MP Board 9th Mathematics Coordinate Geometry
“निर्देशांक ज्यामिति” (Coordinate Geometry) के परिचय पर अत्यंत सरल और परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए गए हैं। इसे छात्रों के लिए बहुत ही आसान भाषा में तैयार किया गया है, जिसमें महत्त्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर भी शामिल हैं।
कक्षा 9 गणित: निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) – विस्तृत नोट्स और प्रश्न-उत्तर
गणित में किसी बिंदु (Point) की सही स्थिति (Exact Location) का पता लगाने के लिए जिस पद्धति का उपयोग किया जाता है, उसे निर्देशांक ज्यामिति कहते हैं। इसका विकास एक महान फ्रांसीसी गणितज्ञ रेने देकार्त (René Descartes) ने किया था।
आइए इसके सभी बुनियादी और महत्त्वपूर्ण कॉन्सेप्ट्स को आसान भाषा में समझते हैं:
1. कार्तीय पद्धति (Cartesian System)
किसी समतल (Plane) पर एक बिंदु का स्थान निर्धारित करने के लिए हम दो परस्पर लंबवत (perpendicular) रेखाओं का उपयोग करते हैं:
- क्षैतिज रेखा (Horizontal Line): जो रेखा ‘लेटी’ हुई होती है, उसे X-अक्ष (X-axis) कहते हैं।
- ऊर्ध्वाधर रेखा (Vertical Line): जो रेखा ‘खड़ी’ होती है, उसे Y-अक्ष (Y-axis) कहते हैं।
2. मूल बिंदु (Origin)
वह बिंदु जहाँ X-अक्ष और Y-अक्ष एक-दूसरे को काटते हैं (प्रतिच्छेद करते हैं), उसे मूल बिंदु (Origin) कहते हैं। इसे सामान्यतः अंग्रेजी अक्षर ‘O’ से दर्शाया जाता है।
3. निर्देशांक (Coordinates) क्या होते हैं?
समतल पर किसी भी बिंदु की स्थिति को संख्याओं के एक जोड़े
द्वारा दर्शाया जाता है, जिसे उस बिंदु के निर्देशांक कहते हैं।
- भुज (Abscissa): किसी बिंदु की Y-अक्ष से दूरी को उसका x-निर्देशांक या भुज कहते हैं।
- कोटि (Ordinate): किसी बिंदु की X-अक्ष से दूरी को उसका y-निर्देशांक या कोटि कहते हैं।
- नोट: निर्देशांक को हमेशा कोष्ठक में पहले भुज और फिर कोटि लिखकर
के रूप में दर्शाया जाता है।
4. चतुर्थांश (Quadrants) और उनके चिह्न
X-अक्ष और Y-अक्ष पूरे समतल को चार बराबर भागों में बाँटते हैं। इन चारों भागों को चतुर्थांश (Quadrants) कहते हैं। (इन्हें एंटी-क्लॉकवाइज यानी घड़ी की विपरीत दिशा में गिना जाता है)।
- प्रथम चतुर्थांश (I Quadrant): यहाँ x और y दोनों धनात्मक (Positive) होते हैं।

- द्वितीय चतुर्थांश (II Quadrant): यहाँ x ऋणात्मक (Negative) और y धनात्मक (Positive) होता है।

- तृतीय चतुर्थांश (III Quadrant): यहाँ x और y दोनों ऋणात्मक (Negative) होते हैं।

- चतुर्थ चतुर्थांश (IV Quadrant): यहाँ x धनात्मक (Positive) और y ऋणात्मक (Negative) होता है।

5. अक्षों पर स्थित बिंदु (Points on Axes)
- यदि कोई बिंदु X-अक्ष पर स्थित है, तो उसका y-निर्देशांक हमेशा शून्य (0) होगा। इसका रूप
होता है। - यदि कोई बिंदु Y-अक्ष पर स्थित है, तो उसका x-निर्देशांक हमेशा शून्य (0) होगा। इसका रूप
होता है। - मूल बिंदु के निर्देशांक हमेशा
होते हैं।
परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (Important Q&A)
प्रश्न 1: मूल बिंदु (Origin) के निर्देशांक क्या होते हैं?
उत्तर: मूल बिंदु के निर्देशांक
होते हैं, क्योंकि यहाँ x और y दोनों का मान शून्य होता है।
प्रश्न 2: किसी बिंदु के निर्देशांक
हैं। इस बिंदु में भुज (Abscissa) और कोटि (Ordinate) का मान बताइए।
उत्तर: * भुज (x-निर्देशांक) = ![]()
- कोटि (y-निर्देशांक) =

प्रश्न 3: बताइए कि निम्नलिखित बिंदु किस चतुर्थांश (Quadrant) में स्थित हैं?
(i) ![]()
(ii) ![]()
(iii) ![]()
(iv) ![]()
उत्तर:
(i)
: दोनों धनात्मक
हैं, अतः यह प्रथम चतुर्थांश (I) में है।
(ii)
: पहला ऋणात्मक, दूसरा धनात्मक
है, अतः यह द्वितीय चतुर्थांश (II) में है।
(iii)
: दोनों ऋणात्मक
हैं, अतः यह तृतीय चतुर्थांश (III) में है।
(iv)
: पहला धनात्मक, दूसरा ऋणात्मक
है, अतः यह चतुर्थ चतुर्थांश (IV) में है।
प्रश्न 4: वह बिंदु कहाँ स्थित होगा जिसका भुज 5 है और कोटि 0 है?
उत्तर: चूँकि इस बिंदु की कोटि (y-निर्देशांक) 0 है, इसलिए यह बिंदु
X-अक्ष (X-axis) पर स्थित होगा।
प्रश्न 5: वह बिंदु कहाँ स्थित होगा जिसका भुज 0 है और कोटि -4 है?
उत्तर: चूँकि इस बिंदु का भुज (x-निर्देशांक) 0 है, इसलिए यह बिंदु
Y-अक्ष (Y-axis) पर स्थित होगा।
प्रश्न 6: क्षैतिज रेखा और ऊर्ध्वाधर रेखा को क्या नाम दिया गया है?
उत्तर: * क्षैतिज रेखा (Horizontal Line) को X-अक्ष कहते हैं।
- ऊर्ध्वाधर रेखा (Vertical Line) को Y-अक्ष कहते हैं।
प्रश्न 7: किसी बिंदु
की Y-अक्ष से दूरी कितनी होगी?
उत्तर: किसी बिंदु की Y-अक्ष से दूरी उस बिंदु का x-निर्देशांक (भुज) होती है। अतः बिंदु
की Y-अक्ष से दूरी 5 मात्रक (Units) होगी।
प्रश्न 8: एक बिंदु X-अक्ष पर मूल बिंदु से बायीं (Left) ओर 3 मात्रक की दूरी पर स्थित है। उस बिंदु के निर्देशांक क्या होंगे?
उत्तर: चूँकि बिंदु X-अक्ष पर है, इसलिए y-निर्देशांक 0 होगा। यह मूल बिंदु के बायीं ओर (ऋणात्मक दिशा में) 3 मात्रक दूर है, इसलिए x-निर्देशांक
होगा। अतः उस बिंदु के निर्देशांक
होंगे।
(छात्रों के लिए टिप: निर्देशांक ज्यामिति में ग्राफ पेपर का उपयोग करके बिंदुओं को दर्शाने (Plotting) का अभ्यास ज़रूर करें। इससे आपके कॉन्सेप्ट्स और भी स्पष्ट हो जाएँगे!)