MP Board 10th Maths Repetition of Irrational Number : कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए MP Board 10th Maths Repetition of Irrational Number (अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस अध्याय से बोर्ड परीक्षा में 3 से 4 अंकों के प्रश्न 100% पूछे जाते हैं, जैसे “सिद्ध कीजिए कि √2 एक अपरिमेय संख्या है”। यह लेख कमजोर छात्रों को भी ‘विरोधाभास विधि’ (Proof by Contradiction) को आसानी से समझने में मदद करेगा। हमारे आसान स्टेप-बाय-स्टेप हल, महत्वपूर्ण ट्रिक्स और पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) के साथ, आप गणित में पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड परीक्षा में टॉप करने के लिए इसे जरूर पढ़ें!
सिद्ध करें कि
एक अपरिमेय संख्या है
मान लीजिए कि
एक परिमेय संख्या है। इसका अर्थ है कि
को दो पूर्णांकों
और
के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ
और
और
का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है (अर्थात, भिन्न अपरिमेय रूप में है)।
इसलिए, हम लिख सकते हैं:
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दोनों पक्षों को वर्ग करने पर:
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यह समीकरण दर्शाता है कि
एक सम संख्या है (क्योंकि यह 2 का गुणज है)। यदि
सम है, तो
भी सम होना चाहिए, क्योंकि किसी विषम संख्या का वर्ग विषम होता है।
मान लें
, जहाँ
एक पूर्णांक है। इसे
में प्रतिस्थापित करें:
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यह दर्शाता है कि
भी सम है, और इसलिए
भी सम होना चाहिए।
अब, यदि
और
दोनों सम हैं, तो उनके पास कम से कम 2 का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड है। यह हमारी प्रारंभिक धारणा के विपरीत है कि
और
का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है।
इसलिए, हमारी धारणा कि
एक परिमेय संख्या है, गलत है। अतः,
एक अपरिमेय संख्या है।
सिद्ध करें कि
एक अपरिमेय संख्या है
मान लीजिए कि
एक परिमेय संख्या है। इसका अर्थ है कि
को दो पूर्णांकों
और
के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ
और
और
का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है (अर्थात, भिन्न अपरिमेय रूप में है)।
इसलिए, हम लिख सकते हैं:
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दोनों पक्षों को वर्ग करने पर:
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यह समीकरण दर्शाता है कि
3 का गुणज है। इसलिए,
भी 3 का गुणज होना चाहिए (क्योंकि यदि
3 से विभाज्य नहीं है, तो
भी 3 से विभाज्य नहीं होगा, जो कि समीकरण के विपरीत है)।
मान लें
, जहाँ
एक पूर्णांक है। इसे
में प्रतिस्थापित करें:
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यह दर्शाता है कि
भी 3 का गुणज है, और इसलिए
भी 3 का गुणज होना चाहिए।
अब, यदि
और
दोनों 3 से विभाज्य हैं, तो उनके पास कम से कम 3 का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड है। यह हमारी प्रारंभिक धारणा के विपरीत है कि
और
का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है।
इसलिए, हमारी धारणा कि
एक परिमेय संख्या है, गलत है। अतः,
एक अपरिमेय संख्या है।
यह साबित करें कि
एक अपरिमेय संख्या है
सिद्ध करने की प्रक्रिया:
मान लेते हैं कि
एक परिमेय संख्या है। अर्थात् इसे
के रूप में लिखा जा सकता है, जहां
परिमेय संख्याएँ हैं और
।
पुनर्व्यवस्थित करें:
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![]()
चूंकि
और
परिमेय संख्याएँ हैं, तो
भी परिमेय संख्या होगी।
लेकिन
ज्ञात रूप से अपरिमेय संख्या है, जिससे विरोधाभास उत्पन्न होता है।
अतः हमारा प्रारंभिक अनुमान गलत था। इसलिए,
एक अपरिमेय संख्या है।
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प्रश्नावली 1.3
प्रश्न 1: 
हम इसे विरोधाभास की विधि (contradiction method) से सिद्ध करेंगे।
- मान लीजिए कि
एक परिमेय संख्या है, अर्थात इसे
के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ
और
सहप्राइम हैं (अर्थात उनका महत्तम समापवर्तक 1 है) और
। ![Rendered by QuickLaTeX.com \[\sqrt{5} = \frac{p}{q}\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-b4b881497b52ab9d56baad4ca623e3ff_l3.png)
