9th Hindi Bridge Course WorkBook Suraj ka Byah
सूरज का ब्याह कविता
उड़ी एक अफवाह, सूर्य की शादी होने वाली है,
वर के विमल मौर में मोती उषा पिरोने वाली है ।
मोर करेंगे नाच, गीत कोयल सुहाग के गाएगी,
लता विटप मंडप-वितान से वंदन वार सजाएगी ।
जीव-जन्तु भर गए ख़ुशी से, वन की पाँत-पाँत डोली,
इतने में जल के भीतर से एक वृद्ध मछली बोली-
“सावधान जलचरों, ख़ुशी में सबके साथ नहीं फूलो,
ब्याह सूर्य का ठीक, मगर, तुम इतनी बात नहीं भूलो ।
एक सूर्य के ही मारे हम विपद कौन कम सहते हैं,
गर्मी भर सारे जलवासी छटपट करते रहते हैं ।
अगर सूर्य ने ब्याह किए, दस–पाँच पुत्र जन्माएगा,
सोचो, तब उतने सूर्यों का ताप कौन सह पाएगा?
अच्छा है, सूरज कँवारा है, वंश विहीन, अकेला है,
इस प्रचंड का ब्याह जगत की ख़ातिर बड़ा झमेला है ।”
रामधारी सिंह (दिनकर)
कार्यपत्रक – 1
श्रुतलेख
शिक्षक द्वारा बोले गए शब्दों को ध्यानपूर्वक सुनकर लिखिए।
कार्यपत्रक – 2
कविता लेखन
अपनी पसंद की एक कविता सुंदर लेख में लिखिए।
कार्यपत्रक – 3
तद्भव और तत्सम शब्दों का वर्गीकरण
निम्नलिखित शब्दों में कुछ तद्भव और कुछ तत्सम शब्द सम्मिलित हैं। इन्हें पहचानकर तद्भव और तत्सम शब्दों की सूची अलग-अलग तैयार कीजिए।
शब्द सूची:
हस्त, मिट्टी, साग, मौर, भीत, स्वप्न, मृतिका, शाक, भित्ति, चन्द्र, समुद्र, झरना, श्रृंखला, हाथ, गौरा, सपना, हस्ति, चाँद, विद, पाँत, मछली, कान, हिरन
तद्भव शब्द
(ये वे शब्द हैं जो संस्कृत के तत्सम शब्दों से अपभ्रंश होकर सामान्य बोलचाल की भाषा में बदल गए हैं)
- मिट्टी
- साग
- मौर
- भीत
- झरना
- हाथ
- गौरा
- सपना
- चाँद
- पाँत
- मछली
- कान
- हिरन
तत्सम शब्द
(ये वे शब्द हैं जो संस्कृत से बिना परिवर्तन के लिए गए हैं)
- हस्त
- स्वप्न
- मृतिका
- शाक
- भित्ति
- चन्द्र
- समुद्र
- श्रृंखला
- हस्ति
- विद
कार्यपत्रक – 4
समान तुक वाले शब्दों को पहचान कर लिखिए।
नीचे दिए गए प्रत्येक शब्द के लिए समान तुक (तुकांत) वाला शब्द पहचानिए:
| मूल शब्द | समान तुक वाला शब्द |
| दुकान | मकान |
| सपना | अपना |
| दिला | खिला |
| घटिया | बिटिया |
| किला | छिला |
| गाएगी | सजाएगी |
| हाथ | साथ |
| नारा | तारा |
| मान | कान |
| नहर | कहर |
| बात | रात |
| अकेला | झमेला |
कार्यपत्रक – 5
कविता में आए नए शब्दों का अर्थ लिखिए।
| क्रम | शब्द | अर्थ |
| 1 | अफवाह | झूठी या बिना प्रमाण की खबर |
| 2 | मौर | मोर का पंख, सजावट का एक प्रतीक |
| 3 | विमल | शुद्ध, पवित्र |
| 4 | उषा | भोर, सुबह का पहला प्रकाश |
| 5 | सुहाग | विवाहित स्त्री का सौभाग्य |
| 6 | विटप | वृक्ष या पेड़ |
| 7 | मण्डप | विवाह या धार्मिक कार्यक्रम का मंच |
| 8 | वितान | छतरी या ऊपर फैला हुआ आवरण |
| 9 | पाँत-पाँत | पंक्ति-दर-पंक्ति |
| 10 | वृद्ध | बूढ़ा व्यक्ति |
| 11 | वन्दनवार | दरवाजे पर बाँधा जाने वाला सजावटी धागा |
| 12 | जलचर | जल में रहने वाले जीव जैसे मछली आदि |
| 13 | विपद | संकट या कठिन समय |
| 14 | प्रचण्ड | बहुत तीव्र या ज़ोरदार |
| 15 | खातिर | सम्मान या सत्कार |
