MP Board Class 9 Hindi Sanchayan 1 : संचयन पूरक पाठ्य पुस्तक से विविध पाठों पर आधारित प्रश्न

संचयन पूरक पाठ्य पुस्तक : MP Board Class 9 Hindi Sanchayan 1

  1. गिल्लू – महादेवी वर्मा
  2. स्मृति – श्रीराम शर्मा
  3. कल्लू कुम्हार की उनाकोटी – के. विक्रम सिंह
  4. मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय – धर्मवीर भारती

संचयन: पूरक पाठ्यपुस्तक – महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न

1. गिल्लू – महादेवी वर्मा

  1. गिल्लू कौन था और लेखिका ने उसका परिचय किस प्रकार दिया है?
    • उत्तर: गिल्लू एक नन्ही गिलहरी थी जिसे लेखिका महादेवी वर्मा ने अपने बरामदे में घायल अवस्था में पाया था। लेखिका ने उसे अपने परिवार के सदस्य के रूप में पाला और उसके प्रति गहरा आत्मीय स्नेह रखा।
  2. गिल्लू की बुद्धिमत्ता और समझदारी के दो उदाहरण दीजिए जो आपको पाठ में मिले हों।
    • उत्तर: गिल्लू लेखिका की थाली में बैठकर चावल के एक-एक दाने को चुनकर खाता था। दूसरा, जब लेखिका अस्पताल में थीं, तो उसने अपना प्रिय काजू खाना छोड़ दिया था, जिससे उसकी समझदारी और प्रेम स्पष्ट होता है।
  3. लेखिका ने गिल्लू के प्रति अपना स्नेह किन-किन तरीकों से व्यक्त किया है?
    • उत्तर: लेखिका ने गिल्लू के घावों पर मरहम लगाया, उसे अपने हाथों से दूध पिलाया, और उसके लिए जाली के भीतर एक आरामदायक घर बनाया। वे उसे अपनी थाली में भी खाने देती थीं, जो उनके गहरे स्नेह को दर्शाता है।
  4. गिल्लू के अंतिम क्षणों का वर्णन कीजिए और यह बताइए कि लेखिका को उसके जाने का कैसा अनुभव हुआ?
    • उत्तर: गिल्लू ने अपनी अंतिम रात लेखिका की उँगली पकड़े रखी। सुबह तक उसका शरीर ठंडा पड़ गया और उसकी मृत्यु हो गई। गिल्लू के जाने से लेखिका को गहरा दुख हुआ, मानो उन्होंने अपने एक प्यारे बच्चे को खो दिया हो।

2. स्मृति – श्रीराम शर्मा

  1. लेखक श्रीराम शर्मा का बचपन किन शरारतों से भरा था? स्कूल जाते समय वे क्या-क्या करते थे?
    • उत्तर: लेखक का बचपन शरारतों से भरा था। स्कूल जाते समय वे रास्ते में पेड़ों से बेर तोड़ते, जानवरों के साथ खेलते और दोस्तों के साथ मटरगश्ती करते थे, जिससे उन्हें अक्सर स्कूल पहुँचने में देरी हो जाती थी।
  2. कुएँ में चिट्ठियाँ गिरने की घटना का वर्णन कीजिए। लेखक की क्या गलती हुई थी?
    • उत्तर: लेखक ने कुएँ में साँप पर अपनी टोपी से चिट्ठियाँ डालते समय गलती कर दी। उनका पाजामा कुएँ की मुँडेर में फँस गया, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ा और चिट्ठियाँ सीधे कुएँ में बैठे साँप के पास जा गिरीं।
  3. साँप से अपनी चिट्ठियाँ निकालने के लिए लेखक ने क्या उपाय सोचा और उसे कैसे अंजाम दिया?
    • उत्तर: लेखक ने अपनी धोती का एक मजबूत फंदा बनाया और उसे एक डंडे में फँसाकर कुएँ में उतारा। उन्होंने बहुत सावधानी से फंदे से चिट्ठियों को फँसाया ताकि साँप को उत्तेजित किए बिना उन्हें बाहर निकाला जा सके।
  4. कुएँ में साँप से चिट्ठियाँ निकालते समय लेखक की मानसिक स्थिति कैसी थी?
    • उत्तर: कुएँ में साँप से चिट्ठियाँ निकालते समय लेखक अत्यधिक भयभीत थे। उन्हें साँप के काटने और घर पर पिटाई का डर सता रहा था। उनका पूरा शरीर काँप रहा था, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
  5. इस घटना से लेखक ने क्या सीखा और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?
    • उत्तर: इस घटना से लेखक ने सीखा कि संकट के समय हिम्मत और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। इस अनुभव ने उनके अंदर साहस और आत्मविश्वास पैदा किया, जो उन्हें जीवन भर याद रहा।

