MP Board Class 12 Physics Dielectrics and Polarisation : यह लेख MP Board कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें परावैद्युत (Dielectric), ध्रुवण (Polarisation), परावैद्युत स्थिरांक, विद्युत क्षेत्र में परावैद्युत पदार्थ का व्यवहार, संधारित्र की धारिता पर प्रभाव, महत्त्वपूर्ण सूत्र, हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न, बोर्ड परीक्षा के प्रश्न तथा FAQs शामिल हैं।
1. परिचय (Introduction)
स्थिरवैद्युतिकी में परावैद्युत तथा ध्रुवण (Dielectrics and Polarisation) का अध्ययन विद्युत क्षेत्र और संधारित्र (Capacitor) की कार्यप्रणाली को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है। जब किसी विद्युतरोधी पदार्थ को बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है, तो उसके परमाणुओं या अणुओं में धनात्मक और ऋणात्मक आवेशों का वितरण थोड़ा बदल सकता है। कुछ पदार्थों में पहले से मौजूद विद्युत द्विध्रुव भी क्षेत्र की दिशा में व्यवस्थित होने लगते हैं।
इस प्रभाव को ध्रुवण (Polarisation) कहते हैं। ध्रुवण के कारण पदार्थ के भीतर प्रेरित विद्युत प्रभाव उत्पन्न होता है, जिससे पदार्थ के अंदर परिणामी विद्युत क्षेत्र तथा संधारित्र की धारिता प्रभावित हो सकती है।
इस विषय को समझने के लिए पहले परावैद्युत पदार्थ, विद्युत द्विध्रुव, ध्रुवण और परावैद्युत स्थिरांक की अवधारणाओं को समझना आवश्यक है।
2. परावैद्युत पदार्थ क्या है? (What is a Dielectric?)
वे विद्युतरोधी पदार्थ (Insulating Materials) जिनमें सामान्य परिस्थितियों में मुक्त आवेशों की गति बहुत सीमित होती है तथा जो बाहरी विद्युत क्षेत्र में ध्रुवित हो सकते हैं, परावैद्युत पदार्थ (Dielectrics) कहलाते हैं।
उदाहरण: काँच (Glass), अभ्रक (Mica), चीनी मिट्टी (Porcelain), वायु (Air), प्लास्टिक (Plastic) और शुद्ध जल (Pure Water)।
परावैद्युत पदार्थों का उपयोग संधारित्र की प्लेटों के बीच किया जाता है। इनसे संधारित्र की धारिता बढ़ाई जा सकती है और उचित पदार्थ चुनने पर विद्युतरोधी गुण प्राप्त होते हैं।
2.1 चालक तथा परावैद्युत में अंतर (Difference Between Conductors and Dielectrics)
| आधार (Basis) | चालक (Conductor) | परावैद्युत (Dielectric) |
|---|---|---|
| आवेशों की गति | मुक्त आवेश आसानी से गति कर सकते हैं | आवेश सामान्यतः परमाणु या अणु से बँधे रहते हैं |
| विद्युत क्षेत्र | संतुलन में चालक के पदार्थ के भीतर | आंतरिक विद्युत क्षेत्र सामान्यतः शून्य नहीं होता |
| बाहरी क्षेत्र का प्रभाव | मुक्त आवेश पुनर्वितरित होते हैं | ध्रुवण होता है |
| उदाहरण | ताँबा, एल्युमिनियम | काँच, अभ्रक, प्लास्टिक |
| प्रमुख उपयोग | विद्युत धारा तथा आवेश का संचरण | विद्युतरोधन और संधारित्र की धारिता बढ़ाना |
3. ध्रुवण क्या है? (What is Polarisation?)
