MP Board 9th Mathematics Criteria for Congruence of Triangles
यहाँ कक्षा 9 के गणित अध्याय “त्रिभुज” के अंतर्गत “त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कसौटियाँ” (Criteria for Congruence of Triangles) पर विस्तृत नोट्स और परीक्षा-उपयोगी 10 महत्त्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं।
कक्षा 9 गणित: त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कसौटियाँ (Criteria for Congruence of Triangles)
ज्यामिति में दो त्रिभुजों को सर्वांगसम (Congruent) सिद्ध करने के लिए हमें उनके सभी 6 भागों (3 कोण और 3 भुजाओं) को बराबर दिखाने की आवश्यकता नहीं होती है। गणितज्ञों ने इसके लिए 5 विशेष नियम या कसौटियाँ (Criteria) बनाई हैं। यदि इनमें से कोई भी एक शर्त पूरी होती है, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
आइए इन 5 नियमों को विस्तार से समझते हैं:
1. SAS सर्वांगसमता नियम (Side-Angle-Side / भुजा-कोण-भुजा)
- नियम: दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण (अर्थात् उन दोनों भुजाओं के बीच का कोण) दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
- ध्यान दें: यह एक अभिगृहीत (Axiom) है, जिसे बिना प्रमाण के सत्य माना गया है। कोण का दोनों बराबर भुजाओं के ठीक ‘बीच’ में होना अनिवार्य है (SSA मान्य नहीं है)।
2. ASA सर्वांगसमता नियम (Angle-Side-Angle / कोण-भुजा-कोण)
- नियम: दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अंतर्गत भुजा (अर्थात् उन दोनों कोणों को जोड़ने वाली भुजा) दूसरे त्रिभुज के दो कोणों और उनकी अंतर्गत भुजा के बराबर हों।
- इसे एक प्रमेय (Theorem) माना जाता है जिसे SAS नियम की सहायता से सिद्ध किया जा सकता है।
3. AAS सर्वांगसमता नियम (Angle-Angle-Side / कोण-कोण-भुजा)
- नियम: यदि किसी एक त्रिभुज के दो कोण और कोई एक भुजा (जो उनके बीच में न हो) दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों और संगत भुजा के बराबर हों, तो भी दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- कारण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है, इसलिए यदि दो कोण बराबर हैं, तो तीसरा कोण अपने आप बराबर हो जाता है।
4. SSS सर्वांगसमता नियम (Side-Side-Side / भुजा-भुजा-भुजा)
- नियम: यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ एक अन्य त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के ठीक बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
5. RHS सर्वांगसमता नियम (Right angle-Hypotenuse-Side / समकोण-कर्ण-भुजा)
- नियम: यदि दो समकोण त्रिभुजों (Right-angled triangles) में, एक त्रिभुज का कर्ण (Hypotenuse) और एक अन्य भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक संगत भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- यहाँ: R = समकोण (90°), H = कर्ण (Hypotenuse), S = भुजा (Side)।
परीक्षा के लिए 10 महत्त्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर (10 Important Q&A)
प्रश्न 1: त्रिभुजों की ‘सर्वांगसमता’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: सर्वांगसमता का अर्थ है ‘सभी प्रकार से बराबर’। यदि एक त्रिभुज को दूसरे त्रिभुज के ऊपर रखने पर वह उसे पूर्णतया ढक ले, तो वे दोनों त्रिभुज सर्वांगसम कहलाते हैं। इनके आकार (Shape) और माप (Size) बिल्कुल समान होते हैं।
प्रश्न 2: त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करने की कुल कितनी कसौटियाँ (नियम) हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर: त्रिभुजों की सर्वांगसमता के 5 मुख्य नियम हैं:
- SAS (भुजा-कोण-भुजा)
- ASA (कोण-भुजा-कोण)
- AAS (कोण-कोण-भुजा)
- SSS (भुजा-भुजा-भुजा)
- RHS (समकोण-कर्ण-भुजा)
प्रश्न 3: “सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं।” इसे संक्षेप में (शॉर्टकट में) क्या कहते हैं?
उत्तर: इसे संक्षेप में CPCT (Corresponding Parts of Congruent Triangles) कहते हैं।
प्रश्न 4: क्या AAA (कोण-कोण-कोण) त्रिभुजों की सर्वांगसमता की कोई कसौटी है? कारण सहित बताइए।
उत्तर: नहीं, AAA (कोण-कोण-कोण) सर्वांगसमता की कसौटी नहीं है। क्योंकि यदि दो त्रिभुजों के तीनों कोण बराबर हों, तो उनका आकार (Shape) तो समान होगा, लेकिन उनका माप (Size/भुजाओं की लंबाई) अलग-अलग हो सकता है। (उदाहरण: एक छोटा समबाहु त्रिभुज और एक बड़ा समबाहु त्रिभुज)।
प्रश्न 5: क्या SSA (भुजा-भुजा-कोण) या ASS नियम त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए मान्य है?
उत्तर: नहीं, SSA या ASS नियम सर्वांगसमता के लिए मान्य नहीं है। SAS नियम के लिए यह अनिवार्य है कि बराबर कोण दोनों बराबर भुजाओं के ‘अंतर्गत’ (ठीक बीच में) ही होना चाहिए।
प्रश्न 6: RHS सर्वांगसमता नियम में ‘R’, ‘H’ और ‘S’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: RHS का अर्थ है:
- R (Right angle): समकोण (90°)
- H (Hypotenuse): कर्ण (समकोण के सामने वाली सबसे लंबी भुजा)
- S (Side): त्रिभुज की अन्य कोई एक भुजा
प्रश्न 7: यदि
और
में
,
और
है, तो दोनों त्रिभुज किस नियम से सर्वांगसम होंगे?
उत्तर: यहाँ दो भुजाएँ (
और
) और उनके बीच का अंतर्गत कोण (
) क्रमशः दूसरी त्रिभुज की दो भुजाओं और बीच के कोण के बराबर है। अतः यहाँ SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम लगेगा।
प्रश्न 8: ASA और AAS सर्वांगसमता नियम में क्या मुख्य अंतर है?
उत्तर: * ASA नियम: इसमें बराबर भुजा दोनों बराबर कोणों के ठीक बीच (अंतर्गत) में स्थित होती है।
- AAS नियम: इसमें बराबर भुजा दोनों बराबर कोणों के बीच में नहीं होती, बल्कि अलग (बाहर) होती है।
प्रश्न 9:
और
में, यदि
,
(कर्ण) और
हो, तो दोनों त्रिभुज किस कसौटी से सर्वांगसम होंगे?
उत्तर: चूँकि यहाँ एक समकोण (90°), एक कर्ण और एक भुजा बराबर दी गई है, अतः यह RHS सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम होंगे।
प्रश्न 10: यदि
है, तो CPCT के अनुसार
और भुजा
किसके बराबर होंगे?
उत्तर: सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं। शीर्षों की स्थिति के अनुसार:
के संगत कोण
है, अतः
होगा।- भुजा
के संगत भुजा
है, अतः
होगा।