MP Board Class 12 Chemistry Nernst Equation Equilibrium Constant नेर्न्स्ट समीकरण, साम्यावस्था स्थिरांक और गिब्ज़ ऊर्जा का विस्तृत अध्ययन

Class 12 Chemistry Nernst Equation Equilibrium Constant : कक्षा 12 रसायन विज्ञान (Chemistry) के लिए नेर्न्स्ट समीकरण (Nernst Equation) का संपूर्ण गणितीय निगमन, साम्यावस्था स्थिरांक (K_c) के साथ संबंध, गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा और बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हल सहित संख्यात्मक प्रश्न (Numericals)। आसान भाषा में Class 12 Chemistry Nernst Equation Equilibrium Constant विस्तृत नोट्स।

1. नेर्न्स्ट समीकरण का परिचय (Introduction to Nernst Equation)

वैद्युतरसायन (Electrochemistry) में, हम जानते हैं कि किसी भी सेल का मानक इलेक्ट्रोड विभव (Standard Electrode Potential, E^\circ) केवल तभी मापा जाता है जब सेल में उपस्थित सभी आयनों की सांद्रता (Concentration) 1 M (एक मोलर) हो, गैसों का दाब 1 bar हो और तापमान 298 K (25°C) हो।

परंतु, वास्तविक प्रयोगों और औद्योगिक अनुप्रयोगों में, आयनों की सांद्रता हमेशा 1 M नहीं होती है। जब सांद्रता या तापमान मानक अवस्था में न हो, तो सेल का विभव (Cell Potential) मानक विभव (E^\circ) से अलग हो जाता है। ऐसी गैर-मानक (Non-standard) परिस्थितियों में किसी इलेक्ट्रोड या सेल का विभव ज्ञात करने के लिए जर्मन भौतिक विज्ञानी वाल्थर नेर्न्स्ट (Walther Nernst) ने एक समीकरण दिया, जिसे नेर्न्स्ट समीकरण (Nernst Equation) कहा जाता है।

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यह समीकरण इलेक्ट्रोड विभव (Electrode Potential), मानक इलेक्ट्रोड विभव (Standard Electrode Potential), तापमान (Temperature), और अभिक्रिया में भाग लेने वाले आयनों की सांद्रता (Concentration) के बीच एक गणितीय संबंध स्थापित करता है।

2. नेर्न्स्ट समीकरण की गणितीय उत्पत्ति (Mathematical Generation / Derivation)

नेर्न्स्ट समीकरण की उत्पत्ति ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के सिद्धांतों से की जा सकती है। किसी भी रासायनिक अभिक्रिया के लिए, गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा में परिवर्तन (\Delta G) और अभिक्रिया भागफल (Reaction Quotient, Q) के बीच निम्नलिखित ऊष्मागतिक संबंध होता है:

    \[\Delta G = \Delta G^\circ + RT \ln Q \quad \dots (1)\]

जहाँ:

  • \Delta G = दी गई सांद्रता पर गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा में परिवर्तन (Change in Gibbs Free Energy)
  • \Delta G^\circ = मानक गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा में परिवर्तन (Standard Gibbs Free Energy Change)
  • R = गैस नियतांक (Gas Constant) = 8.314 \text{ J K}^{-1} \text{ mol}^{-1}
  • T = परम ताप (Absolute Temperature in Kelvin)
  • Q = अभिक्रिया भागफल (Reaction Quotient) = \frac{\text{[उत्पाद]}}{\text{[अभिकारक]}}

हम जानते हैं कि सेल द्वारा किया गया अधिकतम विद्युतीय कार्य (Electrical work) गिब्ज़ ऊर्जा में कमी के बराबर होता है। अतः:

    \[\Delta G = -nFE_{\text{cell}} \quad \dots (2)\]

    \[\Delta G^\circ = -nFE^\circ_{\text{cell}} \quad \dots (3)\]

जहाँ:

  • n = अभिक्रिया में स्थानांतरित होने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या (Number of moles of electrons transferred)
  • F = फैराडे नियतांक (Faraday Constant) = लगभग 96487 \text{ C mol}^{-1}
  • E_{\text{cell}} = सेल का विभव (Cell Potential)
  • E^\circ_{\text{cell}} = सेल का मानक विभव (Standard Cell Potential)

समीकरण (2) और (3) का मान समीकरण (1) में रखने पर:

    \[-nFE_{\text{cell}} = -nFE^\circ_{\text{cell}} + RT \ln Q\]

