MP Board Class 12 Physics Capacitors and Capacitance संधारित्र तथा धारिता

MP Board Class 12 Physics Capacitors and Capacitance : अध्याय 2: स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता (Electrostatic Potential and Capacitance) | Capacitors and Capacitance, Capacitance Formula Class 12, Parallel Plate Capacitor, MP Board Physics Notes Hindi, Electrostatic Potential and Capacitance

यह लेख MP Board कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें संधारित्र की परिभाषा, धारिता, समांतर प्लेट संधारित्र, परावैद्युत का प्रभाव, संधारित्रों का श्रेणी एवं समांतर क्रम में संयोजन, संचित ऊर्जा, हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न, महत्त्वपूर्ण प्रश्न, FAQs शामिल हैं।

Capacitor Basics: How do Capacitors Work? | CircuitBread

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1. संधारित्र तथा धारिता का परिचय (Introduction to Capacitors and Capacitance)

स्थिरवैद्युतिकी (Electrostatics) में संधारित्र तथा धारिता एक महत्त्वपूर्ण विषय है। संधारित्र एक ऐसा विद्युत उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत आवेश तथा विद्युत क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संचित करने के लिए किया जाता है।

संधारित्र में सामान्यतः दो चालक होते हैं, जिनके बीच वायु, निर्वात या कोई परावैद्युत पदार्थ (Dielectric Material) होता है। दोनों चालकों पर समान परिमाण के विपरीत चिह्न वाले आवेश +Q तथा -Q होते हैं। इनके बीच विभवान्तर उत्पन्न होता है।

संधारित्र की आवेश संचित करने की क्षमता को धारिता (Capacitance) कहते हैं। धारिता चालक के आकार, उनके बीच की दूरी और बीच में उपस्थित माध्यम पर निर्भर करती है।

2. संधारित्र क्या है? (What is a Capacitor?)

परिभाषा (Definition): दो चालकों की ऐसी व्यवस्था, जिनके बीच विद्युतरोधी माध्यम हो और जिन पर समान परिमाण के विपरीत आवेश संचित किए जा सकें, संधारित्र (Capacitor) कहलाती है।

उदाहरण के लिए, दो धातु की प्लेटों को एक-दूसरे के समानांतर रखकर उनके बीच वायु या कोई परावैद्युत पदार्थ रखने पर समांतर प्लेट संधारित्र (Parallel Plate Capacitor) बनाया जा सकता है।

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संधारित्र के प्रमुख भाग (Main Parts of a Capacitor):

  1. चालक प्लेटें (Conducting Plates): इन पर विपरीत चिह्न के आवेश संचित होते हैं।
  2. परावैद्युत माध्यम (Dielectric Medium): दोनों प्लेटों के बीच विद्युतरोधी पदार्थ हो सकता है।
  3. विभवान्तर (Potential Difference): दोनों प्लेटों के बीच उत्पन्न विभव का अंतर आवेश संचित करने से संबंधित होता है।

संधारित्र के उपयोग (Uses of Capacitors): इलेक्ट्रॉनिक परिपथों में ऊर्जा संचित करने, वोल्टेज के उतार-चढ़ाव को कम करने, संकेतों को अलग करने तथा विभिन्न विद्युत उपकरणों में संधारित्र का उपयोग होता है।

3. धारिता की परिभाषा एवं सूत्र (Definition and Formula of Capacitance)

किसी संधारित्र की एक प्लेट पर संचित आवेश के परिमाण Q और दोनों प्लेटों के बीच विभवान्तर V के अनुपात को उसकी धारिता कहते हैं।

    \[ \boxed{C=\frac{Q}{V}} \]

जहाँ,

  • C = धारिता (Capacitance)
  • Q = किसी एक प्लेट पर आवेश का परिमाण (Charge)
  • V = दोनों प्लेटों के बीच विभवान्तर (Potential Difference)

