MP Board 12th physics Quarterly Exam 2025-26 Question Bank :MP Board 12th physics Quarterly Exam 2025-26 Question Bank, मध्य प्रदेश बोर्ड के कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है। यह प्रश्न बैंक विशेष रूप से त्रैमासिक परीक्षा 2025-26 के पाठ्यक्रम और पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को भौतिकी के महत्वपूर्ण अध्यायों और अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद करना है।
इस MP Board 12th physics Quarterly Exam 2025-26 Question Bank में विभिन्न प्रकार के प्रश्न शामिल हैं, जैसे बहुविकल्पीय प्रश्न, रिक्त स्थान, सत्य/असत्य, और एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न। इसके अलावा इसमें 2, 3, और 4 अंकों वाले विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न भी दिए गए हैं, जो परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं। इस mP Board 12th physics Quarterly Exam 2025-26 Question Bank का नियमित अभ्यास करने से छात्र अपनी तैयारी का मूल्यांकन कर सकते हैं, अपनी कमजोरियों की पहचान कर सकते हैं और परीक्षा के लिए आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं। यह परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने का एक प्रभावी तरीका है।

अध्याय 1 विद्युत आवेश तथा क्षेत्र
बहुविकल्पीय प्रश्न
1. तीव्रता वाले विद्युत क्षेत्र में आवेश
रखने पर उस पर लगने वाला बल होगा –
(a)
(b)
(c)
(d)
2.किसी बिंदु आवेश से दूरी पर विद्युत क्षेत्र अनुक्रमानुपाती होता है –
(a)
(b)
(c)
(d)
3. एक खोखले गोले के अंदर एक विद्युत द्विध्रुव (द्विध्रुव आघूर्ण ) रखा है। गोले से संबद्ध विद्युत फ्लक्स होगा –
(a)
(b)
(c) Zero
(d)
4. कूलॉम आवेश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होती है –
(a)
(b)
(c)
(d)
5.मुक्त आकाश के परावैद्युतांक (विद्युतशीलता) का विमीय सूत्र है –
(a)
(b)
(c)
(d)
6.किसी विद्युत द्विध्रुव के केंद्र से दूरी पर विद्युत क्षेत्र अनुक्रमानुपाती होता है –
(a)
(b)
(c)
(d)
7.एक घन जिसकी प्रत्येक भुजा है, के केंद्र से ठीक ऊपर
दूरी पर एक बिंदु आवेश
रखा है। घन से संबद्ध विद्युत फ्लक्स होगा –
(a)
(b)
(c)
(d)
8.विद्युत क्षेत्र का मात्रक है –
(a)
(b)
(c)
(d)
9.धनावेशित कांच की छड़ को अनावेशित चालक से स्पर्श कराया जाता है। छड़ का आवेश –
(a) घटेगा
(b) बढ़ेगा
(c) अपरिवर्तित रहेगा
(d) ऋणात्मक हो जायेगा
10.-अक्ष में निर्दिष्ट एकसमान विद्युत क्षेत्र
में
क्षेत्रफल का पृष्ठ उपस्थित है। पृष्ठ से संबद्ध विद्युत फ्लक्स होगा
(a)
(b)
(c) शून्य
(d) अनंत
11.वायु में एक एकांक धनावेश से निकलने वाला कुल विद्युत फ्लक्स होता है –
(a)
(b)
(c)
(d)
रिक्त स्थान –
(i) विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता का S.I. मात्रक ………………. है।
(ii) दो बिंदु आवेश +q तथा −q x दूरी पर स्थित हैं, उनका द्विध्रुव आघूर्ण ……………….. होगा।
(iii) गॉस के प्रमेय के अनुसार किसी भी बंद पृष्ठ से संबद्ध कुल विद्युत् फ्लक्स उसके भीतर उपस्थित आवेशों के बीजीय योग का ………………… गुना होता है।
(iv) आवेशित खोखले गोले के ………………….. स्थित बिंदु पर विद्युत् क्षेत्र शून्य होता है ?