- दोनों ओर स्क्वायर करते हैं:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[5 = \frac{p^2}{q^2}\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-bf8d34e044f016b652a67cd5cfdbdc23_l3.png)
- इससे मिलता है:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[p^2 = 5q^2\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-7371a414b47244a83275a55163e5be4a_l3.png)
- इसका अर्थ है कि
5 से विभाजित है, जिससे
भी 5 से विभाजित होगा। अतः हम
लिख सकते हैं। - इसे उपरोक्त समीकरण में रखते हैं:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[(5k)^2 = 5q^2\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-ef0ec7e9bc2aae8accf6bbb886bb60d0_l3.png)
![Rendered by QuickLaTeX.com \[25k^2 = 5q^2\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-c391be2a203ee1c55562a8984e72a526_l3.png)
![Rendered by QuickLaTeX.com \[q^2 = 5k^2\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-2c084a8047d09b4848799ee90908e5a2_l3.png)
- इससे पता चलता है कि
भी 5 से विभाजित है, अर्थात
भी 5 से विभाजित होगा। - लेकिन
और
सहप्राइम थे, इसलिए दोनों 5 से विभाजित नहीं हो सकते। यह हमारी प्रारंभिक धारणा का खंडन करता है।
इसलिए, हमारा मानना कि
परिमेय है, गलत सिद्ध हुआ। अतः
अपरिमेय संख्या है।
प्रश्न 2: 
- मान लीजिए कि
परिमेय संख्या है, यानी इसे
के रूप में लिखा जा सकता है। ![Rendered by QuickLaTeX.com \[3 + 2\sqrt{5} = \frac{a}{b}\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-62eb67ae6e766b460f7d4ba359d69aad_l3.png)
- इससे हमें मिलता है:
![Rendered by QuickLaTeX.com \[2\sqrt{5} = \frac{a}{b} - 3\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-b06930f2b5b1246ec0edce60e1a9168a_l3.png)
![Rendered by QuickLaTeX.com \[\sqrt{5} = \frac{a - 3b}{2b}\]](https://mpeducator.co.in/wp-content/ql-cache/quicklatex.com-edd931f6aa3b0de705d14d739d7825ea_l3.png)
- दाएँ पक्ष परिमेय संख्या है, लेकिन बाएँ पक्ष अपरिमेय (
) है, जिससे विरोधाभास उत्पन्न होता है। - इसलिए,
अपरिमेय संख्या है।
प्रश्न 3: 
- (i)

–
पहले ही अपरिमेय सिद्ध किया जा चुका है।
– यदि कोई संख्या अपरिमेय है, तो उसका व्युत्क्रम भी अपरिमेय होगा।
– अतः
अपरिमेय है। - (ii)

–
अपरिमेय संख्या है।
– जब किसी अपरिमेय संख्या को गैर-शून्य परिमेय संख्या (जैसे 7) से गुणा किया जाता है, तो परिणाम भी अपरिमेय होता है।
– अतः
अपरिमेय है। - (iii)

–
अपरिमेय संख्या है।
– किसी अपरिमेय संख्या में किसी परिमेय संख्या को जोड़ने पर परिणाम अपरिमेय ही होता है।
– अतः
अपरिमेय है।
प्रश्नावली 1.4
प्रश्न 1: बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया किए बताइए कि निम्नलिखित परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार सांत हैं या असांत आवर्ती हैं।
हल:कोई भी परिमेय संख्या
का दशमलव प्रसार सांत होगा यदि
के अभाज्य गुणनखंड केवल 2 और 5 हों। यदि
में कोई अन्य अभाज्य संख्या (जैसे 3, 7, 11, 23 आदि) हो, तो उसका दशमलव प्रसार असांत आवर्ती होगा।
अब प्रत्येक संख्या की जाँच करते हैं:
| संख्या | भाजक | दशमलव प्रसार |
|---|---|---|
| सांत | ||
| सांत | ||
| असांत आवर्ती | ||
| सांत | ||
| असांत आवर्ती | ||
| असांत आवर्ती | ||
| असांत आवर्ती | ||
| सांत | ||
| असांत आवर्ती |
निष्कर्ष:
सांत दशमलव प्रसार वाली संख्याएँ:
,
,
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असांत आवर्ती दशमलव प्रसार वाली संख्याएँ:
,
,
,
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अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण
MP Board 10th Maths Repetition of Irrational Number
कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कुछ प्रश्न ऐसे होते हैं, जिनका आना 100% तय होता है। “सिद्ध कीजिए कि
एक अपरिमेय संख्या है” — यह एक ऐसा ही प्रश्न है जो हर साल MP Board, UP Board, CBSE और BSEB में 3 या 4 अंकों में पूछा जाता है।
MP Board 10th Maths Repetition of Irrational Number : इस आर्टिकल में हम अपरिमेय संख्याओं के पुनर्भ्रमण (Revisiting Irrational Numbers) को इतनी सरल भाषा में समझेंगे कि कमजोर से कमजोर छात्र भी परीक्षा में पूरे अंक लेकर आएगा। हम ‘विरोधाभास विधि’ (Proof by Contradiction) को एक जासूसी कहानी की तरह समझेंगे!