महत्त्वपूर्ण: यहाँ Q एक प्लेट पर संचित आवेश का परिमाण है। संधारित्र की दोनों प्लेटों के आवेश +Q और -Q होते हैं, इसलिए पूरे संधारित्र का कुल शुद्ध आवेश शून्य होता है।

3.1 धारिता का SI मात्रक (SI Unit of Capacitance)

धारिता का SI मात्रक फैरड (Farad) है।

    \[ \boxed{1\,F=1\,C/V} \]

अर्थात किसी संधारित्र की धारिता एक फैरड तब होती है, जब एक कूलॉम आवेश देने पर उसके सिरों के बीच एक वोल्ट का विभवान्तर उत्पन्न हो।

फैरड का मात्रक व्यवहार में बड़ा होता है, इसलिए छोटे मात्रकों का उपयोग किया जाता है।

  • 1\,\mu F=10^{-6}\,F — माइक्रोफैरड
  • 1\,nF=10^{-9}\,F — नैनोफैरड
  • 1\,pF=10^{-12}\,F — पिकोफैरड

3.2 धारिता किन कारकों पर निर्भर करती है? (Factors Affecting Capacitance)

संधारित्र की धारिता मुख्यतः निम्न कारकों पर निर्भर करती है:

  1. चालकों का आकार और ज्यामिति (Geometry of Conductors)।
  2. चालकों के बीच की दूरी (Separation Between Conductors)।
  3. दोनों चालकों के बीच उपस्थित माध्यम की विद्युतशीलता (Permittivity of the Medium)।

किसी निश्चित ज्यामिति वाले संधारित्र की धारिता आवेश या विभवान्तर के बदलने से स्वयं नहीं बदलती, बशर्ते माध्यम और अन्य भौतिक परिस्थितियाँ समान रहें।

4. समांतर प्लेट संधारित्र (Parallel Plate Capacitor)

समांतर प्लेट संधारित्र एक ऐसा संधारित्र है जिसमें दो बड़ी, समतल तथा समानांतर चालक प्लेटें एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर रखी जाती हैं। प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल A तथा उनके बीच की दूरी d होती है।

यदि एक प्लेट पर +Q और दूसरी पर -Q आवेश हो, तो प्लेटों के बीच विभवान्तर उत्पन्न होता है।

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4.1 निर्वात में समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता (Capacitance in Vacuum)

मान लीजिए दोनों प्लेटों पर आवेश +Q तथा -Q है और प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल A है।

पृष्ठीय आवेश घनत्व:

    \[ \sigma=\frac{Q}{A} \]

प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र का परिमाण:

    \[ E=\frac{\sigma}{\varepsilon_0} =\frac{Q}{\varepsilon_0 A} \]

यदि प्लेटों के बीच दूरी d है, तो विभवान्तर का परिमाण:

    \[ V=Ed=\frac{Qd}{\varepsilon_0 A} \]

धारिता की परिभाषा C=Q/V से,

    \[ C=\frac{Q}{\frac{Qd}{\varepsilon_0 A}} \]

अतः निर्वात में समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता:

    \[ \boxed{C_0=\frac{\varepsilon_0 A}{d}} \]

जहाँ \varepsilon_0 निर्वात की विद्युतशीलता है।

इस सूत्र से स्पष्ट है कि प्लेटों का क्षेत्रफल बढ़ाने पर धारिता बढ़ती है तथा प्लेटों के बीच दूरी बढ़ाने पर धारिता घटती है। यह परिणाम किनारों पर विद्युत क्षेत्र के प्रभाव (Fringing Effect) को नगण्य मानकर प्राप्त किया जाता है।

4.2 परावैद्युत माध्यम में धारिता (Capacitance with Dielectric)

यदि प्लेटों के बीच का पूरा स्थान परावैद्युत स्थिरांक K वाले पदार्थ से भर दिया जाए, तो धारिता होगी:

    \[ \boxed{C=\frac{K\varepsilon_0 A}{d}} \]