(v) मूल आवेश का मान ………………… कूलॉम होता है।
(vi) किसी विद्युत द्विध्रुव पर नेट आवेश ……………….. होता है।
(vii) किसी विलगीत निकाय का आवेश सदैव ……………….. रहता है।
निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए –
(i) किसी चालक के अन्दर विद्युत् क्षेत्र शून्य होता है।
(ii) स्थिर विद्युत् क्षेत्र रेखाएं सदैव बंद वक्र बनाती हैं।
(iii) एकल आवेश का अस्तित्व नहीं होता है।
(iv) विद्युत् द्विध्रुव आघूर्ण सदिश राशि है।
(v) सजातीय आवेशों में आकर्षण होता है।
(vi) विद्युत् द्विध्रुव के दोनों आवेश एक दुसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
(vii) किसी विद्युत् क्षेत्र के किसी बिंदु पर स्थित इलेक्ट्रोन जितने बल का अनुभव करता है उसे उस बिंदु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं।
(viii) विद्युत् फ्लक्स अदिश राशि है।
(ix) विद्युत् क्षेत्र रेखाएं ऋणआवेश से प्रारंभ होती हैं।
प्रत्येक कथन का एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए:
(i) एक माइक्रो कूलॉम आवेश का ऋण आवेश बनाने में कितने इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होगी?
(ii) निश्चित दूरी पर दो आवेशित कणों के बीच विद्युत् बल F न्यूटन है, यदि कणों के बीच की दूरी आधी कर दी जाये तो उनके बीच विद्युत् बल कितना हो जायेगा?
(iii) एक इलेक्ट्रोन और एक प्रोटोन के बीच लगने वाले स्थिर विद्युत् बल तथा गुरुत्वाकर्षण बल में कौन सा बल प्रबल है ?
(iv) एक विद्युत द्विध्रुव में कुल कितना आवेश होता है ?
(v) विद्युत् द्विध्रुव आघूर्ण की दिशा क्या होती है?
(vi) एक बंद पृष्ठ के अन्दर एक विद्युत द्विध्रुव स्थित है , उससे गुजरने वाले सम्पूर्ण विद्युत् फ्लक्स का मान कितना होगा?
2 अंक वाले प्रश्न –
(i) स्थिर विद्युत के अंतर्गत कूलॉम का नियम लिखिए।
(ii) विद्युत क्षेत्र रेखाओं के दो महत्वपूर्ण गुण लिखिए।
(iii) आवेशों का क्वांटीकरण किसे कहते हैं?
(iv) विद्युत फ्लक्स को परिभाषित कीजिए एवं इसका SI मात्रक लिखिए।
(v) विद्युत फ्लक्स अंतर्गत गॉस का प्रमेय लिखिए।
3 अंक वाले प्रश्न –
(i) एक कूलॉम आवेश को परिभाषित कीजिए। परिभाषा के लिए आवेशों के मध्य आपने जितने बल की कल्पना की है, उसे भार बल में रूपांतरित करके लिखिए कि यह कितने द्रव्यमान के पृथ्वी पर भार के तुल्य है? (g=10ms−2)
(ii) Y-अक्ष पर स्थित किसी अनंत एकसमान रेखीय आवेश निकाय की विद्युत् क्षेत्र रेखाओं पर विचार कीजिए। xy तल में स्थित विद्युत् क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न कैसा होगा? xz तल में स्थित विद्युत् क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न कैसा होगा? अनंत रेखीय आवेश निकाय के कारण विद्युत् क्षेत्र के सूत्र तथा विद्युत् क्षेत्र रेखाओं के पैटर्न में क्या कोई संगति है? यदि हाँ, तो क्या है?
(iii) किसी अनंत समतल आवेश निकाय की विद्युत् क्षेत्र रेखाओं पर विचार कीजिए। विद्युत् क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न कैसा होगा? अनंत समतल आवेश निकाय के कारण विद्युत् क्षेत्र के सूत्र तथा विद्युत् क्षेत्र रेखाओं के पैटर्न में क्या कोई संगति है? यदि हाँ, तो क्या है?
(iv) विद्युत फ्लक्स किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए। क्योंकि विद्युत क्षेत्र रेखाएं काल्पनिक होंगी तथा हम किसी भी क्षेत्र में कितनी भी क्षेत्र रेखाएं खींच सकते हैं, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विद्युत फ्लक्स को आप किस प्रकार परिभाषित करेंगे?
4 अंक वाले प्रश्न –
(i) किसी विद्युत द्विध्रुव के कारण अक्षीय स्थिति में किसी बिंदु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त कीजिए?