1. अपरिमेय संख्याएं क्या होती हैं? (Basic Revision)
हमने कक्षा 9वीं में पढ़ा था कि ऐसी संख्याएं जिन्हें हम
के रूप में नहीं लिख सकते (जहाँ
और
पूर्णांक हैं और
), अपरिमेय संख्याएं (Irrational Numbers) कहलाती हैं।
इनका दशमलव प्रसार (Decimal Expansion) अनवसानी और अपुनरावृत्त (Non-terminating and Non-repeating) होता है।
उदाहरण:
(पाई),
आदि।
(नोट:
अपरिमेय नहीं है, क्योंकि
, जो कि एक परिमेय संख्या है। केवल अभाज्य संख्याओं के वर्गमूल ही अपरिमेय होते हैं।)
2. अपरिमेय सिद्ध करने का “ब्रह्मास्त्र” (सबसे महत्वपूर्ण प्रमेय)
अपरिमेय संख्याओं को सिद्ध करने से पहले, आपको एक छोटी सी प्रमेय (Theorem) समझनी होगी। यह प्रमेय हमारे हर सवाल की चाबी है:
प्रमेय: मान लीजिए
एक अभाज्य संख्या (Prime number) है। यदि
,
को विभाजित करती है, तो
,
को भी विभाजित करेगी (जहाँ
एक धनात्मक पूर्णांक है)।
सरल भाषा में इसका मतलब:
मान लीजिए एक अभाज्य संख्या है
।
यदि
,
(यानी
) को पूरी तरह काट (विभाजित कर) सकती है, तो पक्की बात है कि
,
को भी काटेगी।
बस! यही है वो जादू जो हमें आगे काम आएगा।
3. विरोधाभास विधि क्या है? (Proof by Contradiction)
हम इन सवालों को विरोधाभास विधि से हल करते हैं। यह क्या है?
मान लीजिए आपको साबित करना है कि सामने खड़ा जानवर ‘कुत्ता’ है।
- हम जानबूझकर उल्टा मान लेते हैं: “चलो मान लेते हैं कि यह एक ‘बिल्ली’ है।”
- फिर हम देखते हैं कि वह तो भौंक रहा है!
- हम कहते हैं: “अरे! बिल्लियां तो भौंकती नहीं। इसका मतलब हमारी मान्यता गलत थी।”
- निष्कर्ष: अतः वह जानवर कुत्ता ही है।
गणित में भी हम यही करेंगे! हमें सिद्ध करना है कि
अपरिमेय है, तो हम जानबूझकर इसे परिमेय (Rational) मान लेंगे।
4. बोर्ड परीक्षा के VVI प्रश्न और उनके हल (Step-by-Step)
टाइप 1: अभाज्य संख्या का वर्गमूल सिद्ध करना (सबसे महत्वपूर्ण)
प्रश्न 1: सिद्ध कीजिए कि
एक अपरिमेय संख्या है। (MP Board 2019, 2022)
हल (Solution – एकदम आसान Steps में):
Step 1: उल्टा मान लें (विरोधाभास की शुरुआत)
माना कि
एक परिमेय (Rational) संख्या है।
अतः हम इसे
के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ
और
सह-अभाज्य (Co-prime) पूर्णांक हैं और
।
(सह-अभाज्य का मतलब:
और
दोनों किसी एक ही पहाड़े से नहीं कटते, यानी उनका 1 के अलावा कोई उभयनिष्ठ/Common गुणनखंड नहीं है।)
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Step 2: वर्ग करें (Squaring)
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
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तिर्यक गुणा (Cross multiply) करने पर:
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Step 3: प्रमेय का उपयोग
समीकरण 1 को देखकर पता चलता है कि
,
से विभाजित होता है।
(प्रमेय के अनुसार) यदि
,
से विभाजित है, तो
भी
से विभाजित होगा।
Step 4: नया चर (Variable) लें
चूँकि
,
से कटता है, तो हम मान सकते हैं:
(जहाँ
कोई पूर्णांक है)
का यह मान समीकरण 1 में रखने पर:
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दोनों तरफ 2 से भाग देने पर:
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Step 5: विरोधाभास (Contradiction) पकड़ें
समीकरण 2 से स्पष्ट है कि
,
से विभाजित होता है। इसलिए
भी
से विभाजित होगा।
अरे रुकिए! हमने शुरू में क्या माना था? कि
और
किसी एक पहाड़े से नहीं कटते (वे सह-अभाज्य हैं)।
लेकिन यहाँ तो
और
दोनों
से कट रहे हैं! (उनका एक उभयनिष्ठ गुणनखंड 2 मिल गया)।
Step 6: निष्कर्ष
यह विरोधाभास (Contradiction) हमारी गलत कल्पना के कारण उत्पन्न हुआ है कि
एक परिमेय संख्या है।
अतः सिद्ध होता है कि
एक अपरिमेय संख्या है। (Proved)
टाइप 2: मिश्रित अपरिमेय संख्याएं सिद्ध करना (यह बहुत आसान है!)
प्रश्न 2: सिद्ध कीजिए कि
एक अपरिमेय संख्या है। (MP Board 2020, 2023)
हल (Solution):
Step 1: माना कि
एक परिमेय संख्या है।
अतः हम इसे
के बराबर लिख सकते हैं (जहाँ
और
सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और
)।
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Step 2:
को अकेला छोड़ें (Isolate the root)
को उधर भेजें:
![]()
LCM लेने पर:
![]()
अब
को नीचे भेजें:
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Step 3: निष्कर्ष निकालें
चूँकि
और
पूर्णांक (Integers) हैं, इसलिए
एक परिमेय संख्या (Rational Number) होगी।
समीकरण 1 के अनुसार, यदि दाहिना हिस्सा परिमेय है, तो बायां हिस्सा (
) भी परिमेय होना चाहिए।
परंतु (But), हम पहले से जानते हैं कि
एक अपरिमेय संख्या है!
यह विरोधाभास हमारी गलत मान्यता के कारण पैदा हुआ है।
अतः
एक अपरिमेय संख्या है।
(देखा? यह टाइप 1 से भी ज्यादा आसान और छोटा है!)
टाइप 3: अंश-हर (Fraction) वाली अपरिमेय संख्या
प्रश्न 3: सिद्ध कीजिए कि
एक अपरिमेय संख्या है।
हल (Solution):
माना
एक परिमेय संख्या है।
अतः
(जहाँ
सह-अभाज्य हैं,
)
इसे पलट (Reciprocal) दें:
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चूँकि
और
पूर्णांक हैं, अतः
एक परिमेय संख्या होगी।
इसलिए
को भी परिमेय होना चाहिए।
परंतु हम जानते हैं कि
एक अपरिमेय संख्या है।
यहाँ विरोधाभास उत्पन्न हुआ।
अतः
एक अपरिमेय संख्या है।
5. हमेशा याद रखने वाले जादुई नियम (Magic Rules for Objectives)
MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्नों) के लिए इन नियमों को रट लें:
- परिमेय + अपरिमेय = अपरिमेय (जैसे
) - परिमेय – अपरिमेय = अपरिमेय (जैसे
) - परिमेय
अपरिमेय = अपरिमेय (जैसे
, बशर्ते परिमेय संख्या 0 न हो) - परिमेय
अपरिमेय = अपरिमेय (जैसे
)
Frequently Asked Questions (FAQs) – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निष्कर्ष (Conclusion):
“अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण” (Repetition of Irrational Number) अध्याय गणित का वह हिस्सा है जहाँ आपको रटने की नहीं, बल्कि सिर्फ एक ‘लॉजिक’ समझने की जरूरत है। ऊपर दिए गए Steps को 2-3 बार अपनी कॉपी में बिना देखे लिखें। बोर्ड परीक्षा में आपके 3 से 4 अंक पक्के हो गए हैं!
अपने दोस्तों को भी ये आसान ट्रिक्स बताएं और इस आर्टिकल को उनके साथ शेयर करें!
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