Class 10 Mathematics chapter real numbers : वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) वे संख्याएं हैं जो परिमेय संख्याओं (Rational Numbers) और अपरिमेय संख्याओं (Irrational Numbers) के समुच्चय से मिलकर बनती हैं। ये संख्याएं संख्या रेखा (Number Line) पर किसी भी बिंदु को निरूपित कर सकती हैं।
- परिमेय संख्याएं (Rational Numbers): ऐसी संख्याएं जो p/q के रूप में लिखी जा सकती हैं, जहां p और q पूर्णांक (Integers) हैं और q ≠ 0। उदाहरण: 1/2, -3, 0.75।
- अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers): ऐसी संख्याएं जो p/q के रूप में व्यक्त नहीं की जा सकतीं और जिनके दशमलव प्रसार अनवसानी (Non-terminating) और अपुनरावृत्त (Non-repeating) होते हैं। उदाहरण: √2, π।
वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) सकारात्मक, नकारात्मक, या शून्य हो सकती हैं। इनमें पूर्ण संख्याएं (Whole Numbers), भिन्न (Fractions), दशमलव (Decimals), और अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) शामिल हैं।
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अपरिमेय संख्याओं के प्रकार (Types of Irrational Numbers)
अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत की जा सकती हैं:
- बीजीय अपरिमेय संख्याएं (Algebraic Irrational Numbers)
- परिभाषा (Definition): ये ऐसी अपरिमेय संख्याएं हैं जो किसी बीजीय समीकरण (Algebraic Equation) का हल होती हैं, जैसे कि बहुपद समीकरण (Polynomial Equation) जिनके गुणांक पूर्णांक या परिमेय होते हैं।
- उदाहरण (Examples):
- √2 (यह x² – 2 = 0 का हल है)
- √3 (यह x² – 3 = 0 का हल है)
- ∛5 (यह x³ – 5 = 0 का हल है)
- अभ्यंतर अपरिमेय संख्याएं (Transcendental Irrational Numbers)
- परिभाषा (Definition): ये ऐसी अपरिमेय संख्याएं हैं जो किसी भी बीजीय समीकरण का हल नहीं होतीं। इनका दशमलव प्रसार अनवसानी और अपुनरावृत्त होता है।
- उदाहरण (Examples):
- π (Pi, लगभग 3.14159…, गणित में वृत्त से संबंधित)
- e (Euler’s Number, लगभग 2.71828…, प्राकृतिक लघुगणक में उपयोगी)
- √2 + √3 (यह भी अभ्यंतर हो सकता है, क्योंकि यह सरल बीजीय समीकरण का हल नहीं है)
संख्या रेखा (Number Line)
संख्या रेखा (Number Line) एक सीधी रेखा है जिस पर वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) बिंदुओं के रूप में दर्शाई जाती हैं।
- मुख्य बिंदु:
- शून्य (0/Zero) रेखा का केंद्र होता है।
- दाईं ओर सकारात्मक संख्याएं (Positive Numbers) जैसे +1, +2, √2, π।
- बाईं ओर नकारात्मक संख्याएं (Negative Numbers) जैसे -1, -2, -√2।
- परिमेय (Rational) और अपरिमेय (Irrational) संख्याएं दोनों रेखा पर बिंदुओं के रूप में मौजूद होती हैं।
- विशेषताएं:
- प्रत्येक वास्तविक संख्या (Real Number) संख्या रेखा पर एक अद्वितीय बिंदु को दर्शाती है।
- अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) जैसे √2, π, e को सटीक स्थान पर चिह्नित करना जटिल हो सकता है, लेकिन वे रेखा पर मौजूद होती हैं।
संख्या रेखा का पाठ्य निरूपण (Textual Representation of Number Line)
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-3 -2 -1 0 1 2 3
-√2 -1/2 √2 e π
- विवरण:
- शून्य (0/Zero) केंद्र में है।
- सकारात्मक संख्याएं (Positive Numbers): 1, 2, 3, √2 (लगभग 1.414), e (लगभग 2.718), π (लगभग 3.14159) दाईं ओर।
- नकारात्मक संख्याएं (Negative Numbers): -1, -2, -3, -√2 (लगभग -1.414) बाईं ओर।