(ii) गॉस का नियम लिखते हुए सिद्ध कीजिए की किसी भी आकृति के किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला सम्पूर्ण विद्युत फ्लक्स , उस बंद पृष्ठ के अन्दर उपस्थित कुल आवेश का 1/ϵ0 गुना होता है?
(iii) किसी आवेशित चालक गोलीय खोल के कारण गोले के बाहर स्थित किसी बिंदु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए।
(iv) गॉस का प्रमेय लिखते हुए इसकी सहायता से कूलॉम के नियम निगमित कीजिए।
(v) यदि किसी विद्युत द्विध्रुव को एकसमान विद्युत क्षेत्र में θ कोण से घुमाया जाता है तो इसमें किये गए कार्य के लिए सूत्र निगमित कीजिए।
अध्याय -2 स्थिर विद्युत् विभव तथा धारिता
बहुविकल्पीय प्रश्न –
(i) दो संधारित्रों को समांतर क्रम में जोड़ने पर प्रत्येक पर समान होगा –
(A) आवेश
(B) विभव
(C) आवेश एवं विभव दोनों
(D) न आवेश न विभव
(ii) दो संधारित्रों को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर प्रत्येक पर समान होगा –
(A) आवेश
(B) विभव
(C) आवेश एवं विभव दोनों
(D) न आवेश न विभव
(iii) एक समांतर प्लेट संधारित्र को आवेशित करने के बाद उनकी प्लेटों के बीच की दुरी बढ़ा दी जाती है तो प्लेटों के बीच विभवान्तर –
(A) बढ़ जायेगा
(B) घट जायेगा
(C) अपरिवर्तित रहेगा
(D) शून्य हो जायेगा
(v) नगण्य मोटाई की एक एलुमिनियम की प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच रख दी जाती है तो संधारित्र की धारिता –
(A) घटेगी
(B) अपरिवर्तित रहेगी
(C) अनंत हो जाएगी
(D) बढ़ेगी
(vi) यदि एक धनावेशित चालक को तार द्वारा पृथ्वी से जोड़ दिया जाता है तो –
(A) चालक से प्रोटोन पृथ्वी में जाते है
(B) चालक से इलेक्ट्रान पृथ्वी में जाते है
(C) पृथ्वी से इलेक्ट्रान चालक में आते है
(D) पृथ्वी से प्रोटोन चालक में आते है
(vii) 10 माइक्रो कूलॉम आवेश देने से किसी चालक के विभव में 2 वोल्ट की वृद्धि होती है, तो चालक की धारिता होगी –
(A) 5 माइक्रो फैरड
(B) 10 माइक्रो फैरड
(C) 5 फैरड
(D) 20 फैरड।
(iv) द्विध्रुव की निरक्षीय स्थिति में –
(A) विद्युत् क्षेत्र तथा विभव दोनों शून्य होते है।
(B) विद्युत् क्षेत्र शून्य होता है लेकिन विभव शून्य नहीं होता
(C) विद्युत् क्षेत्र शून्य नहीं होता विभव शून्य होता है।
(D) न विद्युत् क्षेत्र शून्य होता है और न विभव शून्य होता है
रिक्त स्थान –
(i) विद्युत विभव एक ……………….. राशि है।
(ii) बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव दूरी के ……………….. होता है।
(iii) विद्युत धारिता का SI मात्रक ……………….. है।
(iv) आवेशित संधारित्र की ऊर्जा दोनों प्लेटों के बीच के माध्यम में ……………….. के रूप में संचित रहती है।
(v) विद्युत क्षेत्र के अनुदिश गति करने पर विद्युत विभव ……………….. है।
(vi) किसी संधारित्र पर नेट आवेश ……………….. होता है।
(vii) समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच की दुरी बढाने पर उसकी धारिता ……………….. जाती है।
(viii) किसी आवेश को विद्युत क्षेत्र के लंबवत ले जाने में किया गया कार्य ……………….. होता है।
(ix) 1 फैराड = ……………….. स्थैत फैराड।
निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए –
(i) जब किसी परावैद्युत को किसी बाह्य विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है तो उसके अन्दर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता बढ़ जाती है।
(ii) दो समविभव पृष्ठ एक दुसरे को प्रतिच्छेद नहीं करते है।
(iii) समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के मध्य परावैद्युत पदार्थ का उपयोग करने से इसकी धारिता बढ़ जाती है।
(iv) विद्युत द्विध्रुव के कारण विभव दूरी के घन के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
(v) आवेशित खोखले गोले के अन्दर विभव शून्य होता है।
(vi) स्थिर विद्युत् बल एक संरक्षी बल है।
प्रत्येक कथन का एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए:
(i) एक विद्युत द्विध्रुव के कारण किन बिन्दुओं पर विद्युत विभव का मान अधिकतम होता है?
