MP Board 9th Mathematics Some More Criteria for Congruence of Triangles

MP Board 9th Mathematics Some More Criteria for Congruence of Triangles

यहाँ कक्षा 9 गणित के अध्याय 7 (त्रिभुज) के अनुच्छेद 7.5 “त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ” (Some More Criteria for Congruence of Triangles) पर विस्तृत और सरल नोट्स दिए गए हैं।

अभी तक हमने SAS (भुजा-कोण-भुजा), ASA (कोण-भुजा-कोण) और AAS (कोण-कोण-भुजा) नियमों को पढ़ा है। इस भाग में हम सर्वांगसमता के दो अन्य बहुत ही महत्त्वपूर्ण नियमों (SSS और RHS) का अध्ययन करेंगे।


कक्षा 9 गणित: त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ

1. SSS सर्वांगसमता नियम (Side-Side-Side / भुजा-भुजा-भुजा)

यदि हम दो ऐसे त्रिभुज बनाएँ जिनकी तीनों भुजाओं की लंबाइयाँ बिल्कुल समान हों और उन्हें एक-दूसरे के ऊपर रखें, तो वे एक-दूसरे को पूरी तरह से ढक लेंगे। इसी से हमें सर्वांगसमता का अगला नियम मिलता है।

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  • प्रमेय 7.4 (SSS सर्वांगसमता नियम): यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ एक अन्य त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
  • सरल शब्दों में: मान लीजिए आपके पास दो त्रिभुज \Delta ABC और \Delta PQR हैं।यदि AB = PQ, BC = QR और AC = PR है,तो SSS नियम के अनुसार \Delta ABC \cong \Delta PQR होगा।(इस स्थिति में हमें किसी भी कोण को मापने या बराबर दिखाने की आवश्यकता नहीं होती है)।

2. RHS सर्वांगसमता नियम (Right angle-Hypotenuse-Side / समकोण-कर्ण-भुजा)

हमने SAS नियम में पढ़ा था कि दो भुजाओं के बीच का (अंतर्गत) कोण ही बराबर होना चाहिए। लेकिन समकोण त्रिभुजों (90° वाले त्रिभुजों) के लिए एक विशेष छूट दी गई है, जिसे RHS नियम कहते हैं। यहाँ कोण (90°) अंतर्गत होना आवश्यक नहीं है।

  • प्रमेय 7.5 (RHS सर्वांगसमता नियम): यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण (Hypotenuse) और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
  • RHS का अर्थ: * R (Right angle): समकोण अर्थात् 90^\circ का कोण।
    • H (Hypotenuse): कर्ण (समकोण के सामने वाली सबसे लंबी भुजा)।
    • S (Side): आधार या लंब में से कोई भी एक अन्य भुजा।
  • सरल शब्दों में: यदि दो त्रिभुजों में एक कोण 90° का है, दोनों के कर्ण की लंबाई बराबर है, और बची हुई दो भुजाओं में से कोई एक संगत भुजा बराबर है, तो दोनों त्रिभुज RHS नियम से सर्वांगसम होंगे।

परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Important Q&A)

प्रश्न 1: SSS सर्वांगसमता नियम क्या है?

उत्तर: SSS नियम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।

प्रश्न 2: RHS सर्वांगसमता नियम में RHS का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?

उत्तर: RHS का अर्थ है: R = समकोण (Right angle), H = कर्ण (Hypotenuse), और S = भुजा (Side)।

प्रश्न 3: क्या SSA (भुजा-भुजा-कोण) सर्वांगसमता का कोई नियम है?

उत्तर: नहीं, सामान्य त्रिभुजों के लिए SSA कोई मान्य नियम नहीं है। बराबर कोण हमेशा बराबर भुजाओं के बीच (अंतर्गत) होना चाहिए (SAS नियम)। लेकिन समकोण त्रिभुज के मामले में यह नियम ‘RHS’ के रूप में काम करता है, जहाँ कोण 90° का होता है।

प्रश्न 4: AB एक रेखाखंड है तथा बिंदु P और Q इस रेखाखंड AB के विपरीत ओर इस प्रकार स्थित हैं कि इनमें से प्रत्येक A और B से समदूरस्थ (समान दूरी पर) है। दर्शाइए कि रेखा PQ रेखाखंड AB का लम्ब समद्विभाजक है।

(संकेत: यह NCERT का उदाहरण 7 है।)

उत्तर: मान लीजिए रेखा PQ रेखाखंड AB को C पर काटती है।

दिया है: PA = PB और QA = QB

सबसे पहले \Delta PAQ और \Delta PBQ में:

AP = BP (दिया है)

AQ = BQ (दिया है)

PQ = PQ (उभयनिष्ठ)

अतः SSS सर्वांगसमता नियम से \Delta PAQ \cong \Delta PBQ

इसलिए CPCT से, \angle APQ = \angle BPQ

अब \Delta PAC और \Delta PBC में:

AP = BP (दिया है)

\angle APC = \angle BPC (ऊपर सिद्ध किया है)

PC = PC (उभयनिष्ठ)

अतः SAS सर्वांगसमता नियम से \Delta PAC \cong \Delta PBC

इसलिए CPCT से, AC = BC (अर्थात् समद्विभाजित करता है) और \angle ACP = \angle BCP

चूँकि \angle ACP + \angle BCP = 180^\circ (रैखिक युग्म), अतः प्रत्येक कोण 90^\circ का होगा (लम्ब)।

अतः PQ, AB का लम्ब समद्विभाजक है।

प्रश्न 5: BE और CF एक त्रिभुज ABC के दो बराबर शीर्षलम्ब हैं। RHS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि \Delta ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

उत्तर: समकोण \Delta BEC और समकोण \Delta CFB में:

  • \angle BEC = \angle CFB = 90^\circ (चूँकि BE और CF शीर्षलम्ब हैं)
  • कर्ण BC = BC (दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ/Common भुजा है)
  • भुजा BE = CF (प्रश्न में दिया है कि शीर्षलम्ब बराबर हैं)

अतः RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा, \Delta BEC \cong \Delta CFB सिद्ध होता है।

चूँकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं, इसलिए CPCT नियम से उनके संगत भाग बराबर होंगे।

अतः \angle C = \angle B

हम जानते हैं कि किसी त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं (प्रमेय 7.3)।

इसलिए \angle C के सामने की भुजा AB = \angle B के सामने की भुजा AC

अतः AB = AC, जिससे यह सिद्ध होता है कि \Delta ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

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