MP Board 9th Mathematics Some Properties of a Triangle

MP Board 9th Mathematics Some Properties of a Triangle

यहाँ कक्षा 9 के गणित अध्याय 7 के अंतर्गत “एक त्रिभुज के कुछ गुण” (Some Properties of a Triangle) विषय पर विस्तृत नोट्स और परीक्षा के दृष्टिकोण से 10 महत्त्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं।


कक्षा 9 गणित: एक त्रिभुज के कुछ गुण – विस्तृत नोट्स

इस भाग में हम मुख्य रूप से ‘समद्विबाहु त्रिभुज’ (Isosceles Triangle) और उसके विशेष गुणों का अध्ययन करते हैं।

1. समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle) क्या है?

  • एक त्रिभुज जिसकी कोई भी दो भुजाएँ आपस में बराबर होती हैं, उसे समद्विबाहु त्रिभुज कहा जाता है।
  • उदाहरण के लिए: यदि \Delta ABC में भुजा AB = AC है, तो यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

2. समद्विबाहु त्रिभुज का पहला महत्त्वपूर्ण गुण (प्रमेय 7.2)

  • प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख (सामने के) कोण बराबर होते हैं।
  • व्याख्या: मान लीजिए \Delta ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें भुजा AB = AC है। इस प्रमेय के अनुसार, भुजा AB के सामने का कोण (\angle C) और भुजा AC के सामने का कोण (\angle B) आपस में बिल्कुल बराबर होंगे।
  • निष्कर्ष: AB = AC \implies \angle B = \angle C

3. समद्विबाहु त्रिभुज का दूसरा महत्त्वपूर्ण गुण (प्रमेय 7.3 – विलोम)

  • प्रमेय 7.3: किसी त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख (सामने की) भुजाएँ बराबर होती हैं।
  • व्याख्या: यह प्रमेय 7.2 का ठीक उल्टा (विलोम) है। यदि आपको किसी त्रिभुज में यह दिया गया है कि उसके दो कोण बराबर हैं, तो आप निश्चित रूप से कह सकते हैं कि उन कोणों के सामने वाली भुजाएँ भी आपस में बराबर होंगी।
  • निष्कर्ष: \angle B = \angle C \implies AB = AC

4. समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle) का गुण

  • जिस त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं, उसे समबाहु त्रिभुज कहते हैं।
  • ऊपर दिए गए प्रमेयों के आधार पर यह सिद्ध किया जा सकता है कि किसी भी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60^\circ का होता है।

10 महत्त्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर (10 Important Q&A)

प्रश्न 1: समद्विबाहु त्रिभुज किसे कहते हैं?

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उत्तर: एक त्रिभुज जिसकी कोई भी दो भुजाएँ आपस में बराबर होती हैं, उसे समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles triangle) कहा जाता है।

प्रश्न 2: समद्विबाहु त्रिभुज के बराबर भुजाओं और उनके सम्मुख कोणों के बीच क्या संबंध होता है?

उत्तर: प्रमेय 7.2 के अनुसार, एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण (सामने के कोण) हमेशा आपस में बराबर होते हैं।

प्रश्न 3: किसी त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाओं के बारे में आप क्या कह सकते हैं?

उत्तर: प्रमेय 7.3 के अनुसार, किसी भी त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख (सामने की) भुजाएँ हमेशा आपस में बराबर होती हैं।

प्रश्न 4: एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC में AB = AC है। यदि \angle B = 55^\circ है, तो \angle C का मान क्या होगा?

उत्तर: चूँकि AB = AC है, इसलिए प्रमेय 7.2 के अनुसार इनके सम्मुख कोण भी बराबर होंगे।

अतः \angle C = \angle B = 55^\circ होगा।

प्रश्न 5: यदि किसी त्रिभुज PQR में \angle P = \angle Q है, तो भुजा PR और QR के बीच क्या संबंध होगा?

उत्तर: प्रमेय 7.3 के अनुसार (बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं), \angle P के सामने की भुजा QR और \angle Q के सामने की भुजा PR आपस में बराबर होंगी। अतः PR = QR होगा।

प्रश्न 6: एक समकोण त्रिभुज ABC में, \angle A = 90^\circ और AB = AC है। \angle B और \angle C ज्ञात कीजिए।

उत्तर: दिया है: AB = AC

अतः, \angle C = \angle B (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)।

त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180^\circ होता है:

\angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ

90^\circ + \angle B + \angle B = 180^\circ (चूँकि \angle B = \angle C)

2\angle B = 180^\circ - 90^\circ

2\angle B = 90^\circ

\angle B = 45^\circ

अतः \angle B = 45^\circ और \angle C = 45^\circ होंगे।

प्रश्न 7: दर्शाइए कि किसी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60^\circ होता है।

उत्तर: मान लीजिए ABC एक समबाहु त्रिभुज है।

अतः AB = BC = CA

चूँकि AB = AC है, इसलिए \angle C = \angle B (प्रमेय 7.2)

चूँकि BC = AC है, इसलिए \angle A = \angle B (प्रमेय 7.2)

अतः \angle A = \angle B = \angle C

त्रिभुज के कोणों का योग: \angle A + \angle B + \angle C = 180^\circ

3\angle A = 180^\circ \implies \angle A = 60^\circ

अतः प्रत्येक कोण 60^\circ होगा।

प्रश्न 8: \Delta ABC में, AD भुजा BC का लम्ब समद्विभाजक (Perpendicular bisector) है। दर्शाइए कि \Delta ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है।

उत्तर: \Delta ABD और \Delta ACD में:

  • BD = CD (AD, BC को समद्विभाजित करता है)
  • \angle ADB = \angle ADC = 90^\circ (AD \perp BC है)
  • AD = AD (उभयनिष्ठ / Common)अतः, SAS सर्वांगसमता नियम से, \Delta ABD \cong \Delta ACD।इसलिए CPCT नियम से, AB = AC है, अतः यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

प्रश्न 9: E और F क्रमशः त्रिभुज ABC की बराबर भुजाओं AB और AC के मध्य-बिंदु हैं। दर्शाइए कि BF = CE है।

उत्तर: \Delta ABF और \Delta ACE में:

  • AB = AC (दिया है)
  • \angle A = \angle A (उभयनिष्ठ)
  • AF = AE (बराबर भुजाओं AB और AC के आधे भाग)अतः SAS सर्वांगसमता नियम से, \Delta ABF \cong \Delta ACE।इसलिए CPCT नियम से, BF = CE है।

प्रश्न 10: ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है। AP \perp BC खींच कर दर्शाइए कि \angle B = \angle C है।

उत्तर: समकोण \Delta APB और समकोण \Delta APC में:

  • \angle APB = \angle APC = 90^\circ (रचना AP \perp BC से)
  • कर्ण AB = कर्ण AC (दिया है)
  • AP = AP (उभयनिष्ठ भुजा)अतः RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \Delta APB \cong \Delta APC है।चूँकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं, अतः CPCT से उनके संगत कोण बराबर होंगे।इसलिए, \angle B = \angle C सिद्ध होता है।

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