(ii) आवेशित खोखले गोले के अन्दर विभव कितना होता है?
(iii) एक विद्युत द्विध्रुव के कारण किन बिन्दुओं पर विद्युत विभव का मान शून्य होता है?
2 अंक वाले प्रश्न –
(i) किसी चालक की विद्युत धारिता की परिभाषा एवं मात्रक लिखिए।
(ii) समविभव पृष्ठ किसे कहते है?
(iii) दो समविभव पृष्ठ एक दुसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करते है?
(iv) विद्युत विभव की परिभाषा एवं मात्रक लिखिए।
(v) परावैद्युत ध्रुवण किसे कहते है?
3 अंक वाले प्रश्न –
(i) विद्युत क्षेत्र किसे कहते है? एक समान विद्युत क्षेत्र में रखें किसी चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र शून्य क्यों होता है?
(ii) स्थिर विद्युत् परिरक्षण किसे कहते है ? इसका क्या उपयोग है?
(iii) एक चिड़िया एक उच्च शक्ति के खुले बिजली के तार पर बैठी है और उसको कुछ नहीं होता है, परन्तु धरती पर खड़ा व्यक्ति इस तार को छू ले तो उसे भीषण झटका लगता है, क्यों?
(iv) सूखे बालों में कंघा घुमाने के बाद वह कागज के टुकड़ों को आकर्षित कर लेता है, क्यों? यदि बाल भीगे हो या वर्षा का दिन हो तो क्या होता है?
(v) परावैद्युत पदार्थ किसे कहते है? किसी बाह्य विद्युत् क्षेत्र में किसी चालक तथा परावैद्युत के व्यवहार में क्या अंतर होता है?
(vi) विद्युत् धारिता किसे कहते है? ऐसे संधारित्र की संरचना के आयाम लिखिए जिसकी धारिता एक फैरड हो।
4 अंक वाले प्रश्न –
(i) किसी बिंदु आवेश के कारण किसी बिंदु पर विद्युत विभव के लिए सूत्र का स्थापित कीजिए।
(ii) अक्षीय स्थिति में किसी विद्युत द्विध्रुव के लिए परिणामी विभव का मान ज्ञात कीजिए।
(iii) किसी विद्युत द्विध्रुव के पास स्थित किसी भी बिंदु पर परिणामी विभव के लिए सूत्र स्थापित कीजिए।
(iv) समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता के लिए सूत्र स्थापित कीजिए। समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता का मान किन किन कारकों पर निर्भर करता है ?
(v) संधारित्रों के समांतर क्रम संयोजन को परिभाषित करते हुए समांतर क्रम संयोजन में परिणामी धारिता का मान ज्ञात कीजिए।
(vi) संधारित्रों के श्रेणीक्रम संयोजन से आप क्या समझते है? श्रेणीक्रम संयोजन में परिणामी धारिता के लिए व्यंजक ज्ञात कीजिए।
अध्याय 3 – विद्युत् धारा
बहुविकल्पीय प्रश्न –
(i) एक तार की प्रतिरोधकता निर्भर करती है:
(A) लंबाई पर
(B) व्यास पर
(C) द्रव्यमान पर
(D) पदार्थ पर
(ii) प्रतिरोधकता का मात्रक है
(A) ओम
(B) 1/ओम
(C) ओम मीटर
(D) 1/(ओम मीटर)
(iii) एक तार को खींचकर उसकी लंबाई दोगुनी करने पर उसका प्रतिरोध हो जाएगा:
(A) आधा
(B) दोगुना
(C) एक चौथाई
(D) चार गुना
(iv) निम्नलिखित में से किस पदार्थ का प्रतिरोध ताप बढ़ाने पर घटता है:
(A) अर्धचालक
(B) धातु
(C) विद्युत् अपघट्य
(D) मिश्र धातु
(v) एम्पियर मात्रक है:
(A) विद्युत् धारा का
(B) विद्युत् आवेश का
(C) विभवांतर का
(D) प्रतिरोध का
(vi) किसी चालक में विद्युत् प्रवाह है
(A) धनावेशों का प्रवाह
(B) मुक्त इलेक्ट्रानों का प्रवाह
(C) अणुओं का प्रवाह
(D) इनमें से कोई नहीं
(vii) किसी परिपथ में 12 वोल्ट की बैटरी 6 ओम बाह्य प्रतिरोध के साथ जुडी है। परिपथ में धारा का मान कितना होगा?