चूँकि C_0=\varepsilon_0 A/d, इसलिए

    \[ \boxed{C=KC_0} \]

परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण: एक समान परावैद्युत पदार्थ पूरी तरह भरने पर धारिता K गुना हो जाती है। यदि संधारित्र बैटरी से अलग है, तो आवेश नियत रहता है और विभवान्तर घटता है। यदि बैटरी जुड़ी रहती है, तो विभवान्तर नियत रहता है और आवेश बढ़ता है।

5. संधारित्रों का संयोजन (Combination of Capacitors)

जब दो या दो से अधिक संधारित्रों को एक विद्युत परिपथ में जोड़ा जाता है, तो उनके संयोजन को समतुल्य संधारित्र (Equivalent Capacitor) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। प्रमुख संयोजन दो हैं: श्रेणी क्रम और समांतर क्रम।

NCERT Theory

+1

5.1 श्रेणी क्रम में संयोजन (Capacitors in Series)

Lab 3. Introduction.

phys2232.physics.gatech.edu

जब एक संधारित्र का दूसरा सिरा अगले संधारित्र के एक सिरे से क्रमशः जोड़ा जाता है, तो इसे श्रेणी क्रम (Series Combination) कहते हैं।

इस संयोजन में प्रत्येक संधारित्र पर आवेश का परिमाण समान होता है, जबकि विभवान्तर अलग-अलग हो सकता है।

    \[ V=V_1+V_2+V_3 \]

चूँकि V=Q/C, इसलिए

    \[ \frac{Q}{C_s}=\frac{Q}{C_1}+\frac{Q}{C_2}+\frac{Q}{C_3} \]

अतः,

    \[ \boxed{\frac{1}{C_s}= \frac{1}{C_1}+\frac{1}{C_2}+\frac{1}{C_3}} \]

दो संधारित्रों के लिए:

    \[ \boxed{C_s=\frac{C_1C_2}{C_1+C_2}} \]

मुख्य विशेषताएँ (Key Points):

  • प्रत्येक संधारित्र पर आवेश का परिमाण समान होता है।
  • कुल विभवान्तर अलग-अलग विभवान्तरों के योग के बराबर होता है।
  • समतुल्य धारिता सबसे कम धारिता वाले संधारित्र से भी कम होती है।

5.2 समांतर क्रम में संयोजन (Capacitors in Parallel)

Capacitors in Series and Parallel Explained - Anito Circuits

anitocircuits.com

जब सभी संधारित्रों के एक-एक सिरे को एक ही बिंदु से तथा दूसरे सिरे को दूसरे समान बिंदु से जोड़ा जाता है, तो इसे समांतर क्रम (Parallel Combination) कहते हैं।

इस संयोजन में प्रत्येक संधारित्र के सिरों के बीच विभवान्तर समान होता है।

    \[ Q=Q_1+Q_2+Q_3 \]

चूँकि Q=CV, इसलिए

    \[ C_pV=C_1V+C_2V+C_3V \]

अतः,

    \[ \boxed{C_p=C_1+C_2+C_3} \]

मुख्य विशेषताएँ (Key Points):

  • प्रत्येक संधारित्र पर विभवान्तर समान होता है।
  • कुल आवेश व्यक्तिगत आवेशों के योग के बराबर होता है।
  • समतुल्य धारिता सबसे अधिक धारिता वाले संधारित्र से भी अधिक होती है।

5.3 श्रेणी एवं समांतर संयोजन में अंतर (Difference Between Series and Parallel)

आधार (Basis)श्रेणी क्रम (Series)समांतर क्रम (Parallel)
समान राशिआवेश Qविभवान्तर V
समतुल्य धारिता1/C_s=\sum 1/C_iC_p=\sum C_i
विभवान्तरअलग-अलग हो सकता हैसभी पर समान
कुल आवेशप्रत्येक पर समान परिमाणव्यक्तिगत आवेशों का योग
समतुल्य धारितासबसे छोटी धारिता से कमसबसे बड़ी धारिता से अधिक