- परिमेय संख्या (Rational Number) जैसे -1/2 (-0.5) और अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) जैसे √2, π, e रेखा पर चिह्नित हैं।
उदाहरण (Examples)
- परिमेय संख्याएं (Rational Numbers):
- 6 (पूर्ण संख्या/Whole Number, 6/1)
- -5/4 (नकारात्मक भिन्न/Negative Fraction)
- 0.2 (दशमलव/Decimal, 2/10)
- 0 (शून्य/Zero, 0/1)
- अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers):
- बीजीय अपरिमेय (Algebraic Irrational):
- √2 (लगभग 1.414213…, x² – 2 = 0 का हल)
- √5 (लगभग 2.236067…, x² – 5 = 0 का हल)
- ∛2 (लगभग 1.259921…, x³ – 2 = 0 का हल)
- अभ्यंतर अपरिमेय (Transcendental Irrational):
- π (लगभग 3.14159…, अनवसानी और अपुनरावृत्त/Non-terminating, Non-repeating)
- e (लगभग 2.71828…, अनवसानी और अपुनरावृत्त/Non-terminating, Non-repeating)
- √3 + √2 (लगभग 3.146…, बीजीय समीकरण का सरल हल नहीं)
- बीजीय अपरिमेय (Algebraic Irrational):
विशेष बिंदु (Key Points)
- सभी परिमेय संख्याएं (Rational Numbers) और अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) हैं।
- वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) संख्या रेखा (Number Line) पर अनंत बिंदुओं को कवर करती हैं।
- काल्पनिक संख्याएं (Imaginary Numbers, जैसे √-1) वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) नहीं होतीं।
- अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) या तो बीजीय (Algebraic) या अभ्यंतर (Transcendental) हो सकती हैं, जो उनके गणितीय गुणों को दर्शाता है।
Notes in Details : (Useful for Lower Grade Students)
Class 10 Mathematics chapter real numbers : गणित की दुनिया में आपका स्वागत है! यदि आप कक्षा 10 के छात्र हैं और बोर्ड परीक्षा में 100/100 अंक लाने का सपना देख रहे हैं, तो आपका सफर अध्याय 1: वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) से शुरू होता है। इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में, हम “Real Number Introduction”, इसकी परिभाषाओं, प्रकारों, महत्वपूर्ण प्रमेयों और बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) पर गहराई से चर्चा करेंगे।
यह लेख न केवल आपके कॉन्सेप्ट्स को क्रिस्टल क्लियर करेगा, बल्कि SEO के नजरिए से भी इसे इस तरह तैयार किया गया है कि आपको इंटरनेट पर इससे बेहतर और सरल नोट्स कहीं और नहीं मिलेंगे। तो चलिए, बिना किसी देरी के शुरू करते हैं!
1. वास्तविक संख्याएं क्या हैं? (Real Number Introduction)
परिभाषा (Definition):
Class 10 Mathematics chapter real numbers के अनुसार, वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) वे सभी संख्याएं हैं जो परिमेय संख्याओं (Rational Numbers) और अपरिमेय संख्याओं (Irrational Numbers) के समुच्चय (Set) से मिलकर बनती हैं। गणितीय भाषा में, इन्हें
से दर्शाया जाता है। ये संख्याएं संख्या रेखा (Number Line) पर किसी भी बिंदु को सटीक रूप से निरूपित कर सकती हैं।
वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) सकारात्मक (Positive), नकारात्मक (Negative), या शून्य (Zero) हो सकती हैं। इनमें पूर्ण संख्याएं (Whole Numbers), प्राकृतिक संख्याएं (Natural Numbers), पूर्णांक (Integers), भिन्न (Fractions), दशमलव (Decimals), और अपरिमेय संख्याएं शामिल हैं।
संक्षेप में, जो भी संख्या आप सोच सकते हैं (काल्पनिक संख्याओं को छोड़कर), वह एक वास्तविक संख्या है!
