MP Board 9th Mathematics Pairs of Angles

MP Board 9th Mathematics Pairs of Angles

यहाँ कक्षा 9 के गणित विषय के अध्याय “रेखाएँ और कोण” के एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण टॉपिक “कोणों के युग्म” (Pairs of Angles) पर विस्तृत नोट्स और पर्याप्त उदाहरण दिए गए हैं। आप इन्हें अपनी पढ़ाई के लिए उपयोग कर सकते हैं:

कक्षा 9 गणित: कोणों के युग्म (Pairs of Angles) – संपूर्ण नोट्स

ज्यामिति (Geometry) में जब दो कोण एक साथ मिलकर कोई विशेष स्थिति या संबंध बनाते हैं, तो उन्हें ‘कोणों का युग्म’ (जोड़ा) कहा जाता है। ज्यामिति के अधिकांश प्रश्न इन्हीं युग्मों के नियमों पर आधारित होते हैं। आइए इन्हें विस्तार से और उदाहरणों के साथ समझते हैं:

1. आसन्न कोण (Adjacent Angles)

दो कोण ‘आसन्न कोण’ कहलाते हैं, यदि वे एक-दूसरे से बिल्कुल सटे हुए हों (यानी पड़ोसी हों)। आसन्न कोण होने के लिए निम्नलिखित तीन शर्तें पूरी होनी चाहिए:

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  1. उनका शीर्ष (Vertex) एक ही (उभयनिष्ठ) हो।
  2. उनकी एक भुजा (Arm) उभयनिष्ठ (Common) हो।
  3. जो भुजाएँ उभयनिष्ठ नहीं हैं, वे उभयनिष्ठ भुजा के विपरीत ओर (एक बाईं तरफ और एक दाईं तरफ) स्थित हों।
  • उदाहरण: यदि आप एक पिज्जा के स्लाइस को बीच से काट दें, तो बनने वाले दोनों नए कोण एक-दूसरे के आसन्न कोण होंगे क्योंकि वे एक ही किनारे (भुजा) से जुड़े हैं।

2. कोणों का रैखिक युग्म (Linear Pair of Angles)

यह इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण नियम है!

जब दो आसन्न कोणों का योग (Total) ठीक 180° हो जाता है, तो उनकी बाहरी भुजाएँ मिलकर एक बिल्कुल सीधी रेखा (Straight line) बना लेती हैं। ऐसे कोणों के जोड़े को ‘कोणों का रैखिक युग्म’ कहते हैं।

  • रैखिक युग्म अभिगृहीत (Axiom): यदि एक सीधी रेखा पर कोई किरण खड़ी हो, तो इस प्रकार बने दोनों आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
  • उदाहरण: मान लीजिए एक सीधी रेखा AB पर एक किरण OC खड़ी है। यदि \angle AOC = 60^\circ है, तो \angle BOC का मान 180^\circ - 60^\circ = 120^\circ होगा। (60^\circ, 120^\circ) एक रैखिक युग्म है।

3. शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles)

जब दो सीधी रेखाएँ एक-दूसरे को किसी बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं (काटती हैं), तो ‘X’ के आकार की आकृति बनती है। इस प्रतिच्छेदन बिंदु पर आमने-सामने (विपरीत दिशा) में बनने वाले कोणों को ‘शीर्षाभिमुख कोण’ कहते हैं।

  • प्रमेय (Theorem): यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण हमेशा एक-दूसरे के बराबर होते हैं।
  • उदाहरण: दो रेखाएँ AB और CD बिंदु O पर काटती हैं। यदि ऊपर का कोण \angle AOC = 50^\circ है, तो ठीक उसके नीचे (सामने) वाला कोण \angle BOD भी 50^\circ ही होगा।

4. पूरक कोण (Complementary Angles)

जब किन्हीं दो कोणों के मापों का योग ठीक 90° (एक समकोण) होता है, तो ऐसे कोणों को एक-दूसरे का ‘पूरक कोण’ कहते हैं।

