MP Board Class 12 Chemistry Expressing Concentration of Solutions : विलयनों की सांद्रता को व्यक्त करना

Class 12 Chemistry Expressing Concentration of Solutions : MP Board Class 12वीं रसायन विज्ञान (Chemistry) के अध्याय 1 के लिए ‘विलयनों की सांद्रता को व्यक्त करना’ (Expressing Concentration of Solutions) का विस्तृत अध्ययन। इस ब्लॉग पोस्ट में द्रव्यमान प्रतिशत (Mass Percentage), आयतन प्रतिशत (Volume Percentage), मोलरता (Molarity), मोललता (Molality) और मोल-अंश (Mole Fraction) के सूत्र एवं हल सहित उदाहरण आसान भाषा में समझें।

Expressing Concentration of Solutions

किसी भी विलयन (Solution) का संघटन उसकी सांद्रता (Concentration) के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता है। सांद्रता को मुख्य रूप से दो प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है: गुणात्मक रूप से (Qualitative) या मात्रात्मक रूप से (Quantitative)।

  • गुणात्मक वर्णन (Qualitative Description): गुणात्मक रूप से हम यह कह सकते हैं कि विलयन तनु (Dilute) है, जिसका अर्थ है कि उसमें विलेय (Solute) की अपेक्षाकृत बहुत कम मात्रा उपस्थित है। इसके विपरीत, हम कह सकते हैं कि विलयन सांद्र (Concentrated) है, जिसका अर्थ है कि विलेय की अपेक्षाकृत बहुत अधिक मात्रा घुली हुई है। परंतु वास्तविकता में, विज्ञान और रसायन शास्त्र में इस तरह का वर्णन अत्यधिक भ्रम उत्पन्न करता है क्योंकि यह सटीक नहीं होता।
  • मात्रात्मक वर्णन (Quantitative Description): भ्रम से बचने के लिए, विलयनों का मात्रात्मक (Quantitative) रूप में वर्णन करने की अत्यधिक आवश्यकता होती है।

विलयनों की सांद्रता (Concentration of solutions) का मात्रात्मक वर्णन हम कई प्रकार से कर सकते हैं, जिनका विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है।

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1. द्रव्यमान प्रतिशत (Mass Percentage, w/w)

जब हम विलयनों के अवयवों की सांद्रता को द्रव्यमान (Mass) के संदर्भ में मापते हैं, तो उसे द्रव्यमान प्रतिशत कहते हैं। विलयनों के अवयवों को द्रव्यमान प्रतिशत में निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है:

    \[\text{अवयव का द्रव्यमान \%} = \frac{\text{विलयन में उपस्थित अवयव का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का कुल द्रव्यमान}} \times 100 \quad (1.1)\]

उदाहरण (Example): यदि एक विलयन का वर्णन ‘जल में 10% ग्लूकोस (Glucose) का द्रव्यमान’ के रूप में किया जाए, तो इसका तात्पर्य यह है कि 10 g ग्लूकोस को 90 g जल (Water) में घोलने पर 100 g विलयन प्राप्त हुआ है।

उपयोग (Application): द्रव्यमान प्रतिशत में व्यक्त सांद्रता का उपयोग सामान्य रासायनिक उद्योगों (Chemical industries) के अनुप्रयोगों में किया जाता है। उदाहरण के लिए, व्यावसायिक ब्लीचिंग विलयन (Bleaching solution) में सोडियम हाइपोक्लोराइट (Sodium hypochlorite) का जल में 3.62 द्रव्यमान प्रतिशत होता है।

2. आयतन प्रतिशत (Volume Percentage, V/V)

जब विलेय और विलायक दोनों द्रव अवस्था (Liquid state) में होते हैं, तो सांद्रता को आयतन प्रतिशत (Volume percentage) में मापना सुविधाजनक होता है। इसे निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है:

    \[\text{अवयव का प्रतिशत आयतन} = \frac{\text{अवयव का आयतन}}{\text{विलयन का कुल आयतन}} \times 100 \quad (1.2)\]

उदाहरण (Example): एथेनॉल (Ethanol) का जल में 10% विलयन का तात्पर्य है कि 10 mL एथेनॉल को इतने जल में घोला गया है कि विलयन का कुल आयतन 100 mL हो जाए।

उपयोग (Application): द्रवीय विलयनों (Liquid solutions) को सामान्यतः इसी मात्रक में प्रदर्शित किया जाता है। उदाहरणार्थ, एथिलीन ग्लाइकॉल (Ethylene glycol) का 35% (V/V) विलयन वाहनों के इंजन को ठंडा करने (Cooling) के काम में आता है। इस सांद्रता पर यह विलयन हिमरोधी (Antifreeze) का कार्य करता है और जल के हिमांक (Freezing point) को 255.4 K (-17.6 °C) तक कम कर देता है।

