MP Board 10th Mathematics Real Number Summary
- यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका:
दो धनात्मक पूर्णांक a और b(जहाँ a > b दिए रहने पर, हम
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को संतुष्ट करने वाली पूर्ण संख्याएँ
और
ज्ञात कर सकते हैं, अर्थात् ऐसी संख्याओं का अस्तित्व है। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म:
यह यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका पर आधारित है। इसका प्रयोग कर दो धनात्मक पूर्णांक
और
(
) का HCF नीचे दर्शाई विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है:
चरण 1:
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यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग कर
और
ज्ञात कीजिए।
चरण 2:
यदि
, तो
है। यदि
, तो
और
पर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का पुनः प्रयोग कीजिए।
चरण 3:
इस प्रक्रिया को तब तक जारी रखिए जब तक शेषफल शून्य न प्राप्त हो जाए।
इस स्थिति वाला भाजक ही
है।
साथ ही,
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प्रत्येक धनात्मक पूर्णांक को अभाज्य संख्याओं के एक गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है तथा यह गुणनखंडन अद्वितीय होता है — इस पर कोई ध्यान दिए बिना कि अभाज्य गुणनखंड किस क्रम में आ रहे हैं। यदि
उपपत्ति:
इत्यादि संख्याएँ अपरिमेय संख्याएँ हैं। मान लीजिए
एक परिमेय संख्या है जिसका दशमलव प्रसार सांत है। तब हम
को
के रूप में व्यक्त कर सकते हैं, जहाँ p और q सह-अभाज्य हैं तथा q का अभाज्य गुणनखंडन केवल
के रूप में होता है।
HCF और LCM के गुणनफल का संबंध
सिद्धांत: तीन संख्याओं
के लिए,
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जहाँ
धनात्मक पूर्णांक हैं (उदाहरण 8 देखिए)।
हालाँकि, निम्नलिखित परिणाम तीन संख्याओं
और
पर लागू होता है:
Usefule for Lower Grade Students
वास्तविक संख्याएं सारांश (Real Numbers Summary)
यह कक्षा 10 गणित के अध्याय 1 का एक ‘क्विक रिवीजन’ (Quick Revision) नोट्स है। इसमें पूरे अध्याय का निचोड़ है, विशेषकर अपरिमेय संख्याओं (Irrational Numbers) पर फोकस किया गया है, ताकि परीक्षा से पहले आप इसे आसानी से याद कर सकें।
🌟 विशेष फोकस: अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers)
1. अपरिमेय संख्या क्या है? (Definition)
ऐसी संख्याएँ जिन्हें
(अंश/हर) के रूप में नहीं लिखा जा सकता (जहाँ
पूर्णांक हैं और
), अपरिमेय संख्याएँ कहलाती हैं।
इनका दशमलव प्रसार असांत अनावर्ती (Non-terminating Non-repeating) होता है (अर्थात यह न तो कभी खत्म होता है और न ही कोई अंक दोहराता है)।
2. अपरिमेय संख्याओं के उदाहरण (Examples)
- अभाज्य संख्याओं के वर्गमूल:
आदि। - गणितीय नियतांक (Constants):
(पाई),
(यूलर संख्या)।(नोट:
केवल
का लगभग मान है,
असल में अपरिमेय है।) - दशमलव रूप:
(पैटर्न बदलता रहता है)।
3. रोचक चार्ट: परिमेय vs अपरिमेय (Rational vs Irrational)
| गुण / विशेषता | परिमेय संख्याएं (Rational Numbers) | अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) |
| परिभाषा | ||
| दशमलव प्रसार | या तो शांत होता है, या असांत आवर्ती। | हमेशा असांत अनावर्ती होता है। |
| उदाहरण | ||
| पूर्ण वर्ग/घन |
4. गणितीय संक्रियाओं का नियम (Rules of Operations Table)
ऑब्जेक्टिव (MCQs) प्रश्नों के लिए यह टेबल ‘ब्रह्मास्त्र’ है:
| संक्रिया (Operation) | परिणाम (Result) | उदाहरण (Example) |
| परिमेय | हमेशा अपरिमेय | |
| परिमेय | हमेशा अपरिमेय | |
| परिमेय | हमेशा अपरिमेय (शून्य को छोड़कर) | |
| परिमेय | हमेशा अपरिमेय |
5. अपरिमेयता सिद्ध करने की महत्वपूर्ण प्रमेय (Key Theorem)
“यदि
कोई अभाज्य संख्या है और
,
को विभाजित करती है, तो
,
को भी विभाजित करेगी (जहाँ
एक धनात्मक पूर्णांक है)।”
(इसी प्रमेय का उपयोग करके हम सिद्ध करते हैं कि
आदि अपरिमेय हैं।)
📘 अध्याय के अन्य महत्वपूर्ण सिद्धांत (Other Core Concepts)
1. यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (Euclid’s Division Lemma)
दो धनात्मक पूर्णांक
और
(जहाँ
) दिए रहने पर, ऐसी अद्वितीय पूर्ण संख्याएँ
और
विद्यमान होती हैं जो निम्न समीकरण को संतुष्ट करती हैं:
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(जहाँ a = भाज्य, b = भाजक, q = भागफल, r = शेषफल)
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म (HCF निकालने की विधि):
- चरण 1:
और
पर यूक्लिड प्रमेयिका लगाएँ (
)। - चरण 2: यदि
है, तो HCF
होगा। यदि
है, तो
और
पर पुनः प्रमेयिका लगाएँ। - चरण 3: यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक शेषफल (
) शून्य न हो जाए। अंतिम भाजक ही HCF होता है।
2. अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)
“प्रत्येक धनात्मक भाज्य पूर्णांक को अभाज्य संख्याओं के एक गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है, तथा यह गुणनखंडन अद्वितीय (Unique) होता है।” (क्रम को ध्यान में न रखते हुए)।
- उदाहरण:

3. HCF और LCM के बीच संबंध (Relationship Formulae)
A. केवल दो संख्याओं (
और
) के लिए:
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(अर्थात: दो संख्याओं का गुणनफल = उनके HCF और LCM का गुणनफल)
B. तीन संख्याओं (
) के लिए सूत्र (Advanced):
यदि परीक्षा में तीन संख्याओं का संबंध पूछा जाए, तो यह सूत्र लागू होता है:
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4. परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (शांत या असांत?)
मान लीजिए
एक परिमेय संख्या है, जहाँ
और
सह-अभाज्य हैं:
- सांत (Terminating): यदि हर (
) का अभाज्य गुणनखंडन
के रूप का है। - असांत आवर्ती (Non-terminating Repeating): यदि हर (
) का अभाज्य गुणनखंडन
के रूप का नहीं है (अर्थात 2 और 5 के अतिरिक्त कोई अन्य अभाज्य संख्या जैसे 3 या 7 आ जाए)।
💡 परीक्षा टिप (Exam Tip): बोर्ड परीक्षा में
या
को ‘अपरिमेय सिद्ध करने’ वाला प्रश्न हर साल पूछा जाता है। इसे विरोधाभास विधि (Method of Contradiction) से हल करने का अभ्यास जरूर करें!
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