समीकरण के दोनों पक्षों को -nF से भाग देने पर:

    \[\frac{-nFE_{\text{cell}}}{-nF} = \frac{-nFE^\circ_{\text{cell}}}{-nF} + \frac{RT \ln Q}{-nF}\]

    \[E_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{cell}} - \frac{RT}{nF} \ln Q \quad \dots (4)\]

प्राकृतिक लघुगणक (\ln) को आधार-10 वाले लघुगणक (\log_{10}) में बदलने के लिए 2.303 से गुणा किया जाता है (\ln x = 2.303 \log x):

    \[E_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{cell}} - \frac{2.303 RT}{nF} \log Q \quad \dots (5)\]

298 K (25°C) पर समीकरण का सरलीकरण:

यदि तापमान T = 298 \text{ K} हो, तो सभी स्थिरांकों का मान रखने पर:

  • R = 8.314 \text{ J K}^{-1} \text{ mol}^{-1}
  • F = 96487 \text{ C mol}^{-1}

        \[\frac{2.303 \times 8.314 \times 298}{96487} \approx 0.0591 \text{ V}\]

इसे समीकरण (5) में रखने पर नेर्न्स्ट समीकरण का सबसे उपयोगी और सरल रूप प्राप्त होता है:

    \[E_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{cell}} - \frac{0.0591}{n} \log Q \quad \dots (6)\]

3. एकल इलेक्ट्रोड (Half-Cell) के लिए नेर्न्स्ट समीकरण

मान लीजिए कि किसी धातु इलेक्ट्रोड पर निम्नलिखित अपचयन (Reduction) अभिक्रिया हो रही है:

    \[M^{n+}(\text{aq}) + ne^- \rightarrow M(\text{s})\]

इस अपचयन अर्ध-सेल के लिए नेर्न्स्ट समीकरण को इस प्रकार लिखा जाएगा:

    \[E_{(M^{n+}/M)} = E^\circ_{(M^{n+}/M)} - \frac{0.0591}{n} \log \frac{[M(\text{s})]}{[M^{n+}(\text{aq})]}\]

चूँकि शुद्ध ठोस धातु (Solid metal) की सांद्रता को हमेशा इकाई (1) माना जाता है, अर्थात् [M(\text{s})] = 1:

    \[E_{(M^{n+}/M)} = E^\circ_{(M^{n+}/M)} - \frac{0.0591}{n} \log \frac{1}{[M^{n+}(\text{aq})]}\]

यह समीकरण स्पष्ट करता है कि जैसे-जैसे विलयन में धातु आयनों [M^{n+}] की सांद्रता बढ़ती है, इलेक्ट्रोड का अपचयन विभव (Reduction Potential) भी बढ़ता है।

4. गैल्वैनी सेल (डेनियल सेल) के लिए नेर्न्स्ट समीकरण

डेनियल सेल (Daniell Cell) जिंक (Zn) और कॉपर (Cu) से मिलकर बना होता है। इसमें होने वाली समग्र सेल अभिक्रिया (Overall Cell Reaction) निम्नलिखित है:

    \[\text{Zn(s)} + \text{Cu}^{2+}(\text{aq}) \rightarrow \text{Zn}^{2+}(\text{aq}) + \text{Cu(s)}\]

यहाँ स्थानांतरित इलेक्ट्रॉनों की संख्या n = 2 है।

इस अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया भागफल (Q) होगा:

    \[Q = \frac{[\text{Zn}^{2+}][\text{Cu}]}{[\text{Zn}][\text{Cu}^{2+}]}\]

चूँकि शुद्ध ठोस अवस्था में [\text{Cu}] = 1 और [\text{Zn}] = 1 होता है, इसलिए:

    \[Q = \frac{[\text{Zn}^{2+}]}{[\text{Cu}^{2+}]}\]

अब 298 K पर डेनियल सेल के लिए नेर्न्स्ट समीकरण इस प्रकार होगा:

    \[E_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{cell}} - \frac{0.0591}{2} \log \frac{[\text{Zn}^{2+}]}{[\text{Cu}^{2+}]}\]

महत्वपूर्ण निष्कर्ष:

इस समीकरण से यह देखा जा सकता है कि E_{\text{cell}} का मान [\text{Cu}^{2+}] (कैथोड के आयन) की सांद्रता बढ़ने पर बढ़ता है और [\text{Zn}^{2+}] (ऐनोड के आयन) की सांद्रता बढ़ने पर घटता है।