2. वास्तविक संख्याओं के प्रमुख भाग (Components of Real Numbers)
वास्तविक संख्याओं को मुख्य रूप से दो बड़े वर्गों में विभाजित किया गया है:
(A) परिमेय संख्याएं (Rational Numbers)
ऐसी संख्याएं जिन्हें
के रूप में लिखा जा सकता है, जहां
और
दोनों पूर्णांक (Integers) हैं और हर (Denominator)
(शून्य नहीं है)।
- उदाहरण:
(क्योंकि
) - दशमलव प्रसार (Decimal Expansion): परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार या तो शांत (Terminating) होता है (जैसे
) या असांत आवर्ती (Non-terminating repeating) होता है (जैसे
).
(B) अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers)
ऐसी संख्याएं जिन्हें
के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता। इनका दशमलव प्रसार अनवसानी (Non-terminating) और अपुनरावृत्त (Non-repeating) होता है।
- उदाहरण:

3. अपरिमेय संख्याओं के प्रकार (Types of Irrational Numbers)
कक्षा 10 के स्तर पर अपरिमेय संख्याओं (Irrational Numbers) को समझना बहुत आवश्यक है। इन्हें दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
I. बीजीय अपरिमेय संख्याएं (Algebraic Irrational Numbers)
परिभाषा: ये ऐसी अपरिमेय संख्याएं हैं जो किसी बीजीय समीकरण (Algebraic Equation) का हल (Roots) होती हैं, जैसे कि बहुपद समीकरण (Polynomial Equation) जिनके गुणांक (Coefficients) पूर्णांक या परिमेय होते हैं।
- उदाहरण (Examples):
(यह समीकरण
का हल है)
(यह समीकरण
का हल है)
(यह समीकरण
का हल है)
II. अभ्यंतर (पारलौकिक) अपरिमेय संख्याएं (Transcendental Irrational Numbers)
परिभाषा: ये ऐसी अपरिमेय संख्याएं हैं जो किसी भी परिमेय गुणांक वाले बीजीय समीकरण का हल नहीं होतीं। इनका दशमलव प्रसार पूरी तरह से अप्रत्याशित, अनवसानी और अपुनरावृत्त होता है।
- उदाहरण (Examples):
(Pi): लगभग
(गणित में वृत्त की परिधि और व्यास के अनुपात से संबंधित)
(Euler’s Number): लगभग
(प्राकृतिक लघुगणक और कैलकुलस में उपयोगी)- ध्यान दें:
एक बीजीय अपरिमेय संख्या है, न कि अभ्यंतर, क्योंकि यह एक बहुपद का मूल है। लेकिन
अभ्यंतर हो सकती है।
4. संख्या रेखा और वास्तविक संख्याएं (Number Line)
संख्या रेखा (Number Line) एक सीधी, क्षैतिज रेखा है जिस पर वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) बिंदुओं के रूप में दर्शाई जाती हैं।
मुख्य बिंदु:
- शून्य (0 / Zero) रेखा का केंद्र होता है। यह न तो धनात्मक है और न ही ऋणात्मक।
- दाईं ओर (Right Side): सकारात्मक संख्याएं (Positive Numbers) जैसे
होती हैं। - बाईं ओर (Left Side): नकारात्मक संख्याएं (Negative Numbers) जैसे
होती हैं। - परिमेय (Rational) और अपरिमेय (Irrational) दोनों प्रकार की संख्याएं इस रेखा पर बिंदुओं के रूप में मौजूद होती हैं।
विशेषताएं:
- प्रत्येक वास्तविक संख्या (Real Number) संख्या रेखा पर एक अद्वितीय बिंदु (Unique Point) को दर्शाती है।
- अपरिमेय संख्याएं जैसे
को सटीक स्थान पर चिह्नित करना ज्यामितीय रूप से जटिल हो सकता है (पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके
को दर्शाया जा सकता है), लेकिन वे रेखा पर निश्चित रूप से मौजूद होती हैं।
संख्या रेखा का पाठ्य निरूपण (Textual Representation)
