियस समीकरण द्वारा स्पष्ट रूप से समझाया जाता है)।

3. उत्प्रेरक की उपस्थिति (Presence of Catalyst):

उत्प्रेरक वह बाहरी पदार्थ है जो स्वयं रासायनिक रूप से परिवर्तित हुए बिना अभिक्रिया के वेग को बढ़ा देता है।

उत्प्रेरक अभिक्रिया के लिए एक ऐसा नया वैकल्पिक मार्ग (Alternative pathway) प्रदान करता है जिसकी सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) कम होती है। सक्रियण ऊर्जा कम होने से अधिक अणु ऊर्जा अवरोध (Energy barrier) को पार कर लेते हैं और वेग बढ़ जाता है।

4. अभिकारकों का पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area of Reactants):

यदि अभिकारक ठोस अवस्था में हैं, तो उनका पृष्ठीय क्षेत्रफल वेग को बहुत प्रभावित करता है। ठोस के टुकड़ों की तुलना में, यदि अभिकारक को बारीक चूर्ण (Powdered form) के रूप में लिया जाए, तो उसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बहुत अधिक हो जाता है। क्षेत्रफल जितना अधिक होगा, अन्य अभिकारकों के साथ संपर्क और संघट्ट (collisions) उतने ही अधिक होंगे, जिससे अभिक्रिया तेजी से होगी। (जैसे- लकड़ी के बड़े लट्ठे की तुलना में बुरादा तेजी से जलता है)।

5. अभिकारकों की प्रकृति (Nature of Reactants):

विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं में पुराने बंध (Bonds) टूटते हैं और नए बंध बनते हैं। यदि अभिकारकों के अणुओं के बीच के बंध मजबूत हैं, तो उन्हें तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए और अभिक्रिया धीमी होगी। आयनिक अभिक्रियाएं (Ionic reactions) अक्सर सहसंयोजक अभिक्रियाओं (Covalent reactions) की तुलना में तीव्र होती हैं।

6. विकिरण का प्रभाव (Effect of Radiation / Light):

कुछ अभिक्रियाएं केवल प्रकाश की उपस्थिति में ही होती हैं या प्रकाश पड़ने पर उनका वेग बहुत अधिक बढ़ जाता है। इन्हें प्रकाश रासायनिक अभिक्रियाएं (Photochemical reactions) कहते हैं।

उदाहरण: H_2(g) + Cl_2(g) \xrightarrow{h\nu} 2HCl(g)

अंधेरे में यह अभिक्रिया नगण्य वेग से होती है, लेकिन सूर्य के प्रकाश में अत्यंत तीव्र हो जाती है।

7. वेग नियम और वेग स्थिरांक (Rate Law and Rate Constant)

अभिकारकों की सांद्रता और अभिक्रिया के वेग के बीच के प्रायोगिक (Experimental) संबंध को वेग नियम (Rate Law) कहते हैं।

माना एक सामान्य अभिक्रिया है:

    \[aA + bB \rightarrow \text{उत्पाद}\]

वेग नियम के अनुसार, इस अभिक्रिया का वेग अभिकारकों की सांद्रता के कुछ घातांकों (Powers) के समानुपाती होता है, जो आवश्यक नहीं कि संतुलित समीकरण के रससमीकरणमितीय गुणांकों (a, b) के बराबर हों। ये घातांक केवल प्रयोगों द्वारा ही ज्ञात किए जा सकते हैं।

    \[\text{Rate} \propto [A]^x [B]^y\]

    \[\text{Rate} = k [A]^x [B]^y \quad \dots (4)\]

जहाँ:

  • k = वेग स्थिरांक (Rate Constant) या विशिष्ट अभिक्रिया वेग (Specific Reaction Rate)
  • x और y प्रायोगिक रूप से निर्धारित घातांक हैं।
  • (x + y) को अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction) कहते हैं।

वेग स्थिरांक (k) की परिभाषा:

यदि समीकरण (4) में [A] = 1 \text{ mol L}^{-1} और [B] = 1 \text{ mol L}^{-1} (इकाई सांद्रता) रख दिया जाए, तो:

    \[\text{Rate} = k \times (1)^x \times (1)^y \implies \text{Rate} = k\]

अर्थात्, “जब सभी अभिकारकों की सांद्रता इकाई (Unity) होती है, तो उस समय अभिक्रिया का वेग ही विशिष्ट अभिक्रिया वेग या वेग स्थिरांक (k) कहलाता है।”

वेग स्थिरांक (k) की विशेषताएँ:

  1. k का मान केवल तापमान (Temperature) और उत्प्रेरक पर निर्भर करता है, अभिकारकों की सांद्रता पर नहीं।
  2. बड़े k का अर्थ है अत्यंत तीव्र अभिक्रिया और छोटे k का अर्थ है मंद अभिक्रिया।
  3. इसकी इकाई अभिक्रिया की कोटि (Order) पर निर्भर करती है।

8. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हल सहित संख्यात्मक प्रश्न (Solved Numericals)

बोर्ड परीक्षा में रससमीकरणमितीय गुणांकों (Stoichiometric coefficients) और तात्क्षणिक वेग पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

