MP Board 9th Mathematics Lines Parallel to the Same Line

MP Board 9th Mathematics Lines Parallel to the Same Line

यहाँ कक्षा 9 गणित के अध्याय “रेखाएँ और कोण” के एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक “एक ही रेखा के समांतर रेखाएँ” (Lines Parallel to the Same Line) पर विस्तृत नोट्स और परीक्षा-उपयोगी प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं।

कक्षा 9 गणित: एक ही रेखा के समांतर रेखाएँ (Lines Parallel to the Same Line)

जब हम ज्यामिति में कई रेखाओं के साथ काम करते हैं, तो अक्सर ऐसा होता है कि दो अलग-अलग रेखाएँ किसी तीसरी रेखा के समांतर होती हैं। इस स्थिति को हल करने के लिए ज्यामिति में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण प्रमेय (Theorem) दिया गया है।

महत्त्वपूर्ण प्रमेय 6.6 (NCERT)

कथन: “वे रेखाएँ जो एक ही रेखा के समांतर हों, परस्पर (एक-दूसरे के भी) समांतर होती हैं।”

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सरल शब्दों में समझें:

मान लीजिए आपके पास तीन रेखाएँ हैं— l, m, और n

  • यदि रेखा l, रेखा m के समांतर है (l \parallel m)
  • और रेखा n भी, रेखा m के समांतर है (n \parallel m)
  • तो इसका सीधा अर्थ यह है कि l और n भी एक-दूसरे के समांतर होंगी (l \parallel n)

प्रमाण (Proof) का मुख्य विचार:

यदि हम एक तिर्यक रेखा (Transversal) t खींचें जो इन तीनों रेखाओं को काटती हो, तो संगत कोणों (Corresponding angles) के नियम से:

  • l \parallel m होने के कारण, \angle 1 = \angle 2 होगा।
  • n \parallel m होने के कारण, \angle 3 = \angle 2 होगा।चूँकि \angle 1 और \angle 3 दोनों ही \angle 2 के बराबर हैं, इसलिए \angle 1 = \angle 3 होगा। और क्योंकि ये संगत कोण हैं, इसलिए रेखा l \parallel n सिद्ध हो जाती है।

परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण प्रश्न और उनके हल (Important Q&A)

बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं में इस प्रमेय पर आधारित कई प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें हमें एक अपनी तरफ से ‘रचना’ (Construction) करनी होती है। आइए कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्नों को हल करते हैं:

प्रश्न 1: अनुपातों (Ratios) पर आधारित प्रश्न

प्रश्न: दी गई आकृति में, यदि AB \parallel CD और CD \parallel EF है। साथ ही y : z = 3 : 7 है, तो x का मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चूँकि AB \parallel CD और CD \parallel EF दिया गया है।

प्रमेय 6.6 के अनुसार, एक ही रेखा के समांतर रेखाएँ परस्पर समांतर होती हैं।

अतः, AB \parallel EF होगा।

जब AB \parallel EF है और एक तिर्यक रेखा उन्हें काट रही है, तो एकांतर अंतः कोण (Alternate Interior Angles) बराबर होते हैं:

अतः x = z …(समीकरण 1)

अब, AB \parallel CD के लिए, तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है (सह-अंतः कोण):

x + y = 180^\circ

समीकरण 1 से x की जगह z रखने पर:

z + y = 180^\circ

दिया गया है कि y : z = 3 : 7

मान लीजिए y = 3a और z = 7a

7a + 3a = 180^\circ

10a = 180^\circ

a = 18^\circ

अब z का मान निकालते हैं: z = 7 \times 18^\circ = 126^\circ

चूँकि x = z है, इसलिए:

x = 126^\circ


प्रश्न 2: लंबवत रेखाओं (Perpendicular lines) का समावेश

प्रश्न: दी गई आकृति में, AB \parallel CD और CD \parallel EF है। यदि EA \perp AB है और \angle BEF = 55^\circ है, तो x, y और z के मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चूँकि AB \parallel CD और CD \parallel EF है, अतः AB \parallel EF होगा।

सबसे पहले y का मान:

CD \parallel EF है, इसलिए सह-अंतः कोणों का योग 180° होगा:

y + 55^\circ = 180^\circ

y = 180^\circ - 55^\circ

y = 125^\circ

अब x का मान:

AB \parallel CD है, इसलिए संगत कोण (Corresponding angles) बराबर होंगे:

x = y

x = 125^\circ

अब z का मान:

चूँकि AB \parallel EF है और AE तिर्यक रेखा है, तो:

\angle EAB + \angle FEA = 180^\circ (सह-अंतः कोण)

चूँकि EA \perp AB है, अतः \angle EAB = 90^\circ होगा।

90^\circ + (z + 55^\circ) = 180^\circ

145^\circ + z = 180^\circ

z = 180^\circ - 145^\circ

z = 35^\circ


प्रश्न 3: सहायक रेखा (Auxiliary Line) खींचने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न: दी गई आकृति में, यदि PQ \parallel RS है, \angle MXQ = 135^\circ और \angle MYR = 40^\circ है, तो \angle XMY ज्ञात कीजिए।

हल:

(संकेत: ऐसे प्रश्नों में हमें उस बिंदु से एक समांतर रेखा खींचनी होती है जहाँ कोण मुड़ रहा हो।)

रचना: बिंदु M से होकर रेखा PQ के समांतर एक रेखा AB खींचिए (AB \parallel PQ)।

चूँकि PQ \parallel RS दिया गया है, इसलिए प्रमेय के अनुसार AB \parallel RS भी होगा।

अब, PQ \parallel AB है और XM एक तिर्यक रेखा है:

\angle QXM + \angle XMB = 180^\circ (तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण)

135^\circ + \angle XMB = 180^\circ

\angle XMB = 180^\circ - 135^\circ = 45^\circ

इसी प्रकार, AB \parallel RS है और YM तिर्यक रेखा है:

\angle BMY = \angle MYR (एकांतर अंतः कोण)

\angle BMY = 40^\circ

हमें पूरा कोण \angle XMY निकालना है, जो \angle XMB और \angle BMY से मिलकर बना है:

\angle XMY = \angle XMB + \angle BMY

\angle XMY = 45^\circ + 40^\circ

\angle XMY = 85^\circ

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