<---|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|-----|----->
-3 -2 -1 0 1 2 3
-√2 -1/2 √2 e π
विवरण:
- शून्य (0/Zero) केंद्र में है।
- सकारात्मक संख्याएं:
,
,
,
दाईं ओर। - नकारात्मक संख्याएं:
,
बाईं ओर। - परिमेय संख्या
और अपरिमेय संख्याएं एक ही रेखा पर शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में हैं।
5. कक्षा 10 बोर्ड परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रमेय (Important Theorems for Class 10)
इस अध्याय से बोर्ड परीक्षाओं में कुछ विशिष्ट प्रमेय (Theorems) पूछे जाते हैं। आइए उन्हें विस्तार से समझते हैं:
5.1 यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (Euclid’s Division Lemma)
हालाँकि कुछ नए सिलेबस (जैसे नवीनतम NCERT) में इसे हटा दिया गया है, लेकिन इसका ज्ञान आधारभूत है।
कथन: किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों
और
के लिए, ऐसी अद्वितीय पूर्ण संख्याएं
और
विद्यमान हैं कि:
![]()
जहाँ,
होता है।
यहाँ:
= भाज्य (Dividend),
= भाजक (Divisor),
= भागफल (Quotient),
= शेषफल (Remainder)।
5.2 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)
कथन: “प्रत्येक भाज्य संख्या (Composite Number) को अभाज्य संख्याओं (Prime Numbers) के एक गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है, और यह गुणनखंडन अभाज्य गुणनखंडों के आने वाले क्रम के बिना अद्वितीय (Unique) होता है।”
सूत्र: यदि दो धनात्मक पूर्णांक
और
हैं, तो:
![]()
(यह सूत्र बोर्ड परीक्षा के लिए रामबाण है!)
6. परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार (Decimal Expansions of Rational Numbers)
हम बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया (Long Division) किए बता सकते हैं कि कोई परिमेय संख्या
शांत (Terminating) है या असांत आवर्ती (Non-terminating repeating):
- शांत दशमलव (Terminating): यदि हर (
) के अभाज्य गुणनखंड केवल
के रूप में हों (जहाँ
ऋणेतर पूर्णांक हैं)।
- उदाहरण:
(यह शांत है क्योंकि हर केवल 5 की घात में है)।
- उदाहरण:
- असांत आवर्ती (Non-terminating Repeating): यदि हर (
) के गुणनखंड
के रूप के नहीं हैं (अर्थात 2 और 5 के अलावा 3, 7, 11 आदि भी आ जाएं)।
- उदाहरण:
(असांत आवर्ती)।
- उदाहरण:
7. Board Exam PYQs (Previous Year Questions) – पिछले वर्षों के हल सहित प्रश्न
चलिए अब उन प्रश्नों पर नजर डालते हैं जो CBSE, UP Board, MP Board और अन्य राज्य बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
प्रश्न 1: अपरिमेयता सिद्ध करें (VVI)
प्रश्न: सिद्ध कीजिए कि
एक अपरिमेय संख्या (Irrational Number) है। (CBSE 2019, 2020, UP Board 2022)
हल (Solution):
हम विरोधोक्ति विधि (Method of Contradiction) का उपयोग करेंगे।
माना
एक परिमेय संख्या है।
इसलिए, हम इसे
के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ
और
सह-अभाज्य (Co-prime) पूर्णांक हैं और
है।
![]()
दोनों पक्षों का वर्ग (Squaring both sides) करने पर:
![]()
![]()
समीकरण 1 से स्पष्ट है कि
,
से विभाजित होता है।
प्रमेय के अनुसार, यदि कोई अभाज्य संख्या
को विभाजित करती है, तो वह
को भी विभाजित करेगी।
अतः,
भी
से विभाजित होगा।
माना
(जहाँ
कोई पूर्णांक है)।