5. नेर्न्स्ट समीकरण से साम्यावस्था स्थिरांक (Equilibrium Constant, K_c) की गणना

जब गैल्वैनी सेल काम करता है, तो ऐनोड से आयन विलयन में आते हैं (सांद्रता बढ़ती है) और कैथोड के आयन धातु के रूप में जमा होते हैं (सांद्रता घटती है)। कुछ समय बाद, सेल के भीतर एक साम्यावस्था (Equilibrium) स्थापित हो जाती है।

साम्यावस्था की स्थिति में:

  1. सेल काम करना बंद कर देता है, और सेल का विभव शून्य हो जाता है। अर्थात्, E_{\text{cell}} = 0
  2. अभिक्रिया भागफल (Q) साम्यावस्था स्थिरांक (K_c) के बराबर हो जाता है। अर्थात्, Q = K_c

नेर्न्स्ट समीकरण में E_{\text{cell}} = 0 और Q = K_c रखने पर:

    \[0 = E^\circ_{\text{cell}} - \frac{2.303 RT}{nF} \log K_c\]

या

    \[E^\circ_{\text{cell}} = \frac{2.303 RT}{nF} \log K_c\]

298 K तापमान पर इस समीकरण को सरलीकृत रूप में लिखा जा सकता है:

    \[E^\circ_{\text{cell}} = \frac{0.0591}{n} \log K_c\]

    \[\log K_c = \frac{n \times E^\circ_{\text{cell}}}{0.0591}\]

उपयोगिता: यह समीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी सहायता से हम उन रासायनिक अभिक्रियाओं के साम्यावस्था स्थिरांक (K_c) की गणना कर सकते हैं जिनका सीधा मापन प्रायोगिक रूप से बहुत कठिन होता है। हमें केवल सेल का मानक विभव (E^\circ_{\text{cell}}) ज्ञात होना चाहिए।

6. वैद्युतरासायनिक सेल और गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा (Gibbs Free Energy of a Cell)

किसी सेल द्वारा किया गया विद्युतीय कार्य उसमें उत्पन्न गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा में कमी (\Delta G) के बराबर होता है। यदि सेल का विभव E_{\text{cell}} है और स्थानांतरित कुल आवेश nF है, तो:

    \[\Delta G = -nFE_{\text{cell}}\]

यदि हम मानक अवस्था (Standard state) की बात करें, जहाँ सभी सांद्रताएं 1 M हैं, तो गिब्ज़ ऊर्जा में मानक परिवर्तन (\Delta G^\circ) होगा:

    \[\Delta G^\circ = -nFE^\circ_{\text{cell}}\]

साम्यावस्था स्थिरांक के साथ संबंध:

चूँकि हम जानते हैं कि E^\circ_{\text{cell}} = \frac{RT}{nF} \ln K_c, इसे गिब्ज़ ऊर्जा वाले समीकरण में रखने पर:

    \[\Delta G^\circ = -nF \left( \frac{RT}{nF} \ln K_c \right)\]

    \[\Delta G^\circ = -RT \ln K_c\]

या आधार-10 में:

    \[\Delta G^\circ = -2.303 RT \log K_c\]

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • यदि E^\circ_{\text{cell}} धनात्मक (Positive) है, तो \Delta G^\circ ऋणात्मक (Negative) होगा, जो इंगित करता है कि अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित (Spontaneous) है।
  • यदि E^\circ_{\text{cell}} ऋणात्मक (Negative) है, तो \Delta G^\circ धनात्मक (Positive) होगा, अर्थात् अभिक्रिया स्वतः अप्रवर्तित (Non-spontaneous) है।

7. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हल सहित उदाहरण (Solved Numericals)

बोर्ड परीक्षा में नेर्न्स्ट समीकरण पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं:

उदाहरण 1: नेर्न्स्ट समीकरण का अनुप्रयोग

निम्नलिखित सेल के लिए 298 K पर सेल विभव (EMF) की गणना कीजिए:

    \[\text{Mg(s)} \vert{} \text{Mg}^{2+}(0.130 \text{ M}) \vert{}\vert{} \text{Ag}^+(0.0001 \text{ M}) \vert{} \text{Ag(s)}\]

दिया गया है: E^\circ_{\text{Mg}^{2+}/\text{Mg}} = -2.37 \text{ V} तथा E^\circ_{\text{Ag}^+/\text{Ag}} = +0.80 \text{ V}