(A) 1 A
(B) 2 A
(C) 6 A
(D) 10 A
(viii) विद्युत् सेल स्रोत है –
(A) इलेक्ट्रान का
(B) विद्युत् ऊर्जा का
(C) विद्युत् आवेश का
(D) विद्युत् धारा का
(ix) निम्नलिखित में से कौन सा संबंध सही नहीं है-
(A) प्रतिरोध – ओम
(B) आवेश – कूलॉम
(C) विद्युत् धारा – एम्पियर
(D) चालकता – वोल्ट
रिक्त स्थान –
(i) किरचाफ का प्रथम नियम ………………….. के सिद्धांत पर आधारित है।
(ii) किरचाफ का द्वितीय नियम ………………….. के सिद्धांत पर आधारित है।
(iii) विद्युत् धारा …………………… राशि है। (अदिश/सदिश)
(iv) विद्युत् धारा घनत्व …………………… राशि है। (अदिश/सदिश)
(v) अनुगमन वेग का मान लगभग …………………… मीसे होता है।
(vi) ताप बढ़ने पर अर्धचालकों का प्रतिरोध …………………… जाता है।
(vii) सेल के खुले परिपथ में उसके इलेक्ट्रोडों के अधिकतम विभवान्तर को …………………… कहते हैं।
प्रत्येक कथन का एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए:
(i) व्हीटस्टोन सेतु कब सबसे अधिक सुग्राही होता है?
(ii) इलेक्ट्रॉनों के अपवाह वेग पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है?
(iii) किसी चालक का ताप बढ़ने पर उसमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों के श्रांतिकाल पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(iv) ताप बढ़ाने पर किसी विद्युत् अपघट्य की विद्युत् चालकता किस प्रकार प्रभावित होती है?
(v) तांबे के तार की त्रिज्या आधी करने पर उसकी प्रतिरोधकता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(vi) अपवाह वेग और विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता में सम्बन्ध लिखिए।
2 अंक वाले प्रश्न –
(i) सेल का आन्तरिक प्रतिरोध किसे कहते है ?
(ii) ओम का नियम लिखिए।
(iii) व्हीटस्टोन सेतु कब संतुलित कहलाता है?
(iv) प्रतिरोध ताप गुणांक किसे कहते है ? इसका मात्रक लिखिए।
(v) 2 ओम, 4 ओम और 5 ओम के तीन प्रतिरोधक पार्श्वक्रम में संयोजित हैं। संयोजन का कुल प्रतिरोध कितना होगा?
(vi) 1 ओम, 2 ओम, 3 ओम के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करें कि तुल्य प्रतिरोध 11/5 ओम हो।
(vii) किसी कार की संचायक बैटरी का विद्युत् वाहक बल 12 वोल्ट है। यदि बैटरी का आंतरिक प्रतिरोध 0.4 ओम हो तो बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा का मान कितना होगा।
(viii) किरचॉफ का लूप सम्बन्धी नियम लिखिए।
(ix) किसी चालक का प्रतिरोध किन किन कारकों पर निर्भर करता है।
3 अंक वाले प्रश्न –
(i) इलेक्ट्रॉनों का अपवाह वेग किसे कहते है? क्या चालक के समस्त मुक्त इलेक्ट्रॉनों का वेग अपवाह वेग की दिशा में होता है? अपने उत्तर का कारण भी स्पष्ट कीजिए।
(ii) किसी सेल का विद्युत् वाहक बल क्या है? जब सेल परिपथ में जुड़ा नहीं होता है, तब भी विद्युत् वाहक बल का अस्तित्व होता है या नहीं? यदि हां तो जब सेल विद्युत् परिपथ में नहीं जुड़ा है तब आप विद्युत् वाहक बल को कैसे परिभाषित करेंगे?
(iii) किसी चालक की प्रतिरोधकता किसे कहते है? यह किन-किन कारकों पर निर्भर करती है? दो पदार्थ A एवं B में A के प्रति एकांक इलेक्ट्रॉनों की संख्या B की तुलना में दो गुनी है, इनकी प्रतिरोधकता में क्या संबंध होगा?