3. कल्लू कुम्हार की उनाकोटी – के. विक्रम सिंह

  1. ‘उनाकोटी’ का शाब्दिक अर्थ क्या है और यह स्थान क्यों प्रसिद्ध है?
    • उत्तर: ‘उनाकोटी’ का शाब्दिक अर्थ है ‘एक कोटि (करोड़) से एक कम’, यानी एक करोड़ से एक कम देवी-देवता। यह त्रिपुरा का एक प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल है, जो अपनी विशाल पत्थर की मूर्तियों और चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियों के लिए विख्यात है।
  2. उनाकोटी के संदर्भ में कल्लू कुम्हार से जुड़ी कौन-सी पौराणिक कथा प्रचलित है?
    • उत्तर: लोककथा के अनुसार, कल्लू कुम्हार शिव-पार्वती के साथ कैलाश पर्वत जाना चाहता था। शिव ने उसे एक रात में एक करोड़ देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाने की शर्त रखी। कल्लू एक मूर्ति कम बना पाया, इसलिए शिव उसे अपने साथ नहीं ले गए और वह स्थान ‘उनाकोटी’ कहलाया।
  3. लेखक ने उनाकोटी में स्थित ‘उनाकोटिश्वर काल भैरव’ के मुखमंडल का वर्णन कैसे किया है?
    • उत्तर: लेखक ने उनाकोटिश्वर काल भैरव के मुखमंडल को ‘कंधे पर रखा एक विशाल सिर’ कहा है। यह मुखमंडल चट्टान पर उकेरा गया है और इसके साथ ही शिव के जटाजूट का भी चित्रण है, जो एक विशालकाय शरीर पर स्थित सिर जैसा प्रतीत होता है।
  4. त्रिपुरा की कला और संस्कृति में उनाकोटी का क्या महत्व है?
    • उत्तर: उनाकोटी त्रिपुरा की समृद्ध कला, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह स्थान यहाँ के लोगों की पौराणिक मान्यताओं और प्राचीन कलात्मक कौशल को दर्शाता है, और आज भी यहाँ शिवरात्रि पर बड़े मेले का आयोजन होता है।
  5. उनाकोटी की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
    • उत्तर: उनाकोटी हरे-भरे जंगलों से घिरा एक शांत और रमणीय स्थल है। यहाँ प्राकृतिक जलप्रपात हैं और विशाल चट्टानों पर उकेरी गई प्राचीन मूर्तियाँ एक अद्भुत और रहस्यमयी वातावरण बनाती हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

4. मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय – धर्मवीर भारती

  1. लेखक धर्मवीर भारती को बचपन से ही किताबों के प्रति लगाव क्यों था?
    • उत्तर: लेखक को बचपन से ही किताबों के प्रति गहरा लगाव था क्योंकि उनके घर में एक अच्छा-खासा पुस्तकालय था। उनके पिता और बड़े भाई उन्हें किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे और उन्हें साहित्य की दुनिया से परिचित करवाते थे।
  2. लेखक ने अपने निजी पुस्तकालय का निर्माण किस प्रकार किया?
    • उत्तर: लेखक ने अपना निजी पुस्तकालय धीरे-धीरे बनाना शुरू किया। वे जन्मदिन पर मिले पैसों से किताबें खरीदते थे और अपने दूसरे खर्चों में कटौती करके भी किताबें जमा करते थे। वे किराए पर किताबें लाकर भी पढ़ते थे और पसंद आने पर खरीद लेते थे।
  3. लेखक के लिए किताबों का क्या महत्व था? वे उन्हें किस रूप में देखते थे?
    • उत्तर: लेखक के लिए किताबें केवल पढ़ने की वस्तुएँ नहीं थीं, बल्कि वे उनके सच्चे मित्र, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत थीं। वे किताबों को अपने जीवन का अभिन्न अंग और अपनी आत्मा का विस्तार मानते थे, जिनसे उन्हें गहरा संतोष मिलता था।
  4. लेखक ने पुस्तकों को ‘आत्मा का विस्तार’ क्यों कहा है?
    • उत्तर: लेखक ने पुस्तकों को ‘आत्मा का विस्तार’ इसलिए कहा है क्योंकि किताबें सिर्फ जानकारी ही नहीं देतीं, बल्कि वे व्यक्ति की सोच, समझ, भावनाएँ और दृष्टिकोण को भी विस्तृत करती हैं। वे हमें नए अनुभवों और विचारों की दुनिया से जोड़ती हैं, जिससे हमारी आंतरिक चेतना का विकास होता है।
  5. भूकंप के दौरान लेखक ने अपनी पुस्तकों को बचाने के लिए क्या किया, और यह क्या दर्शाता है?
    • उत्तर: भूकंप आने पर लेखक ने सबसे पहले अपनी अलमारियों में रखी पुस्तकों को कसकर पकड़ लिया ताकि वे गिरकर बिखर न जाएँ। यह घटना किताबों के प्रति उनके गहरे लगाव और उनके जीवन में पुस्तकों के अमूल्य महत्व को दर्शाती है।

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