उदाहरण 1: वेग का गणितीय निरूपण

निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए:

    \[2N_2O_5(g) \rightarrow 4NO_2(g) + O_2(g)\]

N_2O_5 के लुप्त होने (disappearance) की दर 2.5 \times 10^{-2} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1} है। ज्ञात कीजिए:

(i) अभिक्रिया का वेग (Rate of Reaction)

(ii) NO_2 के निर्माण की दर (Rate of appearance of NO_2)

हल:

दी गई अभिक्रिया: 2N_2O_5 \rightarrow 4NO_2 + O_2

N_2O_5 के लुप्त होने की दर = -\frac{d[N_2O_5]}{dt} = 2.5 \times 10^{-2} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1}

(i) अभिक्रिया का वेग (Rate of Reaction):

सूत्र के अनुसार: \text{Rate} = -\frac{1}{2} \frac{d[N_2O_5]}{dt}

    \[\text{Rate} = \frac{1}{2} \times (2.5 \times 10^{-2})\]

    \[\text{Rate} = 1.25 \times 10^{-2} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1}\]

उत्तर (i): अभिक्रिया का वेग 1.25 \times 10^{-2} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1} है।

(ii) NO_2 के निर्माण की दर:

सूत्र के अनुसार: \text{Rate} = +\frac{1}{4} \frac{d[NO_2]}{dt}

अतः, \frac{d[NO_2]}{dt} = 4 \times \text{Rate}

    \[\frac{d[NO_2]}{dt} = 4 \times (1.25 \times 10^{-2})\]

    \[\frac{d[NO_2]}{dt} = 5.0 \times 10^{-2} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1}\]

उत्तर (ii):NO_2 के निर्माण की दर 5.0 \times 10^{-2} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1} है।

उदाहरण 2: औसत वेग की गणना

R \rightarrow P अभिक्रिया के लिए, अभिकारक की सांद्रता 0.03 \text{ M} से घटकर 25 मिनट में 0.02 \text{ M} हो जाती है। समय को सेकंड (seconds) में दर्शाते हुए औसत वेग की गणना कीजिए।

हल:

दिया गया है:

प्रारंभिक सांद्रता [R_1] = 0.03 \text{ M}

अंतिम सांद्रता [R_2] = 0.02 \text{ M}

समय अंतराल \Delta t = 25 \text{ मिनट} = 25 \times 60 \text{ सेकंड} = 1500 \text{ सेकंड}

औसत वेग का सूत्र:

    \[r_{av} = -\frac{\Delta [R]}{\Delta t} = -\frac{([R_2] - [R_1])}{\Delta t}\]

    \[r_{av} = -\frac{(0.02 - 0.03)}{1500}\]

    \[r_{av} = -\frac{(-0.01)}{1500} = \frac{0.01}{1500}\]

    \[r_{av} = \frac{1 \times 10^{-2}}{15 \times 10^2} = \frac{1}{15} \times 10^{-4}\]

    \[r_{av} = 0.0666 \times 10^{-4} = 6.66 \times 10^{-6} \text{ M s}^{-1}\]

उत्तर: अभिक्रिया का औसत वेग 6.66 \times 10^{-6} \text{ mol L}^{-1} \text{s}^{-1} होगा।

उदाहरण 3: वेग नियम पर आधारित प्रश्न

एक अभिक्रिया A + B \rightarrow C के लिए वेग नियम (Rate Law) निम्नलिखित रूप में दिया गया है:

\text{Rate} = k [A]^1 [B]^2

यदि A की सांद्रता को आधा कर दिया जाए और B की सांद्रता को दोगुना कर दिया जाए, तो अभिक्रिया का नया वेग प्रारंभिक वेग का कितने गुना हो जाएगा?

हल:

प्रारंभिक वेग: \text{Rate}_1 = k [A][B]^2 \quad \dots (i)

नई सांद्रता: [A]' = \frac{[A]}{2} और [B]' = 2[B]

नया वेग: \text{Rate}_2 = k \left(\frac{[A]}{2}\right) (2[B])^2

    \[\text{Rate}_2 = k \left(\frac{[A]}{2}\right) \times 4[B]^2\]

    \[\text{Rate}_2 = k \times \frac{4}{2} \times [A][B]^2\]

    \[\text{Rate}_2 = 2 \times k [A][B]^2 \quad \dots (ii)\]

 <!-- /wp:paragraph -->  <!-- wp:paragraph --> समीकरण (i) से\text{Rate}_1

*** QuickLaTeX cannot compile formula:
का मान (ii) में रखने पर:
<!-- /wp:paragraph -->
<!-- wp:paragraph -->
<span class="ql-right-eqno">   </span><span class="ql-left-eqno">   </span><img src="https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-bcd4fc7c6bc58060a9bedf5cbf449170_l3.png" height="14" width="142" class="ql-img-displayed-equation " alt="\[\text{Rate}_2 = 2 \times \text{Rate}_1\]" title="Rendered by QuickLaTeX.com"/>
<!-- /wp:paragraph -->
<!-- wp:paragraph -->
<strong>उत्तर:</strong> अभिक्रिया का नया वेग प्रारंभिक वेग का 2 गुना (दो गुना) हो जाएगा।
<!-- /wp:paragraph -->
<!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading">9. कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षा टिप्स (Exam Tips for 12th Students)</h3>
<!-- /wp:heading -->
<!-- wp:list {"ordered":true,"start":1} -->
<ol start="1" class="wp-block-list"><!-- wp:list-item -->
<li><strong>इकाइयों (Units) का विशेष ध्यान:</strong> अभिक्रिया वेग (Rate of Reaction) और वेग स्थिरांक (