3. द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत (Mass by Volume Percentage, w/V)

यह सांद्रता मापने की एक अन्य इकाई (मात्रक) है जो मुख्य रूप से औषधियों (Medicines) व फार्मेसी (Pharmacy) के क्षेत्र में सामान्यतः उपयोग में आती है। यह 100 mL विलयन में घुले हुए विलेय (Solute) का द्रव्यमान (Mass) होता है।

4. पार्ट्स पर (प्रति) मिलियन (Parts Per Million, ppm)

जब किसी विलयन में विलेय की मात्रा अत्यंत सूक्ष्म (Trace quantities) हो, तो सांद्रता को पार्ट्स पर मिलियन (ppm) में प्रदर्शित करना सबसे उपयुक्त रहता है। इसका सूत्र इस प्रकार है:

    \[\text{पार्ट्स पर (प्रति) मिलियन} = \frac{\text{अवयव के भागों की संख्या}}{\text{विलयन में उपस्थित सभी अवयवों के कुल भागों की संख्या}} \times 10^6 \quad (1.3)\]

प्रतिशत की भाँति ppm (पार्ट्स पर मिलियन) सांद्रता को भी द्रव्यमान – द्रव्यमान (Mass-mass), आयतन – आयतन (Volume-volume) व द्रव्यमान – आयतन (Mass-volume) में प्रदर्शित किया जा सकता है।

उदाहरण (Example): एक लीटर (1030 g) समुद्री जल (Sea water) में 6 \times 10^{-3} \text{ g} ऑक्सीजन (\text{O}_2) घुली होती है। इतनी कम सांद्रता को 5.8 g प्रति 10^6 \text{ g} समुद्री जल (5.8 ppm) से भी व्यक्त किया जा सकता है। जल अथवा वायुमंडल में प्रदूषकों (Pollutants) की सांद्रता को प्रायः \mu\text{g mL}^{-1} अथवा ppm में ही प्रदर्शित किया जाता है।

5. मोल-अंश (Mole Fraction)

मोल-अंश (Mole fraction) एक बहुत ही महत्वपूर्ण सांद्रता इकाई है। x को सामान्यतः मोल-अंश के संकेत (Symbol) के रूप में उपयोग करते हैं और x के दाईं ओर नीचे लिखी हुई संख्या (Subscript) उसके अवयवों को प्रदर्शित करती है।

    \[\text{अवयव का मोल-अंश} = \frac{\text{अवयव के मोलों की संख्या}}{\text{सभी अवयवों के कुल मोलों की संख्या}} \quad (1.4)\]

गणितीय रूप (Mathematical Form): उदाहरणार्थ, एक द्विअंगी विलयन (Binary solution) में यदि A व B अवयवों के मोल क्रमशः n_A व n_B हों, तो A का मोल-अंश (x_A) होगा:

    \[x_A = \frac{n_A}{n_A + n_B} \quad (1.5)\]

इसी प्रकार, यदि किसी विलयन में i अवयव हों, तो किसी अवयव i का मोल-अंश होगा:

    \[x_i = \frac{n_i}{n_1 + n_2 + \dots + n_i} = \frac{n_i}{n_t} \quad (1.6)\]

यह दर्शाया जा सकता है कि दिए गए विलयन में उपस्थित सभी अवयवों के मोल-अंशों का कुल योग हमेशा एक (1) होता है, अर्थात्:

    \[x_1 + x_2 + \dots + x_i = 1 \quad (1.7)\]

उपयोग (Application): मोल-अंश इकाई (Mole-fraction unit), विलयनों के भौतिक गुणों (Physical properties) में संबंध दर्शाने में बहुत उपयोगी है, जैसे विलयनों की सांद्रता का वाष्पदाब (Vapour pressure) के साथ संबंध दर्शाने में। तथा इसका उपयोग गैसीय मिश्रणों (Gaseous mixtures) के लिए आवश्यक गणना की व्याख्या करने में भी होता है।

6. मोलरता (Molarity, M)

मोलरता (Molarity) सांद्रता को व्यक्त करने की सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली विधियों में से एक है। एक लीटर (1 क्यूबिक डेसीमीटर) विलयन में घुले हुए विलेय (Solute) के मोलों की संख्या को उस विलयन की मोलरता (M) कहते हैं।

    \[\text{मोलरता} = \frac{\text{विलेय के मोल}}{\text{विलयन का लीटर में आयतन}} \quad (1.8)\]

उदाहरण (Example): उदाहरणार्थ \text{NaOH} के 0.25 \text{ mol L}^{-1} (0.25 \text{ M}) विलयन का तात्पर्य यह है कि \text{NaOH} के 0.25 मोल को 1 लीटर (एक क्यूबिक डेसीमीटर) विलयन में घोला गया है।

