Chemistry Abnormal Molar Mass & Van’t Hoff Factor : MP Board कक्षा 12 रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण विषय ‘असामान्य मोलर द्रव्यमान’ (Abnormal Molar Mass) और ‘वान्ट हॉफ गुणक’ (Van’t Hoff Factor) का विस्तृत अध्ययन। अणुसंख्य गुणों के संशोधित सूत्र और NCERT उदाहरणों (1.12, 1.13) के सटीक हल।
असामान्य मोलर द्रव्यमान (Abnormal Molar Mass) क्या है?
जब किसी विलेय (Solute) को विलायक (Solvent) में घोला जाता है, तो कुछ पदार्थों का प्रायोगिक रूप से ज्ञात किया गया मोलर द्रव्यमान उनके वास्तविक (सामान्य) द्रव्यमान से भिन्न (कम या अधिक) प्राप्त होता है। इस द्रव्यमान को असामान्य मोलर द्रव्यमान कहा जाता है। यह मुख्य रूप से दो कारणों से होता है:
- वियोजन (Dissociation): जब KCl या NaCl जैसे आयनिक पदार्थों को जल में घोला जाता है, तो वे धनायनों और ऋणायनों में वियोजित हो जाते हैं। इससे विलयन में कणों की संख्या बढ़ जाती है। चूँकि अणुसंख्य गुण (Colligative properties) कणों की संख्या के समानुपाती होते हैं, इसलिए अणुसंख्य गुण का मान बढ़ जाता है और परिकलित मोलर द्रव्यमान वास्तविक द्रव्यमान से कम आता है।
- संगुणन (Association): बेन्जीन जैसे कम परावैद्युतांक (dielectric constant) वाले विलायकों में एथेनॉइक अम्ल (Acetic acid) के अणु हाइड्रोजन बंध के कारण जुड़कर द्वितय (dimer) बना लेते हैं। इससे विलयन में कणों की कुल संख्या घट जाती है, जिससे अणुसंख्य गुण का मान कम हो जाता है और परिकलित मोलर द्रव्यमान अनुमानित मान का लगभग दोगुना हो जाता है।
वान्ट हॉफ गुणक (Van’t Hoff Factor,
)
विलयन में विलेय के वियोजन या संगुणन की सीमा का निर्धारण करने के लिए वर्ष 1880 में वान्ट हॉफ ने एक नया गुणक प्रतिपादित किया, जिसे वान्ट हॉफ गुणक (
) कहते हैं। इसे निम्नलिखित सूत्रों द्वारा परिभाषित किया जा सकता है:
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इस विषय का महत्व (Importance):
रसायन विज्ञान और औद्योगिक अनुप्रयोगों में वास्तविक विलयनों का व्यवहार आदर्श विलयनों से अलग होता है। वान्ट हॉफ गुणक हमें यह समझने में मदद करता है कि वैद्युत अपघट्य (Electrolytes) वास्तविक परिस्थितियों में कैसा व्यवहार करेंगे:
- संगुणन की स्थिति में:
(जैसे बेन्जीन में एथेनॉइक अम्ल के लिए
)। - वियोजन की स्थिति में:
(जैसे जलीय KCl या NaCl के लिए
तथा
के लिए
)। - न वियोजन, न संगुणन:
(जैसे यूरिया, ग्लूकोस)।
अणुसंख्य गुणों के लिए संशोधित समीकरण
वान्ट हॉफ गुणक को शामिल करने पर अणुसंख्य गुणों की गणना करने वाले सभी समीकरण निम्नलिखित रूप में संशोधित हो जाते हैं:
- विलायक के वाष्पदाब में आपेक्षिक अवनमन:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[\frac{p_1^0 - p_1}{p_1^0} = i \cdot \frac{n_2}{n_1}\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-d7078795ec2943a3d9eed235358b20b2_l3.png)
- क्वथनांक का उन्नयन:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[\Delta T_b = i \cdot K_b \cdot m\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-d876117b159b8d5b857c098409e175e1_l3.png)
- हिमांक का अवनमन:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[\Delta T_f = i \cdot K_f \cdot m\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-e5144bf90dff745739d9c6bd4d319acf_l3.png)
- विलयन का परासरण दाब:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[\Pi = \frac{i \cdot n_2 \cdot R \cdot T}{V}\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-9f33e2bac135346bb029ec74796b95e3_l3.png)
पाठ्यपुस्तक के महत्वपूर्ण उदाहरणों के हल (Solved Questions)
उदाहरण 1.12: 2 g बेन्जोइक अम्ल 25 g बेन्जीन में घोलने पर हिमांक में 1.62 K का अवनमन होता है। बेन्जीन के लिए मोलल अवनमन स्थिरांक 4.9 K kg mol⁻¹ है। यदि यह विलयन में द्वितय (dimer) बनाता है तो अम्ल का संगुणन कितने प्रतिशत होगा?
