Feeding and Ration Formulation in Pigs : MP Board कक्षा 12 पशुपालन इकाई 8 शूकर पालन: आहार निर्धारण, पोषक तत्व, आहार के स्रोत, विभिन्न अवस्थाओं का राशन, पीयर्सन स्क्वायर उदाहरण, महत्वपूर्ण प्रश्न और FAQs सरल हिंदी में।
परिचय (Introduction)
शूकर पालन के कुल खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा आहार पर जाता है, सामान्यतः लगभग आधे से तीन-चौथाई तक। इसलिए आहार का सही निर्धारण यानी कौन-सा आहार, कितनी मात्रा में और किस अवस्था में देना है, सीधे मुनाफ़े को प्रभावित करता है। गलत या असंतुलित आहार से वृद्धि धीमी होती है, प्रजनन खराब होता है और लागत बढ़ती है।
MP Board कक्षा 12 कृषि वर्ग की इकाई 8: शूकर पालन का यह दूसरा पाठ आहार निर्धारण पर है। पिछले पाठ में आवास की जानकारी थी, जिसे गृह व्यवस्था वाले लेख में पढ़ सकते हैं। आहार की सामान्य अवधारणाएँ समझने के लिए पशु आहार: परिभाषा, प्रकार और पशु आहार के अवयव और उनके कार्य भी उपयोगी हैं।

1. आहार निर्धारण का अर्थ (Meaning of Feed/Ration Formulation)
पशु की आयु, वज़न, उत्पादन अवस्था और पोषक आवश्यकता को ध्यान में रखकर उपलब्ध आहार-सामग्रियों को सही अनुपात में मिलाकर संतुलित आहार (Balanced Ration) तैयार करना आहार निर्धारण कहलाता है।
संतुलित आहार किसे कहते हैं?
वह आहार जो 24 घंटे में पशु की सभी पोषक आवश्यकताओं (प्रोटीन, ऊर्जा, खनिज, विटामिन और जल) को सही मात्रा और अनुपात में पूरा करे।
2. सूअर की पाचन विशेषताएँ (Digestive Features of Pig)
आहार तय करने से पहले सूअर के पाचन तंत्र को समझना ज़रूरी है:
| विशेषता | आहार पर प्रभाव |
|---|---|
| सरल आमाशय वाला (Monogastric) पशु | गाय-भैंस की तरह रोमंथी नहीं है, इसलिए अधिक रेशे (चारे) को नहीं पचा पाता |
| सर्वाहारी (Omnivorous) | पौधे और जंतु दोनों स्रोतों का आहार खा सकता है |
| तेज़ वृद्धि दर | अधिक ऊर्जा और गुणवत्तायुक्त प्रोटीन की आवश्यकता |
| सीमित रेशा पाचन | आहार में रेशा कम और सुपाच्य सांद्र (Concentrate) अधिक रखना होता है |
| अमीनो अम्लों की आवश्यकता | लाइसिन जैसे आवश्यक अमीनो अम्ल आहार में ज़रूरी |
रोमंथी पशुओं (गाय, भैंस, बकरी, भेड़) के आहार से तुलना के लिए संतुलित आहार निर्धारण वाला पाठ देखें।
3. सूअर की पोषक आवश्यकताएँ (Nutrient Requirements)
| पोषक तत्व | कार्य | मुख्य स्रोत |
|---|---|---|
| ऊर्जा (कार्बोहाइड्रेट व वसा) | शरीर की गतिविधि, वृद्धि और तापमान बनाए रखना | मक्का, टूटा चावल, गेहूँ, चावल की पॉलिश/चोकर, तेल |
| प्रोटीन | मांसपेशी और ऊतक निर्माण, वृद्धि, दूध उत्पादन | मूँगफली/सोयाबीन/सरसों की खली, मछली चूर्ण, दूध-उत्पाद |
| खनिज | हड्डी, दाँत और शारीरिक क्रियाएँ (कैल्शियम, फास्फोरस, नमक, आयरन, ज़िंक आदि) | खनिज मिश्रण, हड्डी चूर्ण, साधारण नमक |
| विटामिन | रोग-प्रतिरोधक क्षमता, वृद्धि | विटामिन प्रीमिक्स, हरा चारा |
| जल | पाचन और सभी जैविक क्रियाएँ | स्वच्छ पीने का पानी (हमेशा उपलब्ध) |
आवश्यक बिंदु
- सूअर के आहार में प्रोटीन की गुणवत्ता (अमीनो अम्ल) उसकी मात्रा जितनी ही महत्वपूर्ण है।
- नवजात पिगलेट में दूध में आयरन कम होता है, इसलिए जन्म के कुछ दिन बाद आयरन देना आवश्यक है, वरना रक्ताल्पता (Anaemia) हो जाती है।
- पानी हमेशा उपलब्ध रखें। पानी की कमी से आहार का सेवन और वृद्धि घटती है।
4. शूकर आहार की प्रमुख सामग्री (Common Feed Ingredients)
(अ) ऊर्जा स्रोत (Energy Sources)
मक्का, टूटा चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, चावल की पॉलिश/चोकर, गेहूँ का चोकर, कसावा (टैपिओका), गुड़ और वसा/तेल।
(ब) प्रोटीन स्रोत (Protein Sources)
| स्रोत | प्रकार |
|---|---|
| वनस्पति प्रोटीन | मूँगफली की खली, सोयाबीन की खली/मील, सरसों की खली, तिल की खली |
| पशु प्रोटीन | मछली चूर्ण (Fish Meal), मांस-हड्डी चूर्ण, स्किम दूध पाउडर |
(स) खनिज और विटामिन स्रोत
खनिज मिश्रण, डाइकैल्शियम फॉस्फेट या हड्डी चूर्ण, साधारण नमक, चूना पत्थर चूर्ण, और विटामिन प्रीमिक्स।
(द) हरा चारा (Green Fodder)
बरसीम, रिजका (लूसर्न) जैसे चारे सीमित मात्रा में दिए जा सकते हैं। इनके बारे में खरीफ और रबी के प्रमुख चारे वाले पाठ में पढ़ें।
(ङ) बचा हुआ भोजन / रसोई का कचरा (Kitchen Waste / Swill)
- सस्ता स्रोत है, पर कच्चा या बिना उबाला हुआ न दें, क्योंकि इससे संक्रामक रोग फैल सकते हैं।
- उबालकर ठंडा करके ही दें, और साफ़ तथा ताज़ा हो।
- यह कभी पूरा आहार नहीं हो सकता, इसे अन्य पोषक आहार के साथ मिलाकर दें।
(चित्र-2 सुझाव: ऊपर दिखाया गया “Piglets creep feed” वाला चित्र यहाँ लगाएँ। Alt text: पिगलेट के लिए क्रीप आहार)
5. आहार निर्धारण के सिद्धांत (Principles of Ration Formulation)
इन सिद्धांतों का विस्तृत रूप पशु आहार निर्धारण के प्रमुख सिद्धांत और आदर्श आहार और उसके गुण में भी मिलता है।
| सिद्धांत | अर्थ |
|---|---|
| संतुलित हो | सभी पोषक तत्व सही अनुपात में |
| स्वादिष्ट (Palatable) | पशु रुचि से खाए, इसलिए ताज़ा और बिना फफूँद का |
| सुपाच्य | आसानी से पचने वाला, रेशा सीमित |
| सस्ता और स्थानीय | आसपास उपलब्ध सामग्री का उपयोग |
| अवस्था के अनुसार | उम्र और उत्पादन अवस्था के अनुसार अलग राशन |
| स्वच्छ और ताज़ा | फफूँद लगा, सड़ा या दूषित आहार न दें |
| विविधता | कई स्रोतों का मिश्रण, ताकि सभी तत्व मिलें |
| धीरे-धीरे बदलाव | आहार अचानक न बदलें |
6. विभिन्न अवस्थाओं में सूअर का आहार (Feeding at Different Stages)
6.1 नवजात पिगलेट का आहार (Feeding of Piglets)
- खीस (Colostrum): जन्म के तुरंत बाद पिगलेट को माँ का पहला दूध पिलाएँ। इससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता मिलती है।
- आयरन की पूर्ति: जन्म के कुछ दिन के भीतर आयरन दिया जाता है (पशु चिकित्सक की सलाह से), ताकि रक्ताल्पता न हो।
- क्रीप आहार (Creep Feed): लगभग 7 से 10 दिन की आयु से बच्चों को अलग स्थान पर स्वादिष्ट, सुपाच्य और प्रोटीन-युक्त आहार देना शुरू करें, जो माँ के दूध की पूर्ति करता है और दूध छुड़ाने में मदद करता है।
- दूध छुड़ाना (Weaning): सामान्यतः 6 से 8 सप्ताह पर, और कुछ व्यावसायिक फ़ार्म में इससे पहले भी।
6.2 दूध छुड़ाए बच्चों का आहार (Weaner / Starter)
- उच्च प्रोटीन और सुपाच्य आहार।
- दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा आहार।
- साफ़ पानी हमेशा उपलब्ध।
6.3 बढ़ते सूअर का आहार (Grower)
- संतुलित ऊर्जा और प्रोटीन वाला आहार।
- वृद्धि के साथ आहार की मात्रा क्रमशः बढ़ाएँ।
6.4 अंतिम चरण/फिनिशर आहार (Finisher)
- बिक्री से पहले की अवस्था में ऊर्जा अधिक, प्रोटीन अपेक्षाकृत कम।
- उद्देश्य: वज़न बढ़ाना और बाज़ार योग्य बनाना।
6.5 गर्भवती मादा का आहार (Gestating Sow)
- सामान्यतः सीमित मात्रा में संतुलित आहार, ताकि अधिक मोटापा न चढ़े।
- स्टीमिंग-अप (Steaming Up): गर्भ की अंतिम अवधि में आहार की मात्रा और पोषण बढ़ाना, ताकि स्वस्थ बच्चे पैदा हों और दूध अच्छा बने।
6.6 दूध पिलाने वाली मादा का आहार (Lactating Sow)
- सबसे अधिक पोषण और मात्रा की आवश्यकता, क्योंकि अधिक दूध बनता है।
- बच्चों की संख्या के अनुसार आहार बढ़ाएँ और भरपूर साफ़ पानी दें।
6.7 नर सूअर का आहार (Boar)
- संतुलित आहार, जिसमें प्रोटीन, खनिज और विटामिन पर्याप्त हों।
- अधिक मोटापा न चढ़ने दें, क्योंकि इससे प्रजनन क्षमता घटती है।
6.8 फ्लशिंग (Flushing)
प्रजनन से कुछ समय पहले मादा को अधिक पोषक आहार देने की क्रिया फ्लशिंग कहलाती है। इससे अंडोत्सर्ग और गर्भधारण दर बेहतर होती है।
7. विभिन्न वर्गों के लिए नमूना राशन (Sample Rations)
नोट: यह केवल उदाहरण है। आपकी पाठ्यपुस्तक में दी गई सारणी ही परीक्षा में लिखें।
| सामग्री (% में, लगभग) | क्रीप आहार | ग्रोअर | फिनिशर | गर्भित मादा | दुग्धकाल मादा | नर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| मक्का / टूटा चावल | 50 | 45 | 55 | 40 | 50 | 40 |
| मूँगफली/सोयाबीन खली | 25 | 20 | 15 | 15 | 22 | 18 |
| चावल/गेहूँ का चोकर | 12 | 31 | 26 | 41 | 24 | 38 |
| मछली चूर्ण / स्किम दूध पाउडर | 10 | – | – | – | – | – |
| खनिज मिश्रण | 2 | 2.5 | 2.5 | 2.5 | 2.5 | 2.5 |
| साधारण नमक | 0.5 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
| विटामिन प्रीमिक्स | 0.5 | 0.5 | 0.5 | 0.5 | 0.5 | 0.5 |
| कुल | 100 | 100 | 100 | 100 | 100 | 100 |
सामान्य प्रोटीन स्तर (लगभग)
| वर्ग | कच्चा प्रोटीन (CP) % |
|---|---|
| क्रीप / स्टार्टर | लगभग 20–22 |
| ग्रोअर | लगभग 16–18 |
| फिनिशर | लगभग 14–16 |
| गर्भित मादा | लगभग 12–14 |
| दुग्धकाल मादा | लगभग 15–17 |
| नर | लगभग 13–15 |
8. आहार की मात्रा (Quantity of Feed)
प्रति सूअर प्रति दिन लगभग मात्रा (वज़न, नस्ल और तापमान के अनुसार बदलती है):
| वर्ग | लगभग आहार (किग्रा/दिन) |
|---|---|
| दूध छुड़ाए बच्चे | 0.5 – 1 |
| बढ़ते सूअर | 1 – 2 |
| फिनिशर | 2 – 3 |
| गर्भित मादा | 2 – 2.5 |
| दुग्धकाल मादा | लगभग 3 – 5 या अधिक (बच्चों की संख्या अनुसार) |
| नर | 2 – 3 |
आहार देने की विधियाँ
| विधि | विवरण |
|---|---|
| सीमित आहार (Restricted) | निश्चित मात्रा निश्चित समय पर |
| मुक्त आहार (Ad libitum) | आहार हमेशा उपलब्ध, पशु जितना चाहे खाए |
| सूखा आहार | पाउडर या पेलेट रूप में |
| गीला आहार (Wet Feeding) | पानी मिलाकर पतला या गाढ़ा घोल |
सामान्यतः दिन में दो से तीन बार आहार दिया जाता है। साफ़ पानी हर समय उपलब्ध रखें।
9. पीयर्सन वर्ग विधि से राशन बनाना: उदाहरण (Pearson Square Method)
मान लीजिए हमें 16% प्रोटीन वाला आहार बनाना है। उपलब्ध सामग्री में मक्का (लगभग 9% प्रोटीन) और मूँगफली की खली (लगभग 40% प्रोटीन) है।
चरण 1: वर्ग के केंद्र में लक्ष्य प्रोटीन (16) लिखें। बाईं ओर ऊपर मक्का (9) और नीचे खली (40) लिखें।
चरण 2: केंद्र से विकर्ण (तिरछे) घटाएँ:
- मक्का के सामने: 40 − 16 = 24 भाग
- खली के सामने: 16 − 9 = 7 भाग
चरण 3: कुल भाग = 24 + 7 = 31
चरण 4: प्रतिशत निकालें:
- मक्का = (24 ÷ 31) × 100 ≈ 77.4%
- मूँगफली खली = (7 ÷ 31) × 100 ≈ 22.6%
जाँच: (0.774 × 9) + (0.226 × 40) ≈ 6.97 + 9.04 ≈ 16% ✔
इसमें बाद में खनिज, नमक और विटामिन प्रीमिक्स जोड़कर अंतिम मिश्रण बनाया जाता है। प्रोटीन के आँकड़े अपनी पुस्तक की तालिका से लें।
(चित्र-3 सुझाव: ऊपर दिखाया गया “Growing pigs/feeding” वाला चित्र यहाँ लगाएँ। Alt text: बढ़ते सूअरों को बाड़े में आहार देना)
10. आहार देते समय सावधानियाँ (Precautions)
- फफूँद लगा या सड़ा आहार न दें, क्योंकि इसमें विषैले पदार्थ (जैसे अफ़्लाटॉक्सिन) हो सकते हैं।
- कच्चा रसोई कचरा/स्विल बिना उबाले न दें।
- नमक की मात्रा सीमित रखें और पानी की कमी न होने दें, वरना नमक विषाक्तता हो सकती है।
- आहार निश्चित समय पर दें।
- आहार अचानक न बदलें, धीरे-धीरे बदलाव करें।
- आहार-पात्र साफ़ रखें और बचा हुआ आहार हटाएँ।
- ज़्यादा या कम आहार दोनों हानिकारक हैं। नियमित रूप से वज़न देखें।
- सूअर के आकार के अनुसार आहार-पात्र में पर्याप्त जगह हो, ताकि कमज़ोर बच्चे वंचित न रहें।
- आहार-सामग्री सूखे और हवादार स्थान पर रखें और चूहों से बचाएँ।
11. आहार लागत घटाने के उपाय (Reducing Feed Cost)
- स्थानीय और सस्ती सामग्री (टूटा चावल, चोकर, स्थानीय खली) का उपयोग।
- आहार की बर्बादी रोकना और उपयुक्त आहार-पात्र लगाना।
- सही नस्ल और स्वस्थ पशु चुनना, जिनका आहार रूपांतरण बेहतर हो।
- रोग-नियंत्रण, क्योंकि बीमार पशु आहार का कम लाभ देता है।
- सामूहिक खरीद से कच्चा माल सस्ता लेना।
12. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Important Points)
- सूअर सरल आमाशय (Monogastric) वाला सर्वाहारी पशु है।
- शूकर पालन में सबसे अधिक खर्च आहार पर होता है।
- संतुलित आहार में ऊर्जा, प्रोटीन, खनिज, विटामिन और जल होते हैं।
- पिगलेट को खीस और आयरन आवश्यक हैं।
- क्रीप आहार लगभग 7–10 दिन से दिया जाता है।
- फ्लशिंग प्रजनन से पहले और स्टीमिंग-अप गर्भ के अंतिम चरण में।
- कच्चा रसोई कचरा उबालकर ही दें।
- पीयर्सन वर्ग विधि से आहार का प्रोटीन स्तर निर्धारित किया जाता है।
संभावित प्रश्न (Expected Questions)
अति लघु उत्तरीय (1 अंक):
- संतुलित आहार किसे कहते हैं?
- क्रीप आहार क्या है?
- फ्लशिंग से क्या तात्पर्य है?
लघु उत्तरीय (2-3 अंक):
- सूअर के आहार में प्रयुक्त चार प्रोटीन स्रोतों के नाम लिखिए।
- पिगलेट के आहार की प्रमुख बातें लिखिए।
- आहार देते समय की सावधानियाँ बताइए।
दीर्घ उत्तरीय (4-5 अंक):
- शूकर आहार निर्धारण के सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।
- विभिन्न अवस्थाओं में सूअर के आहार का वर्णन कीजिए।
- पीयर्सन वर्ग विधि से 16% प्रोटीन का आहार बनाने की विधि उदाहरण सहित लिखिए।
13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1. शूकर आहार निर्धारण क्या है?
उत्तर: सूअर की आयु, वज़न और अवस्था के अनुसार उपलब्ध आहार-सामग्री को सही अनुपात में मिलाकर संतुलित आहार तैयार करने की प्रक्रिया शूकर आहार निर्धारण कहलाती है।
प्रश्न 2. सूअर को रेशे वाला चारा अधिक क्यों नहीं देना चाहिए?
उत्तर: सूअर सरल आमाशय वाला पशु है और रोमंथियों की तरह अधिक रेशा नहीं पचा पाता, इसलिए आहार में सुपाच्य सांद्र अधिक और रेशा सीमित रखा जाता है।
प्रश्न 3. पिगलेट को आयरन क्यों दिया जाता है?
उत्तर: सूअर के दूध में आयरन कम होता है, इसलिए पिगलेट में रक्ताल्पता हो सकती है। इसे रोकने के लिए जन्म के कुछ दिन के भीतर पशु चिकित्सक की सलाह से आयरन दिया जाता है।
प्रश्न 4. क्रीप आहार किसे कहते हैं?
उत्तर: माँ का दूध पी रहे पिगलेट के लिए अलग स्थान पर रखा गया स्वादिष्ट, सुपाच्य और प्रोटीन-युक्त आहार, जो लगभग 7–10 दिन की उम्र से शुरू किया जाता है।
प्रश्न 5. फ्लशिंग और स्टीमिंग-अप में क्या अंतर है?