  • उदाहरण 1: 30^\circ और 60^\circ एक-दूसरे के पूरक कोण हैं (क्योंकि 30^\circ + 60^\circ = 90^\circ)।
  • उदाहरण 2: यदि आपसे पूछा जाए कि 45^\circ का पूरक कोण क्या है?हल: 90^\circ - 45^\circ = 45^\circ (अतः 45^\circ का पूरक कोण 45^\circ ही है)।

5. संपूरक कोण (Supplementary Angles)

जब किन्हीं दो कोणों के मापों का योग ठीक 180° (एक ऋजु कोण या सीधी रेखा) होता है, तो ऐसे कोणों को एक-दूसरे का ‘संपूरक कोण’ कहते हैं। (ध्यान दें: रैखिक युग्म बनाने वाले कोण भी हमेशा संपूरक होते हैं)।

  • उदाहरण 1: 110^\circ और 70^\circ संपूरक कोण हैं (क्योंकि 110^\circ + 70^\circ = 180^\circ)।
  • उदाहरण 2: यदि एक कोण 105^\circ है, तो उसका संपूरक कोण ज्ञात कीजिए।हल: 180^\circ - 105^\circ = 75^\circ

💡 छात्रों के लिए परीक्षा टिप्स (Exam Tips):

  1. पूरक vs संपूरक की पहचान: ‘पूरक’ (Complementary) शब्द छोटा है, इसलिए इसका योग छोटा (90°) होता है। ‘संपूरक’ (Supplementary) शब्द बड़ा है, इसलिए इसका योग बड़ा (180°) होता है।
  2. x का मान निकालने वाले प्रश्न: यदि किसी चित्र में एक सीधी रेखा (Straight Line) दिखाई दे, तो उस पर बनने वाले सभी कोणों का योग 180^\circ के बराबर रखकर समीकरण हल करें। (रैखिक युग्म नियम)।

यहाँ आपके वर्डप्रेस ब्लॉग के लिए “रेखाएँ और कोण” (Lines and Angles) अध्याय के कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण और परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले चित्र-आधारित (Figure-based) प्रश्न और उनके हल दिए गए हैं।

इनमें दिए गए “ टैग्स की जगह आप आसानी से अपनी किताब (NCERT) या इंटरनेट से मिलते-जुलते चित्र लगा सकते हैं।


कक्षा 9 गणित अध्याय 6: ‘रेखाएँ और कोण’ – चित्र-आधारित महत्त्वपूर्ण प्रश्न और हल

परीक्षा में ‘रेखाएँ और कोण’ अध्याय से ज्यामिति के चित्र (Diagrams) देकर x, y, z या अज्ञात कोणों का मान निकालने वाले प्रश्न ज़रूर आते हैं। आइए कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करते हैं:

प्रश्न 1: शीर्षाभिमुख कोण और रैखिक युग्म पर आधारित

प्रश्न: दी गई आकृति में, रेखाएँ AB और CD बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि \angle AOC + \angle BOE = 70^\circ है और \angle BOD = 40^\circ है, तो \angle BOE और प्रतिवर्ती (Reflex) \angle COE ज्ञात कीजिए।

हल:

यहाँ AB और CD प्रतिच्छेदी रेखाएँ हैं।

हम जानते हैं कि शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं, इसलिए:

\angle AOC = \angle BOD

चूँकि \angle BOD = 40^\circ दिया गया है,

अतः \angle AOC = 40^\circ

अब, प्रश्न में दिया है: \angle AOC + \angle BOE = 70^\circ

40^\circ + \angle BOE = 70^\circ

\angle BOE = 70^\circ - 40^\circ

\angle BOE = 30^\circ

अब, चूँकि AOB एक सीधी रेखा है, इसलिए इस पर बनने वाले सभी कोणों का योग 180^\circ होगा (रैखिक युग्म):

\angle AOC + \angle COE + \angle BOE = 180^\circ

40^\circ + \angle COE + 30^\circ = 180^\circ

70^\circ + \angle COE = 180^\circ

\angle COE = 180^\circ - 70^\circ = 110^\circ

हमें ‘प्रतिवर्ती \angle COE‘ निकालना है:

प्रतिवर्ती \angle COE = 360^\circ - \angle COE

प्रतिवर्ती \angle COE = 360^\circ - 110^\circ = 250^\circ


प्रश्न 2: समांतर रेखाएँ और तिर्यक रेखा पर आधारित

प्रश्न: दी गई आकृति में, यदि AB \parallel CD और CD \parallel EF है। साथ ही y : z = 3 : 7 है, तो x का मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चूँकि AB \parallel CD और CD \parallel EF है,

इसलिए नियम के अनुसार, एक ही रेखा के समांतर खींची गई रेखाएँ आपस में भी समांतर होती हैं। अतः AB \parallel EF होगा।

जब AB \parallel EF है और एक तिर्यक रेखा उन्हें काट रही है, तो एकांतर अंतः कोण (Alternate Interior Angles) बराबर होते हैं:

अतः x = z …(समीकरण 1)

अब, AB \parallel CD के लिए, तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180^\circ होता है (सह-अंतः कोण):

x + y = 180^\circ

समीकरण 1 से x की जगह z रखने पर:

z + y = 180^\circ

दिया गया है कि y : z = 3 : 7

मान लीजिए y = 3a और z = 7a

7a + 3a = 180^\circ

10a = 180^\circ

a = 18^\circ

अब z का मान: z = 7 \times 18^\circ = 126^\circ

चूँकि x = z है, इसलिए:

x = 126^\circ


प्रश्न 3: सहायक रेखा (Auxiliary Line) खींचने वाला प्रश्न

प्रश्न: दी गई आकृति में, यदि PQ \parallel ST है, \angle PQR = 110^\circ और \angle RST = 130^\circ है, तो \angle QRS ज्ञात कीजिए।

हल:

(संकेत: बिंदु R से होकर रेखा ST के समांतर एक रेखा XY खींचिए।)

रचना: बिंदु R से ST \parallel XY खींची। चूँकि PQ \parallel ST है, इसलिए PQ \parallel XY भी होगा।

अब, ST \parallel XY है और SR एक तिर्यक रेखा है:

\angle RST + \angle SRY = 180^\circ (तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण)

130^\circ + \angle SRY = 180^\circ

\angle SRY = 180^\circ - 130^\circ = 50^\circ

इसी प्रकार, PQ \parallel XY है और QR तिर्यक रेखा है:

\angle PQR + \angle QRX = 180^\circ

110^\circ + \angle QRX = 180^\circ

\angle QRX = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ

अब, XY एक सीधी रेखा है, इसलिए बिंदु R पर बनने वाले सभी कोणों का योग 180^\circ होगा:

\angle QRX + \angle QRS + \angle SRY = 180^\circ

70^\circ + \angle QRS + 50^\circ = 180^\circ

120^\circ + \angle QRS = 180^\circ

\angle QRS = 180^\circ - 120^\circ

\angle QRS = 60^\circ


प्रश्न 4: त्रिभुज का बहिष्कोण गुण (Exterior Angle Property)

प्रश्न: दी गई आकृति में, \Delta PQR की भुजाओं QP और RQ को क्रमशः बिंदुओं S और T तक बढ़ाया गया है। यदि \angle SPR = 135^\circ है और \angle PQT = 110^\circ है, तो \angle PRQ ज्ञात कीजिए।

हल:

TQR एक सीधी रेखा है, इसलिए रैखिक युग्म से:

\angle PQT + \angle PQR = 180^\circ

110^\circ + \angle PQR = 180^\circ

\angle PQR = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ

इसी प्रकार, SPR पर भी रैखिक युग्म बनेगा:

\angle SPR + \angle QPR = 180^\circ

135^\circ + \angle QPR = 180^\circ

\angle QPR = 180^\circ - 135^\circ = 45^\circ

अब \Delta PQR में, त्रिभुज के तीनों अंतः कोणों का योग 180^\circ होता है:

\angle QPR + \angle PQR + \angle PRQ = 180^\circ

45^\circ + 70^\circ + \angle PRQ = 180^\circ

115^\circ + \angle PRQ = 180^\circ

\angle PRQ = 180^\circ - 115^\circ

\angle PRQ = 65^\circ

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