| 16 | कँवारा | अविवाहित पुरुष |
| 17 | ताप | गर्मी या ज्वर |
| 18 | वंशविहीन | जिसके कोई संतान या परिवार न हो |
| 19 | झमेला | झंझट, उलझन |
| 20 | छटपट | बेचैनी या असहज स्थिति |
दिनांक: ________________ शिक्षक के हस्ताक्षर: ______________________
✍🏻 कार्यपत्रक – 6
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए।
काव्यांश
“कहती सारी दुनिया जिसे किस्मत
नाम है उसका हक़ीक़त में मेहनत ।
जो रचते हैं, खुद अपनी किस्मत, वे कहे जाते हैं साहसी
जो करते हैं, ईश्वर से शिकायत, वे कहे जाते हैं, आलसी
जो रुक गया, मिट गया उसका नामों-निशाँ
जो चलता रहा, अपनी मंज़िल वो पा गया।
ख़ुशी के हकदार हैं वही, जिन्होंने दुःख को सहा
छोड़ के दामन फूलों का, काँटों की राह को चुना
निराशा का अँधकार मिटाकर, आशा के दीप जलाओ
छोड़ भाग्य की दुहाई, अपनी किस्मत स्वयं बनाओ।”
📝 प्रश्नोत्तर (MCQs के साथ उत्तर)
प्रश्न 1. हक़ीक़त में किस्मत किसे कहते हैं?
(क) सेहत
(ख) रहमत
(ग) सहमत
✅ (घ) मेहनत
प्रश्न 2. जो अपनी किस्मत रचते हैं उन्हें क्या कहते हैं?
✅ (क) साहसी
(ख) आलसी
(ग) रचयिता
(घ) मेहनती
प्रश्न 3. सच्ची खुशी का हक़दार कौन है?
(क) ख़ुशी देने वाला
(ख) दुःख देने वाला
(ग) सुख सहने वाला
✅ (घ) दुःख सहने वाला
प्रश्न 4. किसका अंधकार मिटाना है?
(क) हताशा का
(ख) आशा का
✅ (ग) निराशा का
(घ) भाषा का
प्रश्न 5. किसे छोड़ने पर किस्मत बनती है?
✅ (क) भाग्य की दुहाई
(ख) कर्म की दुहाई
(ग) धर्म की दुहाई
(घ) गर्म की दुहाई
प्रश्न 6. जो रुक गया, मिट गया उसका —
(क) हस्ती
(ख) व्यवहार
✅ (ग) नामों-निशाँ
(घ) नाम
📅 दिनांक: _______________ 👨🏫 शिक्षक के हस्ताक्षर: ___________________
कार्यपत्रक – 7
चित्र आधारित अनुच्छेद लेखन

एक सुंदर चिड़िया पिंजरे में बंद है। वह बाहर की दुनिया को देख रही है। बाहर पहाड़, झरने और पेड़-पौधे हैं। कई चिड़ियाँ खुले आकाश में उड़ रही हैं। सूरज की रोशनी से वातावरण सुंदर लग रहा है। बंद चिड़िया आज़ाद होना चाहती है। वह भी उड़ना चाहती है। खुले आकाश में उड़ना हर चिड़िया का हक़ है। हमें किसी को भी कैद नहीं करना चाहिए।
दिनांक: _______________ शिक्षक के हस्ताक्षर: _______________
✍🏻 कार्यपत्रक – 8
प्रश्न: आज सुबह से उठकर आपने क्या-क्या किया?
- आज मैं सुबह 6 बजे उठ गया।
- मैंने सबसे पहले भगवान को प्रणाम किया।
- फिर मैंने अपना बिस्तर ठीक किया।
- मैं दाँत साफ़ करने और मुँह धोने गया।
- इसके बाद मैंने थोड़ी देर टहलने गया।
- टहलने के बाद मैंने व्यायाम किया।
- फिर मैं घर आकर स्नान किया।
- स्नान के बाद मैंने साफ़ कपड़े पहने।
- माँ ने नाश्ते में पराठे और दूध दिया।
- नाश्ता करने के बाद मैं किताबें निकालकर पढ़ने बैठ गया।
- मैंने स्कूल का होमवर्क पूरा किया।
- फिर कुछ समय के लिए समाचार देखा।
- उसके बाद मैंने स्कूल की तैयारी की।
- मैंने अपना बैग चेक किया और यूनिफॉर्म पहनी।
- फिर मैं स्कूल के लिए तैयार होकर निकल गया।
दिनांक: _______________ शिक्षक के हस्ताक्षर: _______________
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