(iv) (a) ओम का नियम लिखिए। (b) किसी चालक का प्रतिरोध किन-किन कारकों पर निर्भर करता है? केवल नाम लिखिए (c) प्रश्न के भाग a में ओम के नियम के अंतर्गत आपने प्रतिरोध को नियत लिया है, परन्तु प्रश्न के भाग b में आप लिखते हैं कि प्रतिरोध किन-किन कारकों पर निर्भर करता है। इस विरोधाभास को स्पष्ट कीजिए।
4 अंक वाले प्रश्न –
(i) अपवाह वेग (अनुगमन वेग) और धारा घनत्व में सम्बन्ध स्थापित कीजिये।
(ii) मुक्त इलेक्ट्रॉनों के अपवाह वेग के लिए व्यंजक उत्पन्न कीजिए।
(iii) किसी धातु चालक में इलेक्ट्रॉनों का अपवाह वेग ताप में वृद्धि के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है, व्याख्या कीजिए।
(iv) किसी चालक में धारा प्रवाहित करने में व्यय विद्युत् ऊर्जा तथा विद्युत् शक्ति के लिए व्यंजक निगमित कीजिए।
(v) व्हीटस्टोन सेतु का सिद्धांत समझाइए एवं किरचॉफ के नियमों का उपयोग करते हुए इसके संतुलन की शर्त ज्ञात कीजिए।
अध्याय – 4 गतिमान आवेश तथा चुम्बकत्व
बहुविकल्पीय प्रश्न –
(i) किसी गतिमान आवेश पर चुम्बकीय क्षेत्र में अधिकतम बल लगता है जब:
A. आवेश का वेग, चुम्बकीय क्षेत्र के समांतर हो
B. आवेश का वेग, चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत हो
C. आवेश का वेग, चुम्बकीय क्षेत्र से 45° कोण पर हो
D. आवेश स्थिर हो
(ii) एक प्रोटॉन और एक अल्फा कण, समान वेग से लम्बवत दिशा में एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। इनके वृत्तीय पथों की त्रिज्या का अनुपात होगा:
A. 1:1
B. 1:2
C. 1:4
D. 2:1
(iii) लम्बी सीधी धारा-वाहक सोलेनॉइड के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र.
A. असमान और अक्ष के समांतर होता है
B. समान और अक्ष के समांतर होता है
C. समान और अक्ष के लम्बवत होता है
D. शून्य होता है
(iv) समान दिशा में धारा प्रवाहित करने वाले दो समांतर चालक.
A. एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगे
B. एक-दूसरे को आकर्षित करेंगे
C. एक-दूसरे पर कोई बल नहीं लगाएंगे
D. उदासीन हो जाएंगे
(v) किसी बिंदु पर सीधे धारा-वाहक चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात की जाती है.
A. फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम से
B. फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम से
C. दाएं हाथ के अंगूठा नियम से
D. एम्पीयर के नियम से
रिक्त स्थान –
(i) एक आदर्श अमीटर का प्रतिरोध ……………….. होता है।
(ii) एक आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध ……………….. होता है।
(iii) चुम्बकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर लगने वाले बल को ……………….. कहते है।
(iv) यदि कोई आवेशित कण एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र की दिशा में किसी वेग से गति करता है तो उस पर लगने वाला चुम्बकीय बल ……………….. होता है।
(v) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएं सदैव ……………….. बनती है।
निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए –
(i) कुंडलियों में फेरों की संख्या बढ़ने पर वोल्टमीटर की सुग्राहिता बढ़ जाती है।
(ii) कुंडलियों में फेरों की संख्या बढ़ने पर धारामापी की सुग्राहिता बढ़ जाती है।
(iii) सीधे लम्बे धारावाही तार के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र दंड चुम्बक के सदृश्य होता है।
(iv) धारावाही समतल पाश किसी चुम्बकीय द्विध्रुव के तुल्य होता है।
(v) एम्पियर का परिपथीच नियम केवल उन्ही धाराओं पर लागू होता है जो समय के साथ परिवर्तित होती है।
2 अंक वाले प्रश्न –
(i) बायो सावर्ट का नियम लिखिए।
(ii) एम्पियर का परिपथीय नियम लिखिए।
(iii) एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित धारावाही लूप पर बल आघूर्ण के लिए सूत्र लिखिए यह कब अधिकतम होता है?
