MP Board Class 10 Bhartiya Sangeet Gaayan Vaadan Project List 2025-26 : कक्षा 10 विषय भारतीय संगीत गायन वादन प्रायोजना सूची

MP Board Class 10 Bhartiya Sangeet Gaayan Vaadan Project List 2025-26 : कक्षा 10 विषय भारतीय संगीत गायन वादन प्रायोजना सूची त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाओं के आधार पर छात्र के द्वारा किए जाने वाले MP Board Class 10 Bhartiya Sangeet Gaayan Vaadan Project List 2025-26 Exam के लिए निर्धारित किया गया है 

MP Board Class 10 Bhartiya Sangeet Gaayan Vaadan Project List 2025-26

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल
हाई स्कूल परीक्षा सत्र 2025-26
सुझावात्मक प्रायोगिक एवं प्रायोजना कार्य
कक्षा – 10वी विषय- भारतीय संगीत (गायन/वादन)

पूर्णांक 75 अंक

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  • राष्ट्र गीत: 05 अंक
  • 2 लोकगीत: 05 अंक
  • 2 भजन: 05 अंक
  • 2 देश भक्ति गीत: 05 अंक
  • अलंकारों का अभ्यास (दस अलंकार शुद्ध स्वरों में): 20 अंक
  • तालों का-ताली द्वारा प्रदर्शन (तीन ताल, कहरवा, दादरा, झपताल): 15 अंक
  • सैद्धांतिक में पढ़ाये गए रागों में से प्रत्येक राग का सरगम गीत एवं दुतख्याल- यमन, बिलावल, खमाज: 20 अंक
  • नोट: उपरोक्त अंक विभाजन केवल वार्षिक परीक्षा के लिये निर्धारित है।

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल
हाई स्कूल परीक्षा सत्र 2025-26
सुझावात्मक प्रायोगिक एवं प्रायोजना कार्य
कक्षा – 10वी विषय- भारतीय संगीत वादन (तबला अथवा पखाबज)

पूर्णांक – 75 अंक

  • बोलों की निकासी (स्थान): 20 अंक
  • तीन ताल में 3-3 कायदे पलटे सहित अभ्यास: 30 अंक
  • दादरा एवं कहरवा में भजन के साथ संगत: 25 अंक
  • नोट: शिक्षक द्वारा कक्षा में पाठ्यक्रम के अनुसार उपरोक्त के अतिरिक्त भी प्रोजेक्ट तैयार कराये जा सकते हैं।

भारतीय संगीत (गायन/वादन): भारतीय शास्त्रीय संगीत का व्यावहारिक और सैद्धांतिक मूल्यांकन

यह परियोजना भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रमुख पहलुओं को कवर करती है। इसका उद्देश्य छात्रों के गायन कौशल, लयबद्ध ज्ञान और रागों की गहरी समझ का मूल्यांकन करना है।

भाग 1: अलंकारों का अभ्यास (20 अंक)

इस भाग में आपको दस शुद्ध अलंकारों का अभ्यास और प्रदर्शन करना है। अलंकार, स्वरों के व्यवस्थित पैटर्न होते हैं जो गायन और वादन की तकनीक को सुधारने में मदद करते हैं।

आवश्यकताएँ:

  • आपको शुद्ध स्वरों में कम से कम दस अलग-अलग अलंकारों का सही लय और ताल के साथ अभ्यास करना होगा।
  • प्रत्येक अलंकार को स्पष्टता (clashity) के साथ गाया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक स्वर स्पष्ट रूप से सुनाई दे।
  • अभ्यास के दौरान, स्वरों की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मूल्यांकन मानदंड:

  • अलंकारों की शुद्धता और स्पष्टता।
  • लय और ताल के प्रति जागरूकता।
  • प्रदर्शन में सहजता और आत्मविश्वास।

भाग 2: तालों का-ताली द्वारा प्रदर्शन (15 अंक)

इस भाग में, आपको चार प्रमुख तालों को ‘ताली’ (हाथ की तालियां) और ‘खाली’ (हाथ को हिलाने) की क्रियाओं के साथ प्रदर्शित करना होगा। यह आपकी लयबद्ध समझ और तालों की संरचना की जानकारी को दर्शाता है।

आवश्यकताएँ:

  • आपको निम्नलिखित तालों का प्रदर्शन करना होगा:
    • तीन ताल (16 मात्रा)
    • कहरवा (8 मात्रा)
    • दादरा (6 मात्रा)
    • झपताल (10 मात्रा)
  • प्रत्येक ताल के लिए सही ताली और खाली की क्रियाओं का उपयोग करें।

मूल्यांकन मानदंड:

  • मात्राओं और खंडों (vibhags) की सही गणना।
  • ताल के ठेके का सही प्रदर्शन।
  • ताली और खाली का सही स्थान और क्रिया।

भाग 3: सैद्धांतिक रूप से सीखे गए रागों का गायन (20 अंक)

इस भाग में, आपको पाठ्यक्रम में पढ़ाए गए तीन प्रमुख रागों, यमन, बिलावल और खमाज, का गायन प्रस्तुत करना है। यह आपकी सैद्धांतिक और व्यावहारिक समझ का एक संयोजन है।

आवश्यकताएँ:

  • यमन, बिलावल और खमाज में से प्रत्येक राग के लिए:
    • सरगम गीत: राग के आरोह-अवरोह और पकड़ पर आधारित एक संक्षिप्त गीत प्रस्तुत करें।
    • दुतख्याल: एक दुतख्याल (तेज़ गति का ख़याल) का गायन करें, जिसमें छोटे-छोटे तान और विस्तार शामिल हों।
  • प्रत्येक राग को उसके निर्धारित स्वरों और चलन के अनुसार गाया जाना चाहिए।

मूल्यांकन मानदंड:

  • राग के सही स्वरूप (swaroop) और चाल (chaal) का पालन।
  • गायन में भाव और रंजकता।
  • सरगम गीत और दुतख्याल का सही प्रदर्शन।

कुल अंक: 55

यह परियोजना आपके संगीत कौशल को व्यापक रूप से परखने के लिए डिज़ाइन की गई है।


संगीत परियोजना: भारतीय संगीत वादन (तबला/पखावज)

कक्षा: १०वीं विषय: भारतीय संगीत वादन (तबला अथवा पखावज) पूर्णांक: ७५ अंक

यह परियोजना छात्रों के तबला या पखावज वादन कौशल का मूल्यांकन करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें बोलों की निकासी, कायदे का अभ्यास और संगत का प्रदर्शन शामिल है।

भाग 1: बोलों की निकासी (स्थान) (२० अंक)

इस भाग में, छात्रों को तबला या पखावज के प्रमुख बोलों को सही ढंग से प्रस्तुत करना होगा। बोलों को बजाने का सही स्थान (Position) और तकनीक (technique) महत्वपूर्ण है।

मूल्यांकन मानदंड:

  • बोलों की स्पष्टता और सही उच्चारण।
  • वाद्य यंत्र पर बोलों को बजाने का सही स्थान।
  • स्वच्छ और संतुलित ध्वनि का उत्पादन।

भाग 2: तीन ताल में कायदे का अभ्यास (३० अंक)

इस भाग में, आपको तीन ताल में कम से कम तीन कायदे (kaidas) उनके पलटे (palte) के साथ प्रस्तुत करने होंगे। कायदे तबला/पखावज के वादन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें व्यवस्थित रूप से बजाया जाता है।

आवश्यकताएँ:

  • तीन ताल (१६ मात्रा) में तीन अलग-अलग कायदों का चयन करें।
  • प्रत्येक कायदे को उनके पलटे के साथ सही लय और ताल में बजाएं।
  • अभ्यास के दौरान, हाथ की गति और उंगलियों के सही उपयोग पर ध्यान दें।

मूल्यांकन मानदंड:

  • कायदों का सही और स्पष्ट प्रदर्शन।
  • पलटे में विविधता और रचनात्मकता।
  • लय और ताल पर नियंत्रण।

भाग 3: दादरा एवं कहरवा में भजन के साथ संगत (२५ अंक)

इस भाग में, आपको दादरा और कहरवा ताल में किसी भजन या गीत के साथ संगत (accompaniment) का प्रदर्शन करना है। संगत की कला गायक या मुख्य वादक के साथ सामंजस्य स्थापित करने पर आधारित होती है।

आवश्यकताएँ:

  • किसी भी भजन या गीत का चयन करें जो दादरा या कहरवा ताल में हो।
  • गीत के साथ सही ताल में तबला या पखावज की संगत करें।
  • ताल के ठेके को बरकरार रखते हुए, छोटे-छोटे टुकड़े (tihais) या मुखड़े (mukhde) भी जोड़ सकते हैं।

मूल्यांकन मानदंड:

  • संगत में सटीकता और सामंजस्य।
  • लयबद्धता और ताल के प्रति जागरूकता।
  • प्रदर्शन में सहजता और संगीत का भाव।

नोट: शिक्षक द्वारा कक्षा में पाठ्यक्रम के अनुसार उपरोक्त के अतिरिक्त भी प्रोजेक्ट तैयार कराये जा सकते हैं।

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