6. संधारित्र में संचित ऊर्जा (Energy Stored in a Capacitor)

संधारित्र को आवेशित करने में बाहरी एजेंसी द्वारा किया गया कार्य उसके विद्युत क्षेत्र में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होता है। इस ऊर्जा को संधारित्र की संचित ऊर्जा (Stored Energy) कहते हैं।

    \[ \boxed{U=\frac{1}{2}QV} \]

क्योंकि Q=CV, इसलिए ऊर्जा के अन्य सूत्र हैं:

    \[ \boxed{U=\frac{1}{2}CV^2} \]

और

    \[ \boxed{U=\frac{Q^2}{2C}} \]

जहाँ U ऊर्जा, C धारिता, V विभवान्तर तथा Q आवेश है। ऊर्जा का SI मात्रक जूल (Joule) है।

6.1 ऊर्जा घनत्व (Energy Density)

विद्युत क्षेत्र के प्रति इकाई आयतन में संचित ऊर्जा को ऊर्जा घनत्व कहते हैं। निर्वात में विद्युत क्षेत्र के लिए:

    \[ \boxed{u=\frac{1}{2}\varepsilon_0 E^2} \]

इसका SI मात्रक J/m^3 है।

7. हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न (Solved Numericals)

उदाहरण 1: धारिता ज्ञात करना (Calculate Capacitance)

प्रश्न: किसी संधारित्र पर 6\,\mu C आवेश है तथा उसके सिरों के बीच विभवान्तर 12\,V है। धारिता ज्ञात कीजिए।

दिया गया:

    \[ Q=6\times10^{-6}\,C,\quad V=12\,V \]

सूत्र:

    \[ C=\frac{Q}{V} \]

हल:

    \[ C=\frac{6\times10^{-6}}{12} \]

    \[ \boxed{C=0.5\,\mu F} \]

उत्तर: संधारित्र की धारिता 0.5\,\mu F है।

उदाहरण 2: समांतर प्लेट संधारित्र (Parallel Plate Capacitor)

प्रश्न: एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल 0.02\,m^2 तथा दूरी 1\,mm है। निर्वात में इसकी धारिता ज्ञात कीजिए। \varepsilon_0=8.85\times10^{-12}\,F/m लें।

सूत्र:

    \[ C=\frac{\varepsilon_0 A}{d} \]

हल:

    \[ C=\frac{8.85\times10^{-12}\times0.02}{10^{-3}} \]

    \[ \boxed{C=1.77\times10^{-10}\,F} \]

उत्तर: धारिता 177\,pF है।

उदाहरण 3: श्रेणी क्रम (Series Combination)

प्रश्न: 6\,\mu F तथा 3\,\mu F के दो संधारित्र श्रेणी क्रम में जुड़े हैं। समतुल्य धारिता ज्ञात कीजिए।

सूत्र:

    \[ C_s=\frac{C_1C_2}{C_1+C_2} \]

हल:

    \[ C_s=\frac{6\times3}{6+3} =\frac{18}{9} \]

    \[ \boxed{C_s=2\,\mu F} \]

उत्तर: समतुल्य धारिता 2\,\mu F है।

उदाहरण 4: समांतर क्रम (Parallel Combination)

प्रश्न: 4\,\mu F तथा 7\,\mu F के दो संधारित्र समांतर क्रम में जुड़े हैं। समतुल्य धारिता ज्ञात कीजिए।

सूत्र:

    \[ C_p=C_1+C_2 \]

हल:

    \[ C_p=4+7 \]

    \[ \boxed{C_p=11\,\mu F} \]

उत्तर: समतुल्य धारिता 11\,\mu F है।

उदाहरण 5: संधारित्र में संचित ऊर्जा (Energy Stored)

प्रश्न: 4\,\mu F के संधारित्र को 100\,V तक आवेशित किया गया है। उसमें संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए।

सूत्र:

    \[ U=\frac{1}{2}CV^2 \]