(iv) n फेरों वाली धारावाही वृत्ताकार कुंडली के केन्द्र पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता के लिए सूत्र लिखिए यह किन-किन कारकों पर निर्भर करती है?
(v) शन्ट किसे कहते हैं?
3 अंक वाले प्रश्न –
(i) चुम्बकीय क्षेत्र के बायो सेवर्ट नियम और स्थिर विद्युत् के कूलॉम नियम में समानताएं और असमानताएं लिखिए।
(ii) लोरेंज बल किसे कहते है? यह कब-कब शून्य होता है? स्पष्ट कीजिए।
(iii) कोई गतिमान आवेशित कण एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में निम्नलिखित प्रकार से प्रवेश करता है -1. क्षेत्र के समांतर, 2. क्षेत्र के लंबवत, 3. क्षेत्र से 45° पर।
प्रत्येक स्थिति में आवेशित कण का पथ कैसा होगा?
(iv) विद्युत् धारा के चुम्बकीय प्रभाव के आधार पर आपको एक विद्युत् घंटी तैयार करना है। आप किस सिद्धांत पर इसे तैयार करेंगे? घंटी के परिपथ का संरचनात्मक चित्र भी बनाइये।
(v) अनियमित आकृति का कोई विद्युत् धारावाही पाश किसी बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित है। यदि तार लचीला है तो यह वृत्ताकार आकृति क्यों ग्रहण कर लेता है?
4 अंक वाले प्रश्न –
(i) धारामापी की सुग्राहिता से आप क्या समझते है? इसके लिये व्यंजक लिखिए तथा इसकी सुग्राहिता कैसे बढ़ाई जा सकती है?
(ii) दो समान्तर विद्युत्वाही चालकों के मध्य लगने वाले बल के व्यंजक व्युत्पन्न कीजिये। यह कब आकर्षण बल होगा और कब प्रतिकर्षण बल?
(iii) किसी धारावाही वृत्तीय कुंडली के अक्ष पर स्थित किसी बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता हेतु व्यंजक ज्ञात कीजिए।
(iv) धारावाही चालक तार पर चुम्बकीय क्षेत्र में बल के लिए सूत्र स्थापित कीजिए।
(v) परिनालिका किसे कहते है? किसी धारावाही परिनालिका के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता हेतु व्यंजक ज्ञात कीजिए।
अध्याय 5 – चुम्बकत्व एवं द्रव्य
रिक्त स्थान-
(i) चुम्बकीय आघूर्ण की दिशा चुम्बकीय अक्ष के अनुदिश ……………….. ध्रुव की ओर होती है।
(ii) धारावाही परिनालिका को स्वतंत्रतापूर्वक लटका दिया जाये तो वह ……………….. दिशा में ठहरता है।
(iii) किसी भी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल चुम्बकीय फ्लक्स हमेशा ……………….. होता है।
(iv) किसी चुंबक के ……………….. को अलग-अलग नहीं किया जा सकता है।
(v) चुम्बकीय द्विध्रुव-आघूर्ण का मात्रक ……………….. है।
सत्य/असत्य
(i) चुम्बकीय प्रवृत्ति एक विमाहीन राशि है।
(ii) एक दंड चुम्बक धारावाहिक सीधे तार की भाँति व्यवहार करता है।
(iii) अतिचालक अनुचुम्बकीय पदार्थ होता है।
(iv) प्रतिचुम्बकीय पदार्थ के परमाणु का परिणामी चुम्बकीय आघूर्ण शून्य होता है।
(v) परमाणु में परिक्रमण करते प्रत्येक इलेक्ट्रॉन का एक चुम्बकीय आघूर्ण होता है।
एक वाक्य में उत्तर
(i) किसी परिनालिका में एक कुंडली लिपटी है, जिस सिरे पर धारा दिशा वामावर्त हो तो वहाँ कौन सा ध्रुव बनेगा?
(ii) यदि लौह दंड चुम्बक को पिघलाया जाये तो क्या इसका चुम्बकत्व बना रहेगा?
(iii) चुम्बकत्व का निश्चित परीक्षण क्या है?
(iv) प्रतिचुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति का मान कितना होता है?
(v) अतिचालक पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति का मान कितना होता है?