हल:

चरण 1: सेल अभिक्रिया और n का निर्धारण

ऐनोड (ऑक्सीकरण): \text{Mg} \rightarrow \text{Mg}^{2+} + 2e^-

कैथोड (अपचयन): [\text{Ag}^+ + e^- \rightarrow \text{Ag}] \times 2

समग्र अभिक्रिया: \text{Mg(s)} + 2\text{Ag}^+(\text{aq}) \rightarrow \text{Mg}^{2+}(\text{aq}) + 2\text{Ag(s)}

यहाँ, n = 2

चरण 2: मानक सेल विभव (E^\circ_{\text{cell}}) की गणना

    \[E^\circ_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{कैथोड}} - E^\circ_{\text{ऐनोड}}\]

    \[E^\circ_{\text{cell}} = 0.80 - (-2.37) = 3.17 \text{ V}\]

चरण 3: नेर्न्स्ट समीकरण का प्रयोग

    \[E_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{cell}} - \frac{0.0591}{n} \log \frac{[\text{Mg}^{2+}]}{[\text{Ag}^+]^2}\]

ध्यान दें कि [\text{Ag}^+] का वर्ग किया गया है क्योंकि संतुलित समीकरण में \text{Ag}^+ का रससमीकरणमितीय गुणांक (stoichiometric coefficient) 2 है।

    \[E_{\text{cell}} = 3.17 - \frac{0.0591}{2} \log \frac{0.130}{(0.0001)^2}\]

    \[E_{\text{cell}} = 3.17 - 0.02955 \log \frac{0.130}{10^{-8}}\]

    \[E_{\text{cell}} = 3.17 - 0.02955 \log (1.3 \times 10^7)\]

\log (1.3 \times 10^7) = \log 1.3 + 7 = 0.1139 + 7 = 7.1139

    \[E_{\text{cell}} = 3.17 - (0.02955 \times 7.1139)\]

    \[E_{\text{cell}} = 3.17 - 0.21 = 2.96 \text{ V}\]

उत्तर: सेल का EMF 2.96 V है।

उदाहरण 2: साम्यावस्था स्थिरांक की गणना

निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्यावस्था स्थिरांक (K_c) की गणना कीजिए:

    \[\text{Cu(s)} + 2\text{Ag}^+(\text{aq}) \rightleftharpoons \text{Cu}^{2+}(\text{aq}) + 2\text{Ag(s)}\]

दिया गया है: E^\circ_{\text{cell}} = 0.46 \text{ V}

हल:

इस अभिक्रिया में, \text{Cu} दो इलेक्ट्रॉन त्यागता है और 2\text{Ag}^+ दो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं। अतः n = 2.

साम्यावस्था स्थिरांक का सूत्र:

    \[E^\circ_{\text{cell}} = \frac{0.0591}{n} \log K_c\]

    \[0.46 = \frac{0.0591}{2} \log K_c\]

    \[\log K_c = \frac{0.46 \times 2}{0.0591}\]

    \[\log K_c = \frac{0.92}{0.0591} \approx 15.56\]

K_c ज्ञात करने के लिए Antilog (प्रतिलघुगणक) लेने पर:

    \[K_c = \text{Antilog}(15.56) = 3.63 \times 10^{15}\]

उत्तर: साम्यावस्था स्थिरांक K_c का मान 3.63 \times 10^{15} है।

उदाहरण 3: मानक गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा की गणना

डेनियल सेल के लिए मानक गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा (\Delta G^\circ) की गणना कीजिए। दिया गया है: \text{Zn}^{2+}/\text{Zn} का E^\circ = -0.76 \text{ V} और \text{Cu}^{2+}/\text{Cu} का E^\circ = +0.34 \text{ V}. (F = 96487 \text{ C mol}^{-1})

हल:

चरण 1: E^\circ_{\text{cell}} की गणना

    \[E^\circ_{\text{cell}} = E^\circ_{\text{Cu}^{2+}/\text{Cu}} - E^\circ_{\text{Zn}^{2+}/\text{Zn}}\]

    \[E^\circ_{\text{cell}} = 0.34 - (-0.76) = 1.10 \text{ V}\]