7. मोललता (Molality, m)

मोललता (Molality) विलायक (Solvent) के द्रव्यमान पर आधारित होती है। किसी विलयन की मोललता (m) 1 kg विलायक में उपस्थित विलेय (Solute) के मोलों की संख्या के रूप में परिभाषित की जाती है और इसे निम्न प्रकार से व्यक्त करते हैं:

    \[\text{मोललता (m)} = \frac{\text{विलेय के मोल}}{\text{विलायक का किलोग्राम में द्रव्यमान}} \quad (1.9)\]

उदाहरण (Example): उदाहरणार्थ, 1.00 \text{ mol kg}^{-1} (1.00 \text{ m}) \text{KCl} का जलीय विलयन से तात्पर्य है कि 1 mol (74.5 g) \text{KCl} को 1 kg जल में घोला गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: तापमान का प्रभाव (Effect of Temperature)

विलयनों की सांद्रता व्यक्त करने की प्रत्येक विधि के अपने-अपने गुण एवं दोष (Merits and demerits) होते हैं। यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि द्रव्यमान प्रतिशत (Mass percentage), ppm, मोल-अंश (Mole-fraction) तथा मोललता (Molality) ताप (Temperature) पर निर्भर नहीं करते हैं। जबकि मोलरता (Molarity) ताप पर निर्भर करती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आयतन (Volume) ताप पर निर्भर करता है, जबकि द्रव्यमान (Mass) ताप पर निर्भर नहीं करता।

हल सहित उदाहरण (Solved Examples)

परीक्षा की दृष्टि से इन सांद्रता पदों पर आधारित गणितीय प्रश्न (Mathematical calculations) बहुत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण हल किये गए उदाहरण दिए गए हैं:

उदाहरण 1.1

प्रश्न: एथिलीन ग्लाइकॉल (\text{C}_2\text{H}_6\text{O}_2) के मोल-अंश की गणना करो यदि विलयन में \text{C}_2\text{H}_6\text{O}_2 का 20% द्रव्यमान उपस्थित हो। हल: माना कि हमारे पास 100 g विलयन है। (हम विलयन की किसी भी मात्रा से प्रारंभ कर सकते हैं क्योंकि परिणाम समान ही होगा।) विलयन में 20 g एथिलीन ग्लाइकॉल व 80 g जल होगा। \text{C}_2\text{H}_6\text{O}_2 का आण्विक द्रव्यमान (Molar mass) = (12 \times 2) + (1 \times 6) + (16 \times 2) = 62 \text{ g mol}^{-1}

    \[\text{C}_2\text{H}_6\text{O}_2 \text{ के mol} = \frac{20 \text{ g}}{62 \text{ g mol}^{-1}} = 0.322 \text{ mol}\]

    \[\text{जल के mol} = \frac{80 \text{ g}}{18 \text{ g mol}^{-1}} = 4.444 \text{ mol}\]

    \[x_{\text{ग्लाइकॉल}} = \frac{\text{C}_2\text{H}_6\text{O}_2 \text{ के mol}}{\text{C}_2\text{H}_6\text{O}_2 \text{ के mol} + \text{H}_2\text{O के mol}}\]

    \[x_{\text{ग्लाइकॉल}} = \frac{0.322 \text{ mol}}{0.322 \text{ mol} + 4.444 \text{ mol}} = 0.068\]

इसी प्रकार जल का मोल अंश ज्ञात किया जा सकता है:

    \[x_{\text{जल}} = \frac{4.444 \text{ mol}}{0.322 \text{ mol} + 4.444 \text{ mol}} = 0.932\]

जल के मोल-अंश की गणना निम्नलिखित प्रकार से भी की जा सकती है:

1 - 0.068 = 0.932

उदाहरण 1.2

प्रश्न: उस विलयन की मोलरता (Molarity) की गणना कीजिए, जिसमें 5 g \text{NaOH}, 450 mL विलयन में घुला हुआ है।

हल:

    \[\text{NaOH के मोल} = \frac{5 \text{ g}}{40 \text{ g mol}^{-1}} = 0.125 \text{ mol}\]

    \[\text{विलयन का लीटर में आयतन} = \frac{450 \text{ mL}}{1000 \text{ mL L}^{-1}}\]

समीकरण (1.8) का उपयोग करने पर मोलरता ज्ञात की जाती है:

    \[\text{मोलरता} = \frac{0.125 \text{ mol} \times 1000 \text{ mL L}^{-1}}{450 \text{ mL}}\]