*** Error message:
Unicode character क (U+0915)
leading text: क
Unicode character ा (U+093E)
leading text: का
Unicode character म (U+092E)
leading text: का म
Unicode character ा (U+093E)
leading text: का मा
Unicode character न (U+0928)
leading text: का मान
Unicode character म (U+092E)
leading text: का मान (ii) म
Unicode character े (U+0947)
leading text: का मान (ii) मे
Unicode character ं (U+0902)
leading text: का मान (ii) में
Unicode character र (U+0930)
leading text: का मान (ii) में र
Unicode character ख (U+0916)
leading text: का मान (ii) में रख
Unicode character न (U+0928)
leading text: का मान (ii) में रखन

k) में अंतर होता है। अभिक्रिया वेग की इकाई हमेशा\text{mol L}^{-1} \text{s}^{-1}होती है। परंतु वेग स्थिरांक (k) की इकाई अभिक्रिया की कोटि (Order) पर निर्भर करती है। (जैसे- शून्य कोटि के लिए\text{mol L}^{-1} \text{s}^{-1}, प्रथम कोटि के लिए\text{s}^{-1})।</li> <!-- /wp:list-item -->  <!-- wp:list-item --> <li><strong>समीकरणों का निरूपण (Expression formulation):</strong> रससमीकरणमितीय गुणांक (Stoichiometric coefficient) को हमेशा हर (Denominator) में लिखना न भूलें। उदाहरण के लिए3A \rightarrow 2Bके लिए Rate =-\frac{1}{3}\frac{d[A]}{dt} = +\frac{1}{2}\frac{d[B]}{dt}। यदि आप3\frac{d[A]}{dt}$ लिखते हैं तो यह पूरी तरह गलत होगा।
  • प्रभावित करने वाले कारक: ‘तापमान’ और ‘उत्प्रेरक’ का प्रभाव परीक्षा में अक्सर दीर्घ उत्तरीय या कारण-बताओ (Reasoning) वाले प्रश्नों में पूछा जाता है। इसे सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) और संघट्ट सिद्धांत (Collision theory) से जोड़कर उत्तर दें, आपको शत-प्रतिशत अंक मिलेंगे।
  • 10. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

    प्रश्न 1: तात्क्षणिक वेग (Instantaneous rate) औसत वेग (Average rate) से अधिक उपयोगी क्यों है?

    उत्तर: औसत वेग एक बड़े समय अंतराल में वेग को दर्शाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि समय के साथ अभिकारकों की सांद्रता घटने के कारण अभिक्रिया का वेग हर सेकंड कम होता जाता है। इसलिए, किसी भी क्षण पर अभिक्रिया की सही और सटीक गति जानने के लिए तात्क्षणिक वेग का उपयोग किया जाता है।

    प्रश्न 2: क्या रासायनिक अभिक्रिया का वेग कभी शून्य हो सकता है?

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    उत्तर: सैद्धांतिक रूप से, जब तक सभी अभिकारक पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते, वेग शून्य नहीं होता। हालांकि, जब अभिक्रिया साम्यावस्था (Equilibrium) में पहुँच जाती है, तो अग्र अभिक्रिया (Forward reaction) का वेग और प्रतीप अभिक्रिया (Backward reaction) का वेग बराबर हो जाता है, जिससे नेट वेग (Net rate) शून्य प्रतीत होता है।

    प्रश्न 3: चूर्ण रूप (Powdered form) में अभिकारक लेने पर अभिक्रिया तेजी से क्यों होती है?

    उत्तर: चूर्ण रूप में अभिकारकों का पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) बहुत अधिक बढ़ जाता है। पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ने से अभिकारकों के अणुओं के बीच होने वाले प्रभावी संघट्टों (Effective collisions) की संख्या बढ़ जाती है, जिससे अभिक्रिया का वेग भी बढ़ जाता है।

    प्रश्न 4: द्रव्यपाती क्रिया के नियम (Law of Mass Action) और वेग नियम (Rate Law) में क्या अंतर है?

    उत्तर: द्रव्यपाती क्रिया का नियम एक सैद्धांतिक (Theoretical) संकल्पना है जो संतुलित समीकरण के गुणांकों को सीधे घात (power) के रूप में उपयोग करता है। इसके विपरीत, वेग नियम (Rate Law) एक प्रायोगिक (Experimental) संकल्पना है; इसमें सांद्रता की घात प्रयोगों द्वारा निर्धारित की जाती है, जो संतुलित समीकरण के गुणांकों के बराबर हो भी सकती है और नहीं भी।