का यह मान समीकरण 1 में रखने पर:
![]()
![]()
![]()
इसका अर्थ है कि
भी
से विभाजित होता है, और इसलिए
भी
से विभाजित होगा।
यहाँ हम देखते हैं कि
और
दोनों
से विभाजित हैं। अर्थात् उनका एक उभयनिष्ठ गुणनखंड (Common factor)
है।
यह इस तथ्य का विरोधाभास (Contradiction) है कि
और
सह-अभाज्य हैं (जिनका
के अलावा कोई कॉमन फैक्टर नहीं है)।
यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण उत्पन्न हुआ है कि
एक परिमेय संख्या है।
निष्कर्ष: अतः, सिद्ध होता है कि
एक अपरिमेय संख्या है। (Proved)
प्रश्न 2: HCF और LCM का संबंध
प्रश्न: दो संख्याओं 26 और 91 का LCM और HCF ज्ञात कीजिए और जाँच कीजिए कि दो संख्याओं का गुणनफल =
है। (NCERT, BSEB 2021)
हल (Solution):
अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा:
![]()
![]()
यहाँ उभयनिष्ठ (Common) गुणनखंड
है।
अतः, ![]()
![]()
जाँच (Verification):
दो संख्याओं का गुणनफल = ![]()
![]()
चूँकि
, अतः
सिद्ध हुआ।
प्रश्न 3: सम्मिश्र अपरिमेयता
प्रश्न: सिद्ध कीजिए कि
एक अपरिमेय संख्या है। (CBSE 2018, 2023)
हल (Solution):
माना
एक परिमेय संख्या है।
अतः इसे
के बराबर माना जा सकता है, जहाँ
और
सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और
।
![]()
![]()
![]()
![]()
चूँकि
और
पूर्णांक हैं, इसलिए
एक परिमेय संख्या होगी।
इसके अनुसार
भी एक परिमेय संख्या होनी चाहिए।
परंतु, हम जानते हैं कि
एक अपरिमेय संख्या है।
यहाँ विरोधाभास उत्पन्न होता है, जो हमारी गलत कल्पना के कारण है।
निष्कर्ष: अतः
एक अपरिमेय संख्या है।
8. विशेष बिंदु (Key Points to Remember for Exams)
परीक्षा में जाने से पहले इन बुलेट पॉइंट्स को रट लें:
- सभी परिमेय संख्याएं (Rational Numbers) और अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) मिलकर वास्तविक संख्याएं (Real Numbers) बनाती हैं।
- वास्तविक संख्याएं संख्या रेखा (Number Line) पर अनंत (Infinite) बिंदुओं को कवर करती हैं। किन्हीं भी दो वास्तविक संख्याओं के बीच अनंत वास्तविक संख्याएं होती हैं।
- काल्पनिक संख्याएं (Imaginary Numbers) जैसे
वास्तविक संख्याएं नहीं होती हैं। यह आप कक्षा 11वीं (Complex Numbers) में पढ़ेंगे। - एक अशून्य परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का गुणनफल या भागफल हमेशा अपरिमेय (Irrational) होता है। (उदा:
) - एक परिमेय और अपरिमेय संख्या का योग या अंतर हमेशा अपरिमेय होता है। (उदा:
) - अपरिमेय संख्याएं या तो बीजीय (Algebraic) हो सकती हैं या अभ्यंतर (Transcendental), जो उनके गहरे गणितीय गुणों को दर्शाता है।
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9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
निष्कर्ष (Conclusion):
कक्षा 10 गणित का यह पहला अध्याय आपके पूरे गणितीय सफर की नींव है। वास्तविक संख्याओं के कॉन्सेप्ट्स को समझना आगे बीजगणित (Algebra) और ज्यामिति (Geometry) के लिए बहुत जरूरी है। ऊपर दिए गए नोट्स, संख्या रेखा के उदाहरण और PYQs का बार-बार अभ्यास करें। गणित रटने का नहीं, समझने का विषय है!
पसंद आया? तो अपने दोस्तों के साथ इस आर्टिकल को जरूर शेयर करें और बोर्ड एग्जाम्स में टॉप करें!
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