MP Board 9th Mathematics Angle Subtended by a Chord at a Point
यहाँ कक्षा 9 के गणित विषय के अध्याय “वृत्त” (Circles) के विषय “जीवा द्वारा एक बिन्दु पर अंतरित कोण” (Angle Subtended by a Chord at a Point) पर नए सिरे से तैयार किए गए नोट्स हैं। आपके निर्देशानुसार, इसमें सभी शीर्षकों और उप-शीर्षकों (Headings and Subheadings) को द्विभाषी (Hindi और English) रखा गया है और विषय-वस्तु को समझने में आसान हिंदी में लिखा गया है।
अध्याय 9: वृत्त – जीवा द्वारा एक बिन्दु पर अंतरित कोण (Chapter 9: Circles – Angle Subtended by a Chord at a Point)
1. मूल अवधारणाएँ (Basic Concepts)
वृत्त की ज्यामिति को समझने के लिए सबसे पहले कुछ मूल शब्दों को समझना आवश्यक है:
- वृत्त (Circle): एक तल पर उन सभी बिंदुओं का समूह जो तल के एक स्थिर बिंदु (केंद्र या Centre) से समान दूरी (त्रिज्या या Radius) पर हों।
- जीवा (Chord): वृत्त के किन्हीं भी दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त की ‘जीवा’ कहलाता है। (नोट: वृत्त का व्यास या Diameter वृत्त की सबसे लंबी जीवा होता है)।
- अंतरित कोण (Subtended Angle): यदि किसी जीवा के दोनों सिरों (End points) को वृत्त के केंद्र (या वृत्त पर स्थित किसी अन्य बिंदु) से मिला दिया जाए, तो उन दोनों रेखाओं के बीच बनने वाले कोण को ‘जीवा द्वारा अंतरित कोण’ कहते हैं।
2. महत्वपूर्ण प्रमेय (Important Theorems)
इस विषय पर मुख्य रूप से दो बहुत ही महत्वपूर्ण प्रमेय हैं, जिन पर परीक्षा के अधिकांश प्रश्न आधारित होते हैं:
प्रमेय 1 (Theorem 1):
“वृत्त की बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।”
(Equal chords of a circle subtend equal angles at the centre.)
- व्याख्या (Explanation): यदि एक वृत्त में दो जीवाएँ
और
लंबाई में बिल्कुल बराबर हैं (
), तो उनके द्वारा वृत्त के केंद्र
पर बनाए गए कोण भी आपस में बिल्कुल बराबर होंगे (अर्थात्
)।
प्रमेय 2 / प्रमेय 1 का विलोम (Theorem 2 / Converse of Theorem 1):
“यदि एक वृत्त की जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण बराबर हों, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं।”
(If the angles subtended by the chords of a circle at the centre are equal, then the chords are equal.)
- व्याख्या (Explanation): यह पहले नियम का ठीक उल्टा (विलोम) है। यदि आपको प्रश्न में यह दिया गया है कि केंद्र पर बनने वाले कोण बराबर हैं (
), तो आप निश्चित रूप से कह सकते हैं कि दोनों जीवाओं की लंबाई भी बराबर होगी (
)।
3. परीक्षा के लिए 10 महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके हल (10 Important Questions and Solutions for Exam)
प्रश्न 1 (Question 1): वृत्त के केंद्र पर कोण अंतरित करने का क्या अर्थ है?
उत्तर: जब किसी वृत्त की जीवा के दोनों अंत बिंदुओं (End points) को वृत्त के केंद्र से मिलाया जाता है, तो केंद्र पर दोनों त्रिज्याओं के बीच जो कोण बनता है, उसे जीवा द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण कहते हैं।
प्रश्न 2 (Question 2): एक वृत्त में जीवा PQ की लंबाई 6 सेमी है और यह केंद्र पर
का कोण बनाती है। उसी वृत्त में एक अन्य जीवा RS की लंबाई भी 6 सेमी है। जीवा RS द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण कितना होगा?