जब किसी परावैद्युत पदार्थ को बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है, तो उसके अणुओं के धनात्मक तथा ऋणात्मक आवेशों के केंद्रों के बीच विस्थापन हो सकता है अथवा स्थायी विद्युत द्विध्रुव बाहरी क्षेत्र की दिशा में आंशिक रूप से व्यवस्थित होने लगते हैं। इस प्रक्रिया को ध्रुवण (Polarisation) कहते हैं।
ध्रुवण के परिणामस्वरूप पदार्थ की सतहों पर बँधे हुए आवेश (Bound Charges) उत्पन्न हो सकते हैं। इन आवेशों के कारण उत्पन्न विद्युत क्षेत्र सामान्यतः बाहरी विद्युत क्षेत्र का विरोध करता है और पदार्थ के भीतर परिणामी विद्युत क्षेत्र को कम करता है।
सरल उदाहरण: बाहरी विद्युत क्षेत्र लगाने से पहले किसी अध्रुवीय अणु में धनात्मक और ऋणात्मक आवेशों के केंद्र एक ही स्थान पर हो सकते हैं। क्षेत्र लगाने पर ये केंद्र थोड़ा अलग हो जाते हैं और अणु में प्रेरित द्विध्रुव आघूर्ण उत्पन्न हो सकता है।
4. परावैद्युत पदार्थों के प्रकार (Types of Dielectrics)
4.1 अध्रुवीय अणु (Non-Polar Molecules)
वे अणु जिनमें बाहरी विद्युत क्षेत्र न होने पर धनात्मक तथा ऋणात्मक आवेशों के केंद्र सामान्यतः एक ही स्थान पर होते हैं, अध्रुवीय अणु कहलाते हैं। इनका स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण शून्य होता है।
उदाहरण:
,
तथा आदर्श सममित
अणु।
जब इन्हें बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है, तो धनात्मक और ऋणात्मक आवेशों का वितरण थोड़ा बदल सकता है। इससे प्रेरित द्विध्रुव आघूर्ण (Induced Dipole Moment) उत्पन्न होता है।
4.2 ध्रुवीय अणु (Polar Molecules)
वे अणु जिनमें धनात्मक तथा ऋणात्मक आवेशों के केंद्र अलग-अलग होते हैं, ध्रुवीय अणु कहलाते हैं। इनमें बाहरी विद्युत क्षेत्र न होने पर भी स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण (Permanent Dipole Moment) होता है।
उदाहरण:
तथा
।
बाहरी विद्युत क्षेत्र न होने पर तापीय गति के कारण इन अणुओं के द्विध्रुव सामान्यतः अलग-अलग दिशाओं में व्यवस्थित रहते हैं। विद्युत क्षेत्र लगाने पर वे क्षेत्र की दिशा में व्यवस्थित होने का प्रयास करते हैं, जिससे पदार्थ का कुल ध्रुवण बढ़ सकता है।
5. विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण और ध्रुवण (Dipole Moment and Polarisation)
5.1 विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण (Electric Dipole Moment)
जब समान परिमाण के दो विपरीत आवेश
और
एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर स्थित होते हैं, तो वे विद्युत द्विध्रुव (Electric Dipole) बनाते हैं।
यदि दोनों आवेशों के बीच दूरी
है, तो द्विध्रुव आघूर्ण का परिमाण:
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इसका SI मात्रक कूलॉम-मीटर
है।
द्विध्रुव आघूर्ण की दिशा ऋणात्मक आवेश से धनात्मक आवेश की ओर होती है।
5.2 ध्रुवण की परिभाषा (Definition of Polarisation)
परावैद्युत पदार्थ के प्रति इकाई आयतन में कुल विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण को ध्रुवण सदिश (Polarisation Vector) कहते हैं। इसे
से दर्शाते हैं।
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इसका SI मात्रक:
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रैखिक तथा समदैशिक परावैद्युत (Linear Isotropic Dielectric) के लिए:
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जहाँ,
= ध्रुवण सदिश
= निर्वात की विद्युतशीलता
= विद्युत प्रवणता (Electric Susceptibility)
= परावैद्युत के भीतर विद्युत क्षेत्र
यह संबंध रैखिक परावैद्युत के लिए लागू होता है; सभी पदार्थों में ध्रुवण का क्षेत्र पर निर्भर होना आवश्यक नहीं कि रैखिक ही हो।
6. परावैद्युत स्थिरांक (Dielectric Constant)
परावैद्युत स्थिरांक किसी पदार्थ की विद्युतशीलता (Permittivity) और निर्वात की विद्युतशीलता के अनुपात को कहते हैं। इसे
या
से प्रदर्शित करते हैं।
![]()
जहाँ,
= माध्यम की विद्युतशीलता
= निर्वात की विद्युतशीलता
परावैद्युत स्थिरांक एक विमाहीन राशि (Dimensionless Quantity) है, इसलिए इसका कोई SI मात्रक नहीं होता।
6.1 विद्युत क्षेत्र से संबंध (Relation with Electric Field)