चरण 2: गिब्ज़ ऊर्जा सूत्र का प्रयोग

डेनियल सेल में n = 2 होता है।

    \[\Delta G^\circ = -nFE^\circ_{\text{cell}}\]

    \[\Delta G^\circ = -2 \times 96487 \text{ C mol}^{-1} \times 1.10 \text{ V}\]

    \[\Delta G^\circ = -212271.4 \text{ J mol}^{-1}\]

इसे किलो जूल (kJ) में बदलने पर:

    \[\Delta G^\circ = -212.27 \text{ kJ mol}^{-1}\]

उत्तर: मानक गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा \Delta G^\circ = -212.27 \text{ kJ mol}^{-1} है। ऋणात्मक चिह्न बताता है कि अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित है।

8. परीक्षा उपयोगी टिप्स (Exam Tips for Class 12 Students)

  1. सूत्रों का स्पष्ट उल्लेख: जब भी आप नेर्न्स्ट समीकरण पर आधारित कोई न्यूमेरिकल हल करें, तो सबसे पहले मुख्य सूत्र (Main formula) लिखें। इसके लिए आपको परीक्षा में चरणबद्ध (Step-marking) अंक मिलते हैं।
  2. ‘n’ का सही निर्धारण: छात्रों से सबसे अधिक गलती n (स्थानांतरित इलेक्ट्रॉनों की संख्या) का मान निकालने में होती है। हमेशा दोनों अर्ध-अभिक्रियाओं को लिखकर इलेक्ट्रॉनों को संतुलित (balance) करें।
  3. लघुगणक (Log) के नियम: सांद्रता वाले अनुपातों को हल करने के लिए \log(A/B) = \log A - \log B और \log(A^x) = x \log A जैसे नियमों का अच्छी तरह से अभ्यास करें।
  4. ठोस की सांद्रता: हमेशा याद रखें कि नेर्न्स्ट समीकरण में किसी भी ठोस धातु (जैसे \text{Zn(s)}, \text{Cu(s)}, \text{Ag(s)}) की सांद्रता को 1 (Unity) रखा जाता है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: नेर्न्स्ट समीकरण की आवश्यकता क्यों पड़ी?

उत्तर: मानक इलेक्ट्रोड विभव (E^\circ) केवल 1 M सांद्रता और 298 K पर लागू होता है। वास्तविक परिस्थितियों (Non-standard conditions) में जहाँ सांद्रता 1 M नहीं होती, वहाँ सेल का सटीक विभव (EMF) ज्ञात करने के लिए नेर्न्स्ट समीकरण की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2: नेर्न्स्ट समीकरण में ठोस पदार्थों की सांद्रता को 1 क्यों माना जाता है?

उत्तर: ऊष्मागतिकी के अनुसार, किसी शुद्ध ठोस (Pure solid) या शुद्ध द्रव (Pure liquid) की सक्रियता (Activity) या सांद्रता हमेशा स्थिर रहती है। इसलिए गणितीय सरलता के लिए इसे मानक अवस्था में 1 (Unity) मान लिया जाता है।

प्रश्न 3: साम्यावस्था पर सेल का विभव (Cell Potential) शून्य क्यों हो जाता है?

उत्तर: साम्यावस्था (Equilibrium) पर, दोनों इलेक्ट्रोडों का विभव बराबर हो जाता है, जिससे उनके बीच का विभवांतर (Potential Difference) शून्य हो जाता है। ऐसी स्थिति में इलेक्ट्रॉन का प्रवाह रुक जाता है, और E_{\text{cell}} = 0 हो जाता है।

प्रश्न 4: E_{\text{cell}} और E^\circ_{\text{cell}} में क्या अंतर है?

उत्तर:E^\circ_{\text{cell}} (मानक सेल विभव) एक निश्चित मान है जो केवल मानक अवस्थाओं (1 M, 298 K, 1 atm) पर निर्भर करता है। जबकि E_{\text{cell}} (सेल विभव) एक परिवर्तनशील मान है जो अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता बदलने पर लगातार बदलता रहता है।

प्रश्न 5: क्या गिब्ज़ ऊर्जा (\Delta G^\circ) का मान धनात्मक हो सकता है?

उत्तर: हाँ, यदि सेल का मानक विभव (E^\circ_{\text{cell}}) ऋणात्मक हो, तो सूत्र \Delta G^\circ = -nFE^\circ_{\text{cell}} के अनुसार \Delta G^\circ धनात्मक हो जाएगा। इसका अर्थ है कि वह विशिष्ट रेडॉक्स अभिक्रिया स्वयं संपन्न नहीं होगी (Non-spontaneous)।