हल:
विलेय (बेन्जोइक अम्ल) का द्रव्यमान, ![]()
विलायक (बेन्जीन) का द्रव्यमान, ![]()
हिमांक में अवनमन, ![]()
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असामान्य (प्रेक्षित) मोलर द्रव्यमान (
) की गणना:
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बेन्जोइक अम्ल (
) का सामान्य मोलर द्रव्यमान = 122 g mol⁻¹
वान्ट हॉफ गुणक (
):
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द्वितय निर्माण (Dimerization) के लिए समीकरण:
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यदि संगुणन की मात्रा
है, तो साम्यावस्था पर कुल मोल:
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संगुणन प्रतिशत = 0.992 × 100 = 99.2%
उदाहरण 1.13: 1.06 g mL⁻¹ घनत्व वाले ऐसीटिक अम्ल (
) के 0.6 mL को 1 लीटर जल में घोला गया। अम्ल की इस सांद्रता के लिए हिमांक में अवनमन 0.0205°C प्रेक्षित किया गया। अम्ल के लिए वान्ट हॉफ गुणक एवं वियोजन स्थिरांक का परिकलन कीजिए।
हल:
ऐसीटिक अम्ल का आयतन = 0.6 mL
ऐसीटिक अम्ल का द्रव्यमान (
) = आयतन × घनत्व = 0.6 mL × 1.06 g mL⁻¹ = 0.636 g
ऐसीटिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान = 60 g mol⁻¹
मोलों की संख्या (
) = ![]()
जल (विलायक) का आयतन = 1 L
1 kg द्रव्यमान।
अतः, मोललता (
) = 0.0106 mol kg⁻¹
परिकलित हिमांक अवनमन (
):
(जल के लिए
)
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प्रेक्षित ![]()
वान्ट हॉफ गुणक (
):
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वियोजन के लिए:
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वियोजन स्थिरांक (
):
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चूँकि
बहुत छोटा है,
:
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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. वान्ट हॉफ गुणक (i) का मान 1 से कम कब होता है?
जब विलयन में विलेय के अणुओं का संगुणन (Association) होता है (जैसे बेन्जीन में ऐसीटिक या बेन्जोइक अम्ल का द्वितय बनाना), तब कणों की संख्या घट जाती है और
का मान 1 से कम प्राप्त होता है।
Q2. क्या अणुसंख्य गुण कणों की प्रकृति पर निर्भर करते हैं?
नहीं, अणुसंख्य गुण पूर्ण रूप से विलयन में उपस्थित विलेय के कणों (आयनों या अणुओं) की संख्या पर निर्भर करते हैं, उनकी रासायनिक प्रकृति पर नहीं।
Q3. NaCl के लिए आदर्श अवस्था में वान्ट हॉफ गुणक कितना होगा?
पूर्ण वियोजन (100% Dissociation) की आदर्श और अत्यंत तनु अवस्था में NaCl के लिए वान्ट हॉफ गुणक (
) का मान 2 होगा, क्योंकि यह
और
दो आयनों में वियोजित होता है।