उत्तर: हम जानते हैं कि वृत्त की बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं (प्रमेय 1)।
चूँकि
सेमी है,
अतः
द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण =
द्वारा अंतरित कोण =
।
प्रश्न 3 (Question 3): सिद्ध कीजिए कि वृत्त की बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं। (प्रमेय 1 का प्रमाण)
उत्तर:
दिया है: एक वृत्त जिसका केंद्र
है, और इसमें दो बराबर जीवाएँ
और
हैं (अर्थात्
)।
सिद्ध करना है: ![]()
प्रमाण:
और
में,
(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
(दिया है)
अतः SSS (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम से,
चूँकि सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCT), अतः
सिद्ध हुआ।
प्रश्न 4 (Question 4): सिद्ध कीजिए कि यदि एक वृत्त की जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण बराबर हों, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं। (प्रमेय 2 का प्रमाण)
उत्तर:
दिया है: एक वृत्त जिसका केंद्र
है, और जीवाओं
तथा
द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण बराबर हैं (अर्थात्
)।
सिद्ध करना है: ![]()
प्रमाण:
और
में,
(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
(दिया है)
(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
अतः SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से,
इसलिए CPCT नियम से,
सिद्ध हुआ।
प्रश्न 5 (Question 5): दो वृत्त सर्वांगसम (Congruent) होते हैं, यदि उनकी त्रिज्याएँ समान हों। सिद्ध कीजिए कि सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ उनके केंद्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
उत्तर:
माना दो सर्वांगसम वृत्त हैं जिनके केंद्र क्रमशः
और
हैं। दोनों की त्रिज्याएँ
हैं।
माना पहले वृत्त की जीवा
और दूसरे वृत्त की जीवा
बराबर हैं (
)।
और
में,
(सर्वांगसम वृत्तों की त्रिज्याएँ)
(सर्वांगसम वृत्तों की त्रिज्याएँ)
(दिया है)
SSS सर्वांगसमता नियम से,
अतः CPCT से,
सिद्ध हुआ।
प्रश्न 6 (Question 6): सिद्ध कीजिए कि यदि सर्वांगसम वृत्तों की जीवाएँ उनके केंद्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं।
उत्तर:
माना दो सर्वांगसम वृत्त हैं जिनके केंद्र
और
हैं।
दिया है: ![]()
और
में,
(सर्वांगसम वृत्तों की त्रिज्याएँ)
(दिया है)
(सर्वांगसम वृत्तों की त्रिज्याएँ)
SAS सर्वांगसमता नियम से,
अतः CPCT से,
सिद्ध हुआ।
प्रश्न 7 (Question 7): O केंद्र वाले एक वृत्त में, दो बराबर जीवाएँ MN और XY हैं। यदि
और
है, तो
का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
हम जानते हैं कि बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं।
चूँकि
है, अतः ![]()
![]()
![]()
![]()
प्रश्न 8 (Question 8): एक वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी है। इसकी एक जीवा AB केंद्र पर
(समकोण) का कोण अंतरित करती है। जीवा AB की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
वृत्त का केंद्र
है।
एक समकोण त्रिभुज है जहाँ
है।
पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem) के अनुसार:![]()
(जहाँ
सेमी, जो त्रिज्या है)![]()
![]()
सेमी।
प्रश्न 9 (Question 9): एक वृत्त की एक जीवा वृत्त की त्रिज्या के बराबर है। इस जीवा द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
माना वृत्त का केंद्र
और त्रिज्या
है। जीवा
की लंबाई भी
के बराबर दी गई है।
अब
में:
(त्रिज्या)
(त्रिज्या)
(प्रश्न के अनुसार दिया गया है)
चूँकि त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर हैं (
), अतः
एक समबाहु त्रिभुज (Equilateral triangle) है।
हम जानते हैं कि समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक अंतः कोण
होता है।
अतः जीवा
द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण
होगा।
प्रश्न 10 (Question 10): सत्य या असत्य बताइए और कारण दीजिए: “किसी वृत्त में एक लंबी जीवा, एक छोटी जीवा की तुलना में केंद्र पर बड़ा कोण अंतरित करती है।”
उत्तर:
सत्य (True)।
कारण: ज्यामिति के नियमों (त्रिकोणमिति और त्रिभुज की असमिकाओं) के अनुसार, यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ स्थिर (Fixed) हों (जैसे वृत्त की त्रिज्याएँ), तो तीसरी भुजा (जीवा) की लंबाई जितनी अधिक होगी, उसके सामने का कोण (केंद्र पर बना कोण) भी उतना ही बड़ा होगा। इसलिए, लंबी जीवा हमेशा केंद्र पर बड़ा कोण बनाती है।
Interactive Visualization
यहाँ वृत्त की जीवाओं और उनके द्वारा केंद्र पर अंतरित कोणों (Angle subtended by chords) के प्रमेयों को समझने के लिए एक इंटरैक्टिव विज़ुअलाइज़ेशन (Interactive Visualization) दिया गया है।
आप इस टूल का उपयोग करके स्वयं देख सकते हैं कि कैसे जीवा की लंबाई बदलने से केंद्र पर बनने वाला कोण बदलता है, और कैसे बराबर जीवाएँ हमेशा बराबर कोण बनाती हैं।
इसे कैसे उपयोग करें:
- नीचे दिए गए स्लाइडर्स का उपयोग करके जीवा AB (Chord AB) और जीवा CD (Chord CD) की लंबाई बदलें।
- ध्यान दें कि जैसे-जैसे आप जीवा की लंबाई बढ़ाते हैं, केंद्र पर बनने वाला कोण (Angle AOB या COD) भी बढ़ता है।
- दोनों जीवाओं की लंबाई को एक समान (Equal) करके देखें। आप देखेंगे कि उनके द्वारा केंद्र पर बनाए गए कोण भी बिल्कुल बराबर हो जाते हैं। यह हमारे प्रमेय 1 (Theorem 1) का सीधा प्रमाण है।