हल:

    \[ U=\frac{1}{2}\times4\times10^{-6}\times100^2 \]

    \[ \boxed{U=0.02\,J} \]

उत्तर: संचित ऊर्जा 0.02\,J है।

8. परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions for MP Board Exam)

निम्नलिखित प्रश्न अध्याय की प्रमुख अवधारणाओं पर आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। इन्हें बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए हल करें।

8.1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)

  1. संधारित्र (Capacitor) किसे कहते हैं?
  2. धारिता की परिभाषा एवं SI मात्रक लिखिए।
  3. एक फैरड कितने कूलॉम प्रति वोल्ट के बराबर होता है?
  4. समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता का सूत्र लिखिए।
  5. परावैद्युत पदार्थ रखने पर संधारित्र की धारिता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  6. संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
  7. श्रेणी क्रम में जुड़े संधारित्रों पर कौन-सी राशि समान रहती है?
  8. समांतर क्रम में जुड़े संधारित्रों पर कौन-सी राशि समान रहती है?

8.2 लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

  1. संधारित्र तथा धारिता को उदाहरण सहित समझाइए।
  2. धारिता किन कारकों पर निर्भर करती है?
  3. श्रेणी एवं समांतर क्रम में संधारित्रों के संयोजन में अंतर लिखिए।
  4. परावैद्युत माध्यम रखने से संधारित्र की धारिता क्यों बढ़ती है?
  5. संधारित्र में संचित ऊर्जा के तीनों सूत्र लिखिए।
  6. फैरड, माइक्रोफैरड, नैनोफैरड तथा पिकोफैरड में संबंध लिखिए।

8.3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

  1. समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
  2. श्रेणी क्रम में जुड़े तीन संधारित्रों की समतुल्य धारिता का सूत्र स्थापित कीजिए।
  3. समांतर क्रम में जुड़े संधारित्रों की समतुल्य धारिता का सूत्र स्थापित कीजिए।
  4. संधारित्र में संचित ऊर्जा के सूत्र U=\frac12 CV^2 तथा U=\frac{Q^2}{2C} को समझाइए।

8.4 संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Practice Questions)

  1. किसी संधारित्र पर 20\,\mu C आवेश है और विभवान्तर 50\,V है। उसकी धारिता ज्ञात कीजिए।
  2. 2\,\mu F और 8\,\mu F के संधारित्र श्रेणी क्रम में जुड़े हैं। समतुल्य धारिता ज्ञात कीजिए।
  3. 3\,\mu F, 5\,\mu F तथा 7\,\mu F के संधारित्र समांतर क्रम में जुड़े हैं। समतुल्य धारिता ज्ञात कीजिए।
  4. 10\,\mu F के संधारित्र को 200\,V तक आवेशित किया जाता है। उसमें संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
  5. निर्वात में किसी संधारित्र की धारिता 4\,\mu F है। यदि K=3 का परावैद्युत पदार्थ उसके बीच का पूरा स्थान भर देता है, तो नई धारिता ज्ञात कीजिए।

उत्तरमाला (Answer Key):

  1. C=Q/V=\boxed{0.4\,\mu F}
  2. C_s=(2\times8)/(2+8)=\boxed{1.6\,\mu F}
  3. C_p=3+5+7=\boxed{15\,\mu F}
  4. U=\frac12 CV^2=\boxed{0.2\,J}
  5. C=KC_0=3\times4=\boxed{12\,\mu F}

9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)

प्रश्न 1. संधारित्र क्या है? (What is a Capacitor?)

उत्तर: दो चालकों की ऐसी व्यवस्था, जिनके बीच विद्युतरोधी माध्यम हो और जिन पर विपरीत आवेश संचित किए जा सकें, संधारित्र कहलाती है।

प्रश्न 2. धारिता का सूत्र क्या है? (What is the Formula of Capacitance?)