= 0.278 \text{ M}

= 0.278 \text{ mol L}^{-1}

= 0.278 \text{ mol dm}^{-3}

उदाहरण 1.3

प्रश्न: 2.5 g एथेनोइक अम्ल (\text{CH}_3\text{COOH}) के 75 g बेन्जीन में विलयन की मोललता (Molality) की गणना करो।

हल:

\text{C}_2\text{H}_4\text{O}_2 का मोलर द्रव्यमान = (12 \times 2) + (1 \times 4) + (16 \times 2) = 60 \text{ g mol}^{-1}

    \[\text{C}_2\text{H}_4\text{O}_2 \text{ के मोल} = \frac{2.5 \text{ g}}{60 \text{ g mol}^{-1}} = 0.0417 \text{ mol}\]

    \[\text{बेन्जीन का kg में द्रव्यमान} = \frac{75 \text{ g}}{1000 \text{ g kg}^{-1}} = 75 \times 10^{-3} \text{ kg}\]

    \[\text{C}_2\text{H}_4\text{O}_2 \text{ की मोललता} = \frac{\text{C}_2\text{H}_4\text{O}_2 \text{ के मोल}}{\text{बेन्जीन का kg में द्रव्यमान}}\]

    \[= \frac{0.0417 \text{ mol} \times 1000 \text{ g kg}^{-1}}{75 \text{ g}} = 0.556 \text{ mol kg}^{-1}\]

पाठ्यनिहित प्रश्न (Practice Questions / In-text Questions)

विद्यार्थियों के अभ्यास हेतु पुस्तक में दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न नीचे सूचीबद्ध हैं, जिन्हें आपको स्वयं हल करने का प्रयास करना चाहिए:

  • 1.1 यदि 22 g बेन्जीन में 22 g कार्बनटेट्राक्लोराइड घुली हो तो बेन्जीन एवं कार्बन टेट्राक्लोराइड के द्रव्यमान प्रतिशत की गणना कीजिए।
  • 1.2 एक विलयन में बेन्जीन का 30 द्रव्यमान % कार्बनटेट्राक्लोराइड में घुला हुआ हो तो बेन्जीन के मोल-अंश की गणना कीजिए।
  • 1.3 निम्नलिखित प्रत्येक विलयन की मोलरता की गणना कीजिए-
    • (क) 30 g, \text{Co}(\text{NO}_3)_2 \cdot 6\text{H}_2\text{O} 4.3 लीटर विलयन में घुला हुआ हो
    • (ख) 30 mL 0.5 M \text{H}_2\text{SO}_4 को 500 mL तनु करने पर।
  • 1.4 यूरिया (\text{NH}_2\text{CONH}_2) के 0.25 मोलर, 2.5 kg जलीय विलयन को बनने के लिए आवश्यक यूरिया के द्रव्यमान की गणना कीजिए।
  • 1.5 20% (w/w) जलीय \text{KI} का घनत्व 1.202 \text{ g mL}^{-1} हो तो \text{KI} विलयन की (क) मोललता, (ख) मोलरता, (ग) मोल-अंश की गणना कीजिए।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: मोलरता (Molarity) और मोललता (Molality) में क्या अंतर है?
उत्तर: मोलरता (Molarity) 1 लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या है, जबकि मोललता (Molality) 1 kg विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या है। मोलरता विलयन के आयतन पर आधारित होती है, और मोललता विलायक के द्रव्यमान पर।

प्रश्न 2: तापमान (Temperature) बदलने पर कौन सी सांद्रता इकाई बदल जाती है?
उत्तर: मोलरता (Molarity) ताप पर निर्भर करती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आयतन ताप पर निर्भर करता है जबकि द्रव्यमान नहीं। द्रव्यमान प्रतिशत, ppm, मोल-अंश तथा मोललता ताप पर निर्भर नहीं करते।

प्रश्न 3: मोल-अंश (Mole-fraction) के उपयोग क्या हैं?
उत्तर: मोल-अंश इकाई, विलयनों के भौतिक गुणों में संबंध दर्शाने में बहुत उपयोगी है जैसे विलयनों की सांद्रता का वाष्पदाब (Vapour pressure) के साथ संबंध दर्शाने में तथा इसका उपयोग गैसीय मिश्रणों (Gaseous mixtures) के लिए आवश्यक गणना की व्याख्या करने में भी है।

प्रश्न 4: बहुत सूक्ष्म मात्रा को दर्शाने के लिए किस इकाई का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: जब विलेय की मात्रा अत्यंत सूक्ष्म हो तो सांद्रता को पार्ट्स पर मिलियन (ppm) में प्रदर्शित करना उपयुक्त रहता है। जल अथवा वायुमंडल में प्रदूषकों की सांद्रता को प्रायः इसी इकाई में मापा जाता है।