MP Board 9th Mathematics Lines and Angles Summary

MP Board 9th Mathematics Lines and Angles Summary

यहाँ कक्षा 9 गणित के अध्याय 6 “रेखाएँ और कोण” (Lines and Angles) का एक त्वरित और संपूर्ण सारांश (Quick Summary) दिया गया है। परीक्षा से पहले पूरे अध्याय को कम समय में दोहराने (Revise) के लिए यह बहुत उपयोगी है:

कक्षा 9 गणित अध्याय 6: रेखाएँ और कोण – त्वरित सारांश (Quick Summary)

1. आधारभूत पद और परिभाषाएँ (Basic Terms)

  • रेखाखंड (Line Segment): रेखा का वह भाग जिसके दो अंत बिंदु होते हैं।
  • किरण (Ray): रेखा का वह भाग जिसका केवल एक ही अंत बिंदु होता है।
  • संरेख बिंदु (Collinear Points): यदि तीन या अधिक बिंदु एक ही सीधी रेखा पर स्थित हों, तो वे संरेख कहलाते हैं, अन्यथा असंरेख (Non-collinear) कहलाते हैं।

2. कोणों के प्रकार (Types of Angles)

  • न्यून कोण (Acute): 0° से बड़ा और 90° से छोटा।
  • समकोण (Right): ठीक 90° के बराबर।
  • अधिक कोण (Obtuse): 90° से बड़ा और 180° से छोटा।
  • ऋजु कोण (Straight): ठीक 180° के बराबर (सीधी रेखा)।
  • प्रतिवर्ती कोण (Reflex): 180° से बड़ा और 360° से छोटा। (किसी कोण का प्रतिवर्ती कोण = 360° – वह कोण)।

3. कोणों के युग्म (Pairs of Angles)

  • पूरक कोण (Complementary): जिन दो कोणों का योग ठीक 90° हो।
  • संपूरक कोण (Supplementary): जिन दो कोणों का योग ठीक 180° हो।
  • आसन्न कोण (Adjacent): ऐसे दो कोण जिनका शीर्ष और एक भुजा उभयनिष्ठ (Common) हो।
  • रैखिक युग्म (Linear Pair): यदि दो आसन्न कोणों का योग 180° हो, तो वे एक सीधी रेखा बनाते हैं। इसे ‘रैखिक युग्म अभिगृहीत’ कहते हैं।
  • शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite): जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं, तो आमने-सामने बनने वाले कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं। ये हमेशा आपस में बराबर होते हैं।

4. समांतर रेखाएँ और तिर्यक रेखा (Parallel Lines & Transversal)

जब एक तिर्यक रेखा (Transversal) दो समांतर (Parallel) रेखाओं को काटती है, तो:

  1. संगत कोण (Corresponding Angles): आपस में बराबर होते हैं।
  2. एकांतर अंतः कोण (Alternate Interior Angles): (Z-आकार वाले कोण) आपस में बराबर होते हैं।
  3. तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण (Co-interior Angles): इन दोनों कोणों का योग हमेशा 180° (संपूरक) होता है।

नोट: जो रेखाएँ एक ही रेखा के समांतर होती हैं, वे परस्पर (एक-दूसरे के भी) समांतर होती हैं।

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5. त्रिभुज के कोणों के गुण (Properties of Triangles)

  • कोण योग गुण (Angle Sum Property): किसी भी त्रिभुज के तीनों अंतः कोणों का योग हमेशा 180° होता है।
  • बहिष्कोण प्रमेय (Exterior Angle Theorem): यदि त्रिभुज की किसी एक भुजा को आगे बढ़ाया जाए, तो इस प्रकार बाहर बनने वाला कोण (बहिष्कोण), दोनों अंतः अभिमुख (सामने वाले) कोणों के योग के बराबर होता है।

परीक्षा टिप (Exam Tip): इस अध्याय के सवालों को हल करते समय चित्र में सीधी रेखा (180°) और X-आकार (शीर्षाभिमुख कोण) ढूँढने का प्रयास करें। 90% सवाल इन्हीं दो नियमों से शुरू होते हैं!

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