MP Board 9th Mathematics Congruence of Triangles
कक्षा 9 गणित: त्रिभुजों की सर्वांगसमता (Congruence of Triangles) – संपूर्ण नोट्स और महत्त्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
गणित की ज्यामिति में ‘सर्वांगसमता’ एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषय है। नीचे ‘त्रिभुजों की सर्वांगसमता’ के विस्तृत नोट्स और परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण प्रश्न उनके हल सहित दिए गए हैं।
1. सर्वांगसमता का अर्थ (Meaning of Congruence)
- परिभाषा: ‘सर्वांगसम’ का अर्थ है ‘सभी प्रकार से बराबर’, अर्थात् वे आकृतियाँ जिनके समान आकार (Shape) और समान माप (Size) होते हैं।
- उदाहरण: एक ही त्रिज्या (Radius) वाले दो वृत्त, एक ही माप के दो वर्ग, या एक ही बैंक द्वारा जारी किए गए दो एक जैसे ATM कार्ड सर्वांगसम होते हैं।
- त्रिभुजों में सर्वांगसमता: यदि हम एक त्रिभुज को दूसरे के ऊपर रखें और वह उसे पूर्णतया ढक ले, तो वे दोनों त्रिभुज सर्वांगसम कहलाते हैं।
- यदि
और
सर्वांगसम हैं, तो इसे
लिखा जाता है।
2. CPCT का नियम (Rule of CPCT)
- सर्वांगसम त्रिभुजों में संगत भाग (Corresponding parts) हमेशा बराबर होते हैं।
- गणित में इसे संक्षेप में ‘CPCT’ (Corresponding Parts of Congruent Triangles) लिखा जाता है।
3. त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कसौटियाँ (Criteria for Congruence)
दो त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित 5 नियमों (कसौटियों) का प्रयोग किया जाता है:
- SAS सर्वांगसमता नियम (भुजा-कोण-भुजा): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण (बीच का कोण) दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
- ASA सर्वांगसमता नियम (कोण-भुजा-कोण): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अंतर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के दो कोणों और उनकी अंतर्गत भुजा के बराबर हों।
- AAS सर्वांगसमता नियम (कोण-कोण-भुजा): यदि एक त्रिभुज के दो कोण और एक भुजा दूसरे त्रिभुज के दो कोणों और संगत भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- SSS सर्वांगसमता नियम (भुजा-भुजा-भुजा): यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- RHS सर्वांगसमता नियम (समकोण-कर्ण-भुजा): यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण (Hypotenuse) और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
4. परीक्षा के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण प्रश्न और उनके हल (Important Q&A)
प्रश्न 1: चित्र में,
और
है। दर्शाइए कि (i)
और (ii)
है।
हल: (i)
और
में,
(दिया है)
(ये शीर्षाभिमुख कोण हैं)
(दिया है)अतः, SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा,
।
(ii) चूँकि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं, इसलिए इनके अन्य संगत भाग भी बराबर होंगे।
अतः,
(CPCT)।
परन्तु ये रेखाखंडों
और
के लिए तिर्यक रेखा द्वारा बनाए गए एकांतर कोणों (Alternate angles) का एक युग्म बनाते हैं।
अतः,
है।
प्रश्न 2: चतुर्भुज
में,
है और रेखा
कोण
को समद्विभाजित करती है। दर्शाइए कि
है।
और
के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
हल:
और
में:
(प्रश्न में दिया है)
(क्योंकि
, कोण
को समद्विभाजित करता है)
(यह दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ/Common भुजा है)अतः, SAS सर्वांगसमता नियम के अनुसार,
है।चूँकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं, अतः CPCT नियम से संगत भुजाएँ बराबर होंगी। इसलिए
है।
प्रश्न 3:
एक चतुर्भुज है, जिसमें
और
है। सिद्ध कीजिए कि (i)
, और (ii) ![]()
हल:
(i)
और
में:
(दिया है)
(दिया है)
(उभयनिष्ठ / Common भुजा)अतः, SAS सर्वांगसमता नियम से,
सिद्ध होता है।
(ii) चूँकि
है, अतः उनके संगत भाग बराबर होंगे।
इसलिए,
(CPCT द्वारा)।
प्रश्न 4: रेखा
, कोण
को समद्विभाजित करती है और
रेखा
पर स्थित कोई बिंदु है।
और
कोण
की भुजाओं पर
से डाले गए लम्ब हैं। दर्शाइए कि
है।
हल:
और
में:
(क्योंकि
और
लम्ब हैं)
(क्योंकि रेखा
, कोण
को समद्विभाजित करती है)
(उभयनिष्ठ / Common भुजा)अतः, AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम द्वारा,
है।(इससे यह भी सिद्ध होता है कि
है, अर्थात् बिंदु
कोण की भुजाओं से समान दूरी पर है)।