जब किसी समान, रैखिक परावैद्युत को ऐसे क्षेत्र में रखा जाता है जहाँ मुक्त आवेश वितरण नियत रहता है, तो आदर्श स्थिति में:
![]()
यहाँ
परावैद्युत के बिना विद्युत क्षेत्र और
पदार्थ डालने के बाद का विद्युत क्षेत्र है। यह संबंध उस विशिष्ट स्थिति में लागू होता है जहाँ परावैद्युत ध्रुवण के कारण क्षेत्र कम होता है।
अतः,
![]()
इससे स्पष्ट है कि ऐसे मामले में
जितना अधिक होगा, पदार्थ के भीतर परिणामी विद्युत क्षेत्र उतना कम होगा।
7. संधारित्र पर परावैद्युत का प्रभाव (Effect of Dielectric on Capacitance)
जब किसी समांतर प्लेट संधारित्र (Parallel Plate Capacitor) की प्लेटों के बीच का पूरा स्थान परावैद्युत पदार्थ से भर दिया जाता है, तो उसकी धारिता बढ़ जाती है।
निर्वात में संधारित्र की धारिता:
![]()
परावैद्युत पदार्थ पूरी तरह भरने पर:
![]()
अतः,
![]()
जहाँ,
= निर्वात में धारिता
= परावैद्युत भरने के बाद धारिता
= प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल
= प्लेटों के बीच की दूरी
= परावैद्युत स्थिरांक
ध्यान दें: यदि संधारित्र बैटरी से अलग है, तो आवेश
नियत रहता है और धारिता बढ़ने पर विभवान्तर घटता है। यदि बैटरी जुड़ी हुई है, तो विभवान्तर नियत रहता है और संधारित्र अधिक आवेश धारण कर सकता है।
8. महत्त्वपूर्ण सूत्र (Important Formula Revision)
विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण (Electric Dipole Moment)
![]()
ध्रुवण (Polarisation)
![]()
ध्रुवण एवं विद्युत क्षेत्र का संबंध (Polarisation Relation)
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परावैद्युत स्थिरांक (Dielectric Constant)
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पूर्ण परावैद्युत से भरे समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता (Capacitance)
![]()
9. हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न (Solved Numericals)
उदाहरण 1: परावैद्युत स्थिरांक ज्ञात करना (Calculate Dielectric Constant)
प्रश्न: किसी पदार्थ को विद्युत क्षेत्र में रखने पर विद्युत क्षेत्र
से घटकर
हो जाता है। परावैद्युत स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
दिया गया (Given):
![]()
सूत्र (Formula):
![]()
हल (Solution):
![]()
![]()
उत्तर: पदार्थ का परावैद्युत स्थिरांक 4 है।
उदाहरण 2: परावैद्युत के कारण धारिता (Capacitance with Dielectric)
प्रश्न: एक संधारित्र की निर्वात में धारिता
है। यदि उसके बीच
का परावैद्युत पदार्थ पूरी तरह भर दिया जाए, तो नई धारिता ज्ञात कीजिए।
दिया गया:
![]()
सूत्र:
![]()
हल:
![]()
![]()
उत्तर: नई धारिता
होगी।
उदाहरण 3: विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण (Electric Dipole Moment)
प्रश्न:
के दो समान तथा विपरीत आवेशों के बीच दूरी
है। विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
![]()
हल:
![]()
![]()
उत्तर: विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण
होगा।
उदाहरण 4: ध्रुवण ज्ञात करना (Calculate Polarisation)
प्रश्न: किसी रैखिक परावैद्युत में विद्युत प्रवणता
तथा विद्युत क्षेत्र
है। ध्रुवण ज्ञात कीजिए।
लें।
सूत्र:
![]()
हल:
![]()
![]()
उत्तर: ध्रुवण का परिमाण
है।
10. बोर्ड परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions for MP Board Exam)
10.1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)
- परावैद्युत पदार्थ किसे कहते हैं?
- ध्रुवण (Polarisation) की परिभाषा लिखिए।
- विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण का SI मात्रक क्या है?
- परावैद्युत स्थिरांक की परिभाषा लिखिए।
- ध्रुवण सदिश का SI मात्रक क्या है?
- संधारित्र की धारिता पर परावैद्युत का क्या प्रभाव पड़ता है?
10.2 लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
- ध्रुवीय तथा अध्रुवीय अणुओं में अंतर लिखिए।
- परावैद्युत पदार्थ को बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखने पर क्या होता है?
- परावैद्युत स्थिरांक और विद्युतशीलता के बीच संबंध लिखिए।
- संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत रखने से धारिता क्यों बढ़ती है?
- विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण तथा ध्रुवण को समझाइए।
10.3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
- परावैद्युत तथा ध्रुवण की अवधारणा को चित्र सहित समझाइए।
- परावैद्युत पदार्थ के कारण संधारित्र की धारिता में होने वाले परिवर्तन का सूत्र लिखिए और उसके पदों का अर्थ बताइए।
- ध्रुवीय एवं अध्रुवीय अणुओं के व्यवहार की बाहरी विद्युत क्षेत्र में तुलना कीजिए।
10.4 संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Practice Questions)
- किसी पदार्थ में विद्युत क्षेत्र
से घटकर
हो जाता है। परावैद्युत स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
धारिता वाले संधारित्र में
का परावैद्युत पूरी तरह भरा जाता है। नई धारिता ज्ञात कीजिए।
के आवेशों के एक द्विध्रुव के बीच दूरी
है। द्विध्रुव आघूर्ण ज्ञात कीजिए।- किसी रैखिक परावैद्युत में
और
है। ध्रुवण ज्ञात कीजिए।
उत्तरमाला (Answer Key):
11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)
प्रश्न 1. परावैद्युत पदार्थ क्या है? (What is a Dielectric?)
उत्तर: ऐसा विद्युतरोधी पदार्थ जो बाहरी विद्युत क्षेत्र में ध्रुवित हो सकता है, परावैद्युत कहलाता है।
प्रश्न 2. ध्रुवण क्या है? (What is Polarisation?)
उत्तर: बाहरी विद्युत क्षेत्र के कारण किसी पदार्थ के अणुओं में द्विध्रुव आघूर्ण उत्पन्न होने या द्विध्रुवों के आंशिक रूप से व्यवस्थित होने की प्रक्रिया ध्रुवण कहलाती है।
प्रश्न 3. परावैद्युत स्थिरांक का सूत्र क्या है? (Formula of Dielectric Constant)
उत्तर:
, जहाँ
माध्यम की विद्युतशीलता तथा
निर्वात की विद्युतशीलता है।
प्रश्न 4. ध्रुवण का SI मात्रक क्या है? (SI Unit of Polarisation)
उत्तर: कूलॉम प्रति वर्ग मीटर
।
प्रश्न 5. परावैद्युत रखने से संधारित्र की धारिता क्यों बढ़ती है? (Why Does Capacitance Increase?)
उत्तर: परावैद्युत का ध्रुवण प्लेटों के बीच परिणामी विद्युत क्षेत्र तथा समान आवेश के लिए विभवान्तर को कम करता है। इसलिए
के अनुसार धारिता बढ़ती है, जब परावैद्युत प्लेटों के बीच का पूरा स्थान भरता है।
प्रश्न 6. ध्रुवीय और अध्रुवीय अणुओं में क्या अंतर है? (Difference Between Polar and Non-Polar Molecules)
उत्तर: ध्रुवीय अणुओं में स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण होता है, जबकि अध्रुवीय अणुओं में सामान्यतः स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण शून्य होता है।
प्रश्न 7. क्या परावैद्युत स्थिरांक का कोई मात्रक होता है? (Does Dielectric Constant Have a Unit?)
उत्तर: नहीं। यह दो समान प्रकार की विद्युतशीलताओं का अनुपात है, इसलिए विमाहीन राशि है।
12. परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए सुझाव (Exam Preparation Tips)
- परावैद्युत, ध्रुवण, विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण तथा परावैद्युत स्थिरांक की परिभाषाएँ स्पष्ट रूप से याद करें।
- ध्रुवीय और अध्रुवीय अणुओं के चित्रों का अभ्यास करें।
,
और
के सूत्रों में प्रयुक्त प्रतीकों को समझें।- संख्यात्मक प्रश्नों में माइक्रोकूलॉम तथा मिलीमीटर को SI मात्रकों में बदलना न भूलें।
- संधारित्र के प्रश्नों में स्पष्ट करें कि बैटरी जुड़ी है या अलग है, क्योंकि इससे आवेश और विभवान्तर की स्थिति बदल सकती है।
- उत्तर में सूत्र, दिए गए मान, गणना तथा अंतिम मात्रक क्रमबद्ध रूप से लिखें।
13. निष्कर्ष (Conclusion)
परावैद्युत तथा ध्रुवण (Dielectrics and Polarisation) स्थिरवैद्युतिकी का एक महत्त्वपूर्ण विषय है। इससे समझ आता है कि विद्युतरोधी पदार्थ बाहरी विद्युत क्षेत्र में किस प्रकार प्रतिक्रिया करते हैं और उनके ध्रुवण से संधारित्र की धारिता कैसे प्रभावित होती है।
MP Board कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को परावैद्युत की परिभाषा, ध्रुवीय एवं अध्रुवीय अणुओं का अंतर, परावैद्युत स्थिरांक के सूत्र तथा धारिता से संबंधित संख्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।
अधिक अध्ययन सामग्री के लिए MP Educator – MP Board Class 12 Physics Study Materials देखें।