उत्तर: फ्लशिंग प्रजनन से पहले अधिक पोषक आहार देना है, जबकि स्टीमिंग-अप गर्भ की अंतिम अवधि में आहार और पोषण बढ़ाना है।
प्रश्न 6. क्या सूअर को रसोई का बचा खाना खिला सकते हैं?
उत्तर: हाँ, पर कच्चा नहीं। इसे उबालकर, ठंडा करके और साफ़-ताज़ा रूप में, अन्य संतुलित आहार के साथ ही दें, क्योंकि कच्चे कचरे से रोग फैल सकते हैं।
प्रश्न 7. सूअर को दिन में कितनी बार आहार दें?
उत्तर: सामान्यतः दिन में दो से तीन बार। पानी हमेशा उपलब्ध रखें।
प्रश्न 8. पीयर्सन वर्ग विधि का उपयोग किसलिए होता है?
उत्तर: दो आहार-सामग्रियों को ऐसे अनुपात में मिलाने के लिए, जिससे मिश्रण में वांछित प्रोटीन प्रतिशत मिल सके।
प्रश्न 9. आहार लागत कैसे घटाएँ?
उत्तर: स्थानीय सस्ती सामग्री, आहार की बर्बादी रोकना, रोगों का नियंत्रण, अच्छी नस्ल का चयन और सामूहिक खरीद के माध्यम से।
14. निष्कर्ष (Conclusion)
शूकर पालन में आहार निर्धारण लाभ का सबसे बड़ा निर्धारक है। सूअर सरल आमाशय वाला सर्वाहारी पशु है, इसलिए उसे सुपाच्य, संतुलित और अवस्था के अनुसार आहार चाहिए। पिगलेट के लिए खीस, आयरन और क्रीप आहार, गर्भवती मादा के लिए स्टीमिंग-अप, दुग्धकाल की मादा के लिए अधिक पोषण और बढ़ते सूअर के लिए संतुलित ऊर्जा-प्रोटीन आहार इस पाठ के प्रमुख बिंदु हैं।
परीक्षा के लिए तीन अभ्यास करें:
- विभिन्न अवस्थाओं के आहार की तालिका बनाकर याद करना।
- पीयर्सन वर्ग का एक उदाहरण हल करना।
- आहार सावधानियाँ बिंदुवार लिखना।
अगला पाठ प्रजनन प्रणाली है।
आंतरिक लिंक योजना (Internal Linking Plan)
| एंकर टेक्स्ट | लिंक | स्थिति |
|---|---|---|
| Animal Husbandry Study Materials | https://mpeducator.co.in/mp-board-class-12-subject-animal-husbandry-study-materials/ | मुख्य पेज (चाहें तो जोड़ें) |
| पशु आहार: परिभाषा, प्रकार | https://mpeducator.co.in/mp-board-12th-ag-pashu-aahar-definition-types-and-importance/ | असली लिंक लगा है |
| पशु आहार के अवयव और उनके कार्य | https://mpeducator.co.in/animal-husbandry-components-of-animal-feed-and-their-functions/ | असली लिंक लगा है |
| आदर्श आहार और उसके गुण | https://mpeducator.co.in/animal-husbandry-ideal-ration-and-its-characteristics/ | असली लिंक लगा है |
| पशु आहार निर्धारण के प्रमुख सिद्धांत | https://mpeducator.co.in/major-scientific-principles-of-animal-feed/ | असली लिंक लगा है |
| संतुलित आहार निर्धारण (गाय, भैंस, बकरी, भेड़) | https://mpeducator.co.in/formulation-of-balanced-ration-for-cow-buffalo-goat-and-sheep/ | असली लिंक लगा है |
| खरीफ और रबी के प्रमुख चारे | https://mpeducator.co.in/cultivation-of-major-kharif-and-rabi-fodder-crops/ | असली लिंक लगा है |
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