उत्तर: C=Q/V, जहाँ Q एक प्लेट पर आवेश का परिमाण और V प्लेटों के बीच विभवान्तर है।

प्रश्न 3. धारिता का SI मात्रक क्या है? (What is the SI Unit of Capacitance?)

उत्तर: फैरड (Farad)। इसका संबंध 1\,F=1\,C/V है।

प्रश्न 4. समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता का सूत्र क्या है? (Parallel Plate Capacitor Formula)

उत्तर: निर्वात में C=\varepsilon_0 A/d तथा परावैद्युत पदार्थ पूरी तरह भरने पर C=K\varepsilon_0 A/d होता है।

प्रश्न 5. श्रेणी क्रम में समतुल्य धारिता कैसे ज्ञात करते हैं? (Capacitance in Series)

उत्तर: 1/C_s=1/C_1+1/C_2+\cdots। श्रेणी क्रम में प्रत्येक संधारित्र पर आवेश का परिमाण समान रहता है।

प्रश्न 6. समांतर क्रम में समतुल्य धारिता कैसे ज्ञात करते हैं? (Capacitance in Parallel)

उत्तर: C_p=C_1+C_2+\cdots। समांतर क्रम में सभी संधारित्रों के सिरों के बीच विभवान्तर समान रहता है।

प्रश्न 7. संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र क्या है? (Energy Stored in a Capacitor)

उत्तर: U=\frac12 QV=\frac12 CV^2=\frac{Q^2}{2C}। ऊर्जा का SI मात्रक जूल है।

प्रश्न 8. संधारित्र की धारिता किन कारकों पर निर्भर करती है? (Factors Affecting Capacitance)

उत्तर: धारिता चालक की ज्यामिति, प्लेटों के क्षेत्रफल, उनके बीच की दूरी तथा बीच के माध्यम की विद्युतशीलता पर निर्भर करती है।

10. परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए सुझाव (Exam Preparation Tips)

  • धारिता की परिभाषा और C=Q/V का सूत्र स्पष्ट रूप से याद रखें।
  • समांतर प्लेट संधारित्र का साफ एवं नामांकित चित्र बनाने का अभ्यास करें।
  • श्रेणी क्रम में आवेश समान और समांतर क्रम में विभवान्तर समान रहता है—इस अंतर को याद रखें।
  • ऊर्जा के तीनों सूत्रों का अभ्यास करें और प्रश्न में दिए गए मानों के अनुसार सही सूत्र चुनें।
  • संख्यात्मक प्रश्नों में माइक्रोफैरड को फैरड में बदलना न भूलें: 1\,\mu F=10^{-6}\,F।
  • उत्तर में सूत्र, दिए गए मान, गणना और अंतिम परिणाम के साथ SI मात्रक अवश्य लिखें।
  • परीक्षा के लिए अपने विद्यालय द्वारा निर्धारित नवीनतम MP Board पाठ्यक्रम एवं अंकयोजना का भी मिलान करें।

11. निष्कर्ष (Conclusion)

संधारित्र तथा धारिता (Capacitors and Capacitance) अध्याय 2 का एक महत्त्वपूर्ण विषय है। संधारित्र विद्युत आवेश और ऊर्जा संचित करने में उपयोगी होता है, जबकि धारिता उसकी आवेश संचित करने की क्षमता को व्यक्त करती है।

इस अध्याय में C=Q/V, C_0=\varepsilon_0 A/d, C=KC_0, श्रेणी एवं समांतर संयोजन के सूत्र और संचित ऊर्जा के सूत्र विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। इन सूत्रों को समझकर नियमित संख्यात्मक अभ्यास करने से विद्यार्थी विषय पर अच्छी पकड़ बना सकते हैं।

अधिक अध्ययन सामग्री के लिए MP Educator – MP Board Class 12 Physics Study Materials देखें। संधारित्र और धारिता के सिद्धांतों की अतिरिक्त पुष्टि के लिए NCERT आधारित SATHEE अध्ययन